यह रहीं हैदराबाद की वो इमारतें जिनकी दीवारों पर लिखा है वर्षों पुराना इतिहास

यह रहीं हैदराबाद की वो इमारतें जिनकी दीवारों पर लिखा है वर्षों पुराना इतिहास

हैदराबाद को नवाबों के शहर के नाम से भी जाना जाता है। इस शहर को पर्ल सिटी भी कहा जाता है। हैदराबाद अतीत का एक आकर्षक नज़ारा प्रदान करता है, जिसमें 400 वर्षों तक फैली एक समृद्ध मिश्रित सांस्कृतिक और ऐतिहासिक परंपरा है।

हैदराबाद को नवाबों के शहर के नाम से भी जाना जाता है। इस शहर को पर्ल सिटी भी कहा जाता है। हैदराबाद अतीत का एक आकर्षक नज़ारा प्रदान करता है, जिसमें 400 वर्षों तक फैली एक समृद्ध मिश्रित सांस्कृतिक और ऐतिहासिक परंपरा है। पर्यटकों के लिए भी ये एक विशेष क्षेत्र है। ये शहर अपने आप में तमाम रंगों को समेटे हुए है। अगर आप इस शहर में घूमने आते हैं तो यहां आपको देखने के लिए बहुत कुछ मिलेगा जैसे हेरिटेज स्मारक, खूबसूरत झील और पार्क, उद्यान, रिसॉर्ट्स आदि। इसके अलावा स्वादिष्ट व्यंजन और सुखद खरीदारी का अनुभव भी आपको मिलेगा। आइये जानते हैं इस शहर में क्या-क्या खास है।

चारमीनार 

हैदराबाद की मशहूर जगहों में से एक है चारमीनार। अगर आप यहां आते हैं तो चारमीनार के आस-पास घूमने और अनुभव करने के लिए बहुत कुछ है। चारमीनार इस्लामी वास्तुकला का एक बहुत ही बेहतर उदाहरण है, चारमीनारों को विशाल मेहराब द्वारा सहायता प्रदान किया गया है। अगर आप यहां साइट सीन कर रहे हैं तो आप यहाँ के कुछ स्थानीय व्यंजन, विशेष रूप से लाद बाजार में हैदराबादी बिरयानी का लुत्फ उठा सकते हैं या पाथेर गट्टी में दुकानों से सुंदर मोती और स्मृति चिह्नों को खरीद सकते हैं। चारमीनार के पास भाग्यलक्ष्मी मंदिर भी यात्रा करने वाला एक लोकप्रिय स्थान है।

गोलकोंडा 

हैदराबाद का गोलकोंडा पूरे भारत के प्रसिद्ध फोर्ट में से एक है। गोलकोंडा किले का नाम तेलुगु शब्द “गोला कोंडा” से निकला है जिसका अर्थ है “शेफर्ड हिल”। गोलकोंडा मूल रूप से एक मिट्टी किला था, जो बहमनी वंश में और बाद में कुतुब शाहिस तक पहुंचा परन्तु आज ये किला एक बहुत बड़ा पर्यटन स्थल बन चुका है।

सालारजंग म्यूजियम

सालारजंग म्यूजियम हैदराबाद में ऐतिहासिक इमारत चारमीनार से दो किलोमीटर के घेरे में स्थित है। यह देश का शायद अकेला ऐसा संग्रहालय है जिसमे अधिकाँश संकलन एक ही व्यक्ति द्वारा किया गया है। सालार जंग संग्रहालय तेलंगाना राज्य की राजधानी हैदराबाद शहर में मूसा नदी के दक्षिणी तट पर दार-उल-शिफा में स्थित एक कला संग्रहालय है। यह भारत के तीन राष्ट्रीय संग्रहालयों में से एक है। 

सिकंदराबाद

सिकंदराबाद को हैदरबाद के जुड़वां शहर के रूप में जाना जाता है। इस शहर का नाम सिकंदर जाह के नाम पर पड़ा है। उनका संबंध आसिफ जाही वंश से था और वह हैदराबाद के तीसरे निजाम थे। सिंकदराबाद की स्थापना 1806 में की गई थी और आजादी तक यह मुख्य रूप से ब्रिटिश सैनिकों की छावनी था।

-सुषमा तिवारी