क्या होता है IFSC? जानें इंटरनेट बैंकिंग के लिए क्यों होता है इसका इस्तेमाल और कहाँ मिलता है?

प्रत्येक बैंक शाखा का अपना एक अलग IFSC (Indian Financial System Code) होता है। यह 11 डिजिट का अल्फा-न्यूमरिक कोड होता है जो RBI (Reserve Bank of India) हर बैंक की शाखा को असाइन करता है। इसका मतलब यह है कि हर शाखा का अपना एक यूनीक कोड होता है।
वो जमाना कुछ और था जब पैसे ट्रांसफर करने के लिए बैंक जाकर घंटों लाइन में लगना पड़ता था। आज के समय में आप ऑनलाइन बैंकिंग के जरिए घर बैठे आसानी से एक खाते से दूसरे खाते में पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं। इसके लिए आपको बस इंटरनेट और बैंक डिटेल्स की जरूरत होती है। जब हम ऑनलाइन बैंकिंग जैसे इमीडिएट पेमेंट सर्विसेज (IMPS), रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (NEFT) के जरिए किसी को पैसे ट्रांसफर करते हैं तो उसकी बैंक डिटेल्स डालते हैं। इस डिटेल में कस्टमर का नाम, बैंक का नाम, अकाउंट नंबर और IFSC कोड शामिल होता है। यदि ये सभी डिटेल्स सही तरह ना भरी गई हो पैसा सही अकाउंट में नहीं पहुंच पाता है।
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क्या होता है IFSC?
आपको बता दें कि प्रत्येक बैंक शाखा का अपना एक अलग IFSC (Indian Financial System Code) होता है। यह 11 डिजिट का अल्फा-न्यूमरिक कोड होता है जो RBI (Reserve Bank of India) हर बैंक की शाखा को असाइन करता है। इसका मतलब यह है कि हर शाखा का अपना एक यूनीक कोड होता है। ऑनलाइन बैंक में पैसे ट्रांसफर करते समय आपको यह सुनिश्चित करना होता है कि आप सही खाता संख्या और IFSC दर्ज करें। एक वैलिड IFSC के बिना हम इंटरनेट बैंकिंग या मनी ट्रांसफर नहीं कर सकते।
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IFSC के लिए क्या करना पड़ता है?
अगर आपको अपनी बैंक शाखा का IFSC नहीं पता है तो बैंक से मिली पासबुक का पहला पेज देखें। इस पर बैंक शाखा का IFSC लिखा होता है। इसके अलावा आपकी चेकबुक की लीफ पर भी IFSC अंकित होता है।
प्रिया मिश्रा
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