हिमाचल की इस खूबसूरत जगह की डरावनी कहानी पढ़कर काँप जाएगी आपकी रूह

हिमाचल की इस खूबसूरत जगह की डरावनी कहानी पढ़कर काँप जाएगी आपकी रूह

इस जगह को लेकर कई भूतिया कहानियां आज भी बताई जाती हैं। एक प्रचलित कहानी के अनुसार दगशाई जेल में कैदियों को कड़ी यातनाएं और कठोर सजा दी जाती थी, जिससे जेल में उनकी मृत्यु हो गई थी। कहा जाता है कि आज भी उन कैदियों की आत्मा यहां रहती हैं।

देवनगरी कहा जाने वाला हिमाचल प्रदेश राज्य किसी स्वर्ग से कम नहीं है। यहाँ के ऊँचे पहाड़, हरे-भरे मैदान और खूबसूरत वादियां हर किसी को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं। हिमाचल प्रदेश में कई ऐसे पर्यटक स्थल हैं जो देश ही नहीं दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं। हालाँकि, यहाँ कुछ ऐसी जगहें भी हैं जिनके बारे में हर कोई नहीं जानता है और जहाँ जाने से लोग कतराते हैं। ऐसी ही एक जगह हिमाचल प्रदेश के सोलन से लगभग 11 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस जगह का नाम है दागशाई। यह भारत का एक बहुत पुराना कैंट टाउन हैं, जो समुद्र तल से 5,600 मीटर पर स्थित है। दगशाई की खूबसूरत पहाड़ियों और हरियाली को देखकर कोई यकीन नहीं कर पाएगा कि यह जगह देश की भूतिया जगहों में से एक है। दागशाई को मुगलकाल से भूतिया किस्सों के लिए जाना जाता है।

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पहले दाग-ए-शाही था इस जगह का नाम

ऐसा कहा जाता है कि मुग़ल काल में जो व्यक्ति राजा से गद्दारी करता था उसे दाग-ए-शाही कहते थे, जिसका मतलब है शाही दाग। ऐसे अपराधियों को सजा देने के लिए इस स्थान पर एक जेल बनाई गई थी। धीरे-धीरे इस जगह का नाम दगशाई हो गया।

बताई जाती हैं कई भूतिया कहानियाँ

इस जगह को लेकर कई भूतिया कहानियां आज भी बताई जाती हैं। एक प्रचलित कहानी के अनुसार दगशाई जेल में कैदियों को कड़ी यातनाएं और कठोर सजा दी जाती थी, जिससे जेल में उनकी मृत्यु हो गई थी। कहा जाता है कि आज भी उन कैदियों की आत्मा यहां रहती हैं। यह जेल उस समय में हिमाचल के कालापानी के नाम से मशहूर थी।

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दागशाई में थी ब्रिटिश मेजर की पत्नी की कब्र

वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि लगभग 1909 में देश में ब्रिटिश हुकूमत थी, उस समय दगशाई में कई सुविधाएं मौजूद थीं। उस समय ब्रिटिश मेजर जॉर्ज वेस्टन अपनी पत्नी मैरी के साथ दागशाई में रहता था। मेजर डॉक्टर था और उसकी पत्नी नर्स लेकिन दोनों के कोई बच्चा नहीं था। एक बार मेजर और उसकी पत्नी को एक संत मिले, जिनके आशीर्वाद से मेजर की वाइफ प्रेगनेंट हुईं। लेकिन प्रेगनेंसी के आठवें महीने में ही मेजर की पत्नी की मौत हो गई। उस समय मेजर ने अपनी पत्नी और अजन्मे बच्चे को दागशाई में दफना दिया और उनके लिए बहुत खूबसूरत कब्र बनवाई। कहा जाता है कि इस कब्र में लगा हुआ संगमरमर इंग्लैंड से मंगवाया गया था। समय बीतता गया और मैरी की कब्र से जुड़े कई किस्से स्थानीय लोगों में फैलते गए। ऐसा कहा जाता है कि यहाँ रहने वाले लोगों का मानना था कि जो गर्भवती महिला मैरी की कब्र से संगमरमर का टुकड़ा ले जाएगी उसको बेटा पैदा होगा। कई लोगों ने बेटे के जन्म के लालच में यहाँ से संगमरमर ले जाना शुरू कर दिया जिससे मैरी के कब्र का खूबसूरत स्ट्रक्चर बिगड़ने लगा। कई लोगों का कहना है कि मैरी की आत्मा ने अपनी कब्र को बचाने के लिए सबको परेशान करना शुरू कर दिया। कई लोगों ने यह दावा भी किया है कि उन्होंने यहाँ पर मैरी की आत्मा को  घूमते हुए भी देखा है।

- प्रिया मिश्रा