Unlock 5 के 90वां दिन: सरकार ने कहा- कोविड के नए स्वरूप पर टीके के कारगर न होने के कोई साक्ष्य नहीं

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 29, 2020   20:41
Unlock 5 के 90वां दिन: सरकार ने कहा- कोविड के नए स्वरूप पर टीके के कारगर न होने के कोई साक्ष्य नहीं

नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वी के पॉल ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण के नए मामलों और इससे जान गंवाने वालों की संख्या में लगातार कमी आ रही है, जो दुनियाभर की स्थिति को देखते हुए आश्वस्त करती है।

सरकार ने मंगलवार को कहा कि कोविड-19 का टीका वायरस के नए स्वरूप के खिलाफ भी काम करेगा और ऐसे कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं कि मौजूदा टीका ब्रिटेन या दक्षिण अफ्रीका से आए सार्स-सीओवी-2 के नए स्वरूप से सुरक्षा में नाकाम रहेगा। प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के विजय राघवन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अब तक यह नहीं पाया गया है कि नया स्वरूप बीमारी की गंभीरता को बढ़ा देता है। उन्होंने कहा, “ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है कि मौजूदा टीका ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका में सामने आए कोविड-19 के नए स्वरूप के खिलाफ नाकाम रहेगा। अधिकांश टीके संक्रमित स्पाइक प्रोटीन को लक्षित करते हैं, जिसमें परिवर्तन होते हैं लेकिन टीका हमारे प्रतिरोधी तंत्र को व्यापक सुरक्षात्मक एंटीबॉडी तैयार करने के लिये उत्प्रेरित करते हैं।” नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वी के पॉल ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण के नए मामलों और इससे जान गंवाने वालों की संख्या में लगातार कमी आ रही है, जो दुनियाभर की स्थिति को देखते हुए आश्वस्त करती है। पॉल ने कहा, “हम कोविड-19 के नए मामलों, उपचाराधीन मरीजों और मौतों को लेकर लगातार गिरावट देख रहे हैं, जो काफी आश्वस्त करने वाला है। यह इस वक्त खास तौर पर महत्वपूर्ण है, जब कुछ राष्ट्र लगातार विनाशकारी स्थिति का सामना कर रहे हैं।”

पॉल ने कहा कि सर्दी के मौसम में अधिसंख्य आबादी के लिये यह बीमारी अब भी चुनौती है। उन्होंने कहा, “वायरस का ब्रिटिश स्वरूप भारत समेत कई देशों में पहुंच चुका है, इस स्वरूप का अपना दौर हो सकता है और हमें बेहद सावधान रहना होगा।” कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों का लैंगिक और उम्र के आधार पर आंकड़ा उपलब्ध कराते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि देश में कोविड-19 के कुल 63 प्रतिशत मामले पुरुषों में सामने आए जबकि 37 प्रतिशत महिलाएं संक्रमित हुईं। वहीं, कोविड-19 से हुई मौत के कुल मामलों में 70 प्रतिशत मरीज पुरुष थे। उन्होंने कहा, “आठ प्रतिशत मामले 17 साल से कम उम्र वालों में सामने आए जबकि 18 से 25 साल की उम्र के लोगों में संक्रमण का आंकड़ा 13 प्रतिशत रहा। 26-44 साल आयुवर्ग के 39 प्रतिशत लोग, 45-60 साल आयुवर्ग के 26 प्रतिशत लोग और 60 साल से ज्यादा उम्र के 14 प्रतिशत मरीज संक्रमित हुए।” भूषण ने कहा कि कोविड-19 से मरने वालों में 70 प्रतिशत पुरुष थे जबकि इस बीमारी से जान गंवाने वाले 45 प्रतिशत मरीजों की उम्र 60 साल से कम थी। उन्होंने कहा कि देश में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या छह महीने बाद 2.7 लाख दर्ज की गई, वहीं, कुल संक्रमण दर अब 6.02 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने बताया कि पिछले हफ्ते के दौरान संक्रमण दर 2.25 प्रतिशत थी। उन्होंने कहा कि देश में उपचाराधीन मरीजों के कुल मामलों में से 60 प्रतिशत पांच राज्यों से सामने आए हैं जिनमें महाराष्ट्र, केरल, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ शामिल हैं। 

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 उत्तर प्रदेश में कोविड-19 संक्रमित 18 और लोगों की मौत

उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान कोविड-19 संक्रमित 18 और लोगों की मौत हो गई तथा 1044 नए मरीजों में इस संक्रमण की पुष्टि हुई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मंगलवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य में कोविड-19 से 18 और लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही राज्य में इस वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 8340 हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रयागराज और वाराणसी में दो-दो मरीजों की मौत हुई है। इसके अलावा लखनऊ, कानपुर नगर, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, मेरठ, गोरखपुर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, प्रतापगढ़, रायबरेली, गाजीपुर, चंदौली, उन्नाव तथा बांदा में कोविड-19 संक्रमित एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में 1044 नए मरीजों में कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें सबसे ज्यादा 194 नए मरीज राजधानी लखनऊ में मिले हैं। इसके अलावा प्रयागराज में 60, गाजियाबाद में 59 तथा सहारनपुर में 56 नए मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। प्रदेश में इस वक्त 14,344 मरीजों का इलाज किया जा रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में 1,32,107 नमूनों की जांच की गई। प्रदेश में अब तक कुल 2 करोड़ 36 लाख 40902 नमूनों की जांच की जा चुकी है।

उत्तराखंड में कोरोना वायरस के 317 नए मामले

उत्तराखंड में मंगलवार को 317 नए मरीजों में कोविड- 19 महामारी की पुष्टि हुई जबकि छह अन्य मरीजों ने महामारी से दम तोड़ दिया। यहां प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, 317 मरीजों के मिलने के साथ ही प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या बढ़कर 90,167 हो गयी है। ताजा मामलों में से सर्वाधिक 128 देहरादून जिले में सामने आए जबकि नैनीताल में 48, उत्तरकाशी में 38, पिथौरागढ़ में 25 और हरिद्वार में 22 मरीज मिले। मंगलवार को प्रदेश में छह और कोविड-19 मरीजों ने दम तोड़ दिया। महामारी से अब तक प्रदेश में 1495 मरीज जान गंवा चुके हैं। प्रदेश में मंगलवार को 555 और मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हो गए। अब तक कुल 82,243 मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं और उपचाराधीन मामलों की संख्या 5256 है। प्रदेश में कोविड-19 के 1173 मरीज प्रदेश से बाहर चले गए हैं। 

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कोविड से मरने वालों में 70 प्रतिशत पुरूष

स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि देश में कोविड​​-19के कारण जान गंवाने वाले लोगों में करीब 45 प्रतिशत की उम्र 60 वर्ष से कम थी वहीं मृतकों में करीब 70 प्रतिशत पुरूष थे। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि कुल संक्रमितों में 63 प्रतिशत पुरुष और 37 प्रतिशत महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि आठ प्रतिशत मामलों में संक्रमितों की उम्र 17 वर्ष से कम थी जबकि 18-25 वर्ष आयु वर्ग में 13 प्रतिशत, 26-44 वर्ष आयु समूह में 39 प्रतिशत, 45-60 वर्ष आयु समूह में 26 प्रतिशत तथा 60 साल से ऊपर उम्र वाले लोगों में 14 प्रतिशत मामले सामने आए। भूषण ने बताया कि कोविड-19 के कारण अब तक हुई मौतों में से 45 प्रतिशत पीड़ित 60 वर्ष से कम आयु थे और इस बीमारी के कारण जान गंवाने वालों में 70 प्रतिशत पुरुष थे। भूषण द्वारा पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार कोविड के कारण हुयी मौतों में करीब 55 प्रतिशत मामलों में पीड़ितों की उम्र 60 साल और उससे अधिक थी जबकि 45 से 60 वर्ष के आयु वर्ग में 33 प्रतिशत, 26-44 वर्ष आयु वर्ग में 10 प्रतिशत और 18-25 साल से कम उम्र के लोगों के बीच यह दर एक प्रतिशत रही। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से पीड़ित 2.7 लाख लोगों का इलाज चल रहा है और यह संख्या छह महीने के बाद कम हो रही है। संचयी सकारात्मकता दर 6.02 प्रतिशत है, जबकि पिछले सप्ताह सकारात्मकता दर 2.25 प्रतिशत थी। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के कुल उपचाराधीन मरीजों में 60 प्रतिशत महाराष्ट्र, केरल, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में हैं। भूषण ने आगे कहा कि प्रति दस लाख आबादी पर भारत में मामलों की संख्या 7,408 है। दुनिया के कम देशों में यह दर इतनी कम है। वहीं प्रति दस लाख आबादी पर मौतों की संख्या 107 है। 

केरल में मृतकों की संख्या 3,000 के पार

केरल में कोरोना वायरस संक्रमण से 24 और लोगों की मौत के बाद मृतकों की कुल संख्या 3,000 से अधिक हो गई जबकि संक्रमण के 5,887 नए मामले सामने आने के साथ ही मृतकों की तादाद 7,49,449 लाख तक पहुंच गई है। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री के के शैलजा ने यहां एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि लगभग ,5029 लोगों के संक्रमण से उबरने के बाद ठीक हो चुके लोगों की कुल संख्या बढ़कर6,81,397 हो गई है। फिलहाल 64,861 रोगियों का इलाज चल रहा है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि बीते 24 घंटे के दौरान 61,778 नमूनों की जांच की गई। राज्य में अब तक कुल 77,89,764 नमूनों की जांच की जा चुकी है।

झारखंड में कोरोना वायरस से एक और व्यक्ति की मौत

झारखंड में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण से एक और व्यक्ति की मौत हो गयी जिसके चलते राज्य में महामारी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1020 हो गयी है। वहीं संक्रमण के 152 नये मामले सामने आये जिन्हें मिलाकर राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या अब 1,14,420 हो गयी। स्वास्थ्य विभाग की मंगलवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार राज्य में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस से संक्रमित एक और मरीज की मौत हो गयी। इसके साथ राज्य में संक्रमण से मरने वालों की कुल संख्या 1020 हो गयी है। राज्य के 1,14,420 संक्रमितों में से 1,11,818 अब तक ठीक होकर अपने घरों को लौट चुके हैं और 1582 संक्रमितों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है। पिछले 24 घंटे में राज्य में एक संक्रमित व्यक्ति की मौत हो गयी जो खूंटी का रहने वाला था। आज कुल 15440 नमूनों की जांच की गयी जिनमें से 152 संक्रमित पाये गये। इनमें रांची में 71, पूर्वी सिंहभूम में 30 और बोकारो में 10 लोग संक्रमित पाये गये। 

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महाराष्ट्र में कोरोना के 3,018 नए मामले

महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के 3018 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्यामंगलवार को बढ़कर 19,25,066 हो गई। वहीं, महाराष्ट्र के पड़ोसी राज्य गोवा में कोरोना वायरस संक्रमण के 112 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या मंगलवार को बढ़कर 50,884 हो गई। महाराष्ट्र के एक स्वास्थ्य अधिकारी ने मुंबई में कहा कि 69 औररोगियों की मौत के बाद राज्य में मृतकों की संख्या बढ़कर 49,373 हो गई है। अधिकारी ने कहा कि दूसरी ओर दिनभर में 5,572 रोगियों को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद ठीक हो चुके लोगों की कुल संख्या 18,20,021 हो गई है। राज्य में अब भी 54,537 रोगियों का इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा कि मुंबई में संक्रमण के 537 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या 2,92,008 हो गई है। इसके अलावा शहर में छह और रोगियों की मौत के साथ ही मृतकों की तादाद 11,094 तक पहुंच गई है। वहीं, पड़ोसी राज्य गोवा में कोरोना वायरस संक्रमण के 112 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या मंगलवार को 50,884 हो गई। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दिनभर में 116 लोगों को ठीक होने के बाद विभिन्न उपचार केन्द्रों से छुट्टी दे दी गई। एक रोगी की मौत हुई है। अधिकारी ने कहा कि राज्य में ठीक हो चुके लोगों की कुल संख्या बढ़कर 49,199 जबकि मृतकों की तादाद 735 हो गई है। राज्य में अब भी 950 लोग वायरस से संक्रमित हैं।

राजस्थान में कोरोना से छह और लोगों की मौत  

राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण के 626 नये मामले मंगलवार को सामने आये। इससे अब तक राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या 3,06,784 हो गई है। वहीं राज्य में संक्रमण से छह और लोगों की मौत हो गई जिससे संक्रमण से मरने वालों की कुल संख्‍या 2683 हो गयी है। अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार शाम छह बजे तक बीते 24 घंटे में राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण से छह और लोगों की मौत हुई है। इससे मरने वालों की संख्या अब बढ़कर 2683 हो गयी। राज्य में अब तक जयपुर में 499, जोधपुर में 287, अजमेर में 219, बीकानेर में 165, कोटा में 165, भरतपुर में 120, उदयपुर में 110, पाली में 109 और सीकर में 95 संक्रमितों की मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को राज्य में 1149 लोग कोरोना वायरस संक्रमण से ठीक हुए इससे राज्य में अब तक कुल 2,93,888 लोग ठीक हो चुके हैं। राज्य में 10,213 रोगी उपचाराधीन हैं। नये मामलों में जयपुर में 108, कोटा में 59, जोधपुर में 52, उदयपुर में 46, नागौर में 45, बांरा में 43 और भीलवाड़ा में 38 नये संक्रमित लोग शामिल हैं।     

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कोविड-19 ने महाराष्ट्र के स्वास्थ्य तंत्र की परीक्षा ली

महाराष्ट्र के लिए 2020 में स्वास्थ्य चिंता का एक बड़ा विषय रहा है क्योंकि उस पर कोविड-19 का साया बना रहा है और इस महामारी के रोजाना के नये मामलों और मौतों के संदर्भ में यह राज्य में देश में कई बार शीर्ष पर रहा। राज्य में कोविड-19 का पहला मामला नौ मार्च को आया। तब से संक्रमण और उसके चलते मौतों का ग्राफ तेजी से बढ़ा और सितंबर में यह शीर्ष पर चला गया। पिछले दो महीने में उसका ग्राफ नीचे आया। राज्य की स्वास्थ्य सुविधाओं पर बढ़ते मरीजों का बहुत दबाव पड़ा। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे के अनुसार राज्य की राजधानी मुम्बई की व्यापक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय विमान कनेक्टिविटी है, जिसके फलस्वरूप बड़ी संख्या में लोग संक्रमण के साथ यहां पहुंचे और स्थानीय स्तर पर यह महामारी तेजी से फैली। उन्होंने कहा, ‘‘मार्च में, केंद्र ने राज्य को 11 देशों की सूची देकर वहां से आने वाले यात्रियों की जांच करने को कहा। इसका नतीजा यह हुआ कि (गैर सूची वाले देशों) के कई संक्रमित लोग जांच से बच गये और बाद में उन्होंने स्थानीय लोगों को संक्रमित किया। ’’ उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकारमार्च से ही केंद्र से मुम्बई हवाई अड्डे पर पर जांच कर्मी बढ़ाने तथा सूची में और देशों को शामिल करने की मांग कर रही थी। एक अन्य बड़ा मुद्दा सामने आया, वह था कोरोना वायरस के चलते लगाये गये लॉकडाउन के कारण बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरों का पलायन करना। अधिकारियों के अनुसार अप्रैल से 10 लाख से अधिक प्रवासी राज्य के विभिन्न हिस्सों से लौट गये। राज्य के लिए मुश्किलें तब और बढ़ गयीं जब एक दूसरे के बीच दूरी बनाने के नियम की धज्जियां उड़ाते हुए सैकड़ों श्रमिक 16 अप्रैल को बांद्रा स्टेशन पर पहुंच गये और उन्हें उनके मूल स्थानों पर भेजने के लिए इंतजाम की मांग करने लगे। इस संदर्भ में एक टीवी पत्रकार को गलत सूचना के प्रसारण के आरोप में गिरफ्तार भी किया गया।

उन्नीस मई को बांद्रा टर्मिनस भी पर ऐसी ही स्थिति पैदा हो गयी। लॉकडाउन के दौरान श्रमिकों को घर जाने के लिए जो भी साधन मिले, उससे ही वे निकल पड़े। कुछ तो पैदल ही जाने लगे। इसी बीच, मई में बहुत दुखद घटना यह हुई कि महाराष्ट्र के औरंगाबाद में मध्य प्रदेश लौट रहे कम से कम 16 श्रमिक मालगाड़ी से कुचलकर मर गये। मई से लेकर सितंबर तक महाराष्ट्र में कोविड-19 के सबसे अधिक मामले सामने आये और मरीजों की मौत हुई। जून में विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फड़णवीस ने सरकार पर कोविड-19 से हुई 1000 मौतों की रिपोर्ट नहीं करने का आरोप लगाया। चौंकाने वाली एक अन्य बात यह रही कि जून में जलगांव में कोविड-19 की एक बुजुर्ग मरीज का शव लापता होने के आठ दिन बाद शौचालय में मिला, जो प्रशासन की बड़ी लापरवाही थी। अगस्त और सितंबर के बीच राज्य में इस महामारी का बहुत बुरा दौर देख गया और हर सप्ताह एक लाख मामले जुड़े। अक्टूबर से महामारी के रोजाना मामले घटने लगे। राज्य की आस अब टीके पर टिकी है जिसके अगले साल के प्रारंभ तक उपलब्ध हो जाने की उम्मीद है।   





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