Unique Temple: संतान सुख और नौकरी के लिए इन प्रसिद्ध Temple में चढ़ाते हैं Resume व लौकी

Unique Temple
AI Image

कुछ मंदिर ऐसे भी हैं, जहां पर मनोकामना पूरी होने पर बायोडाटा, तांबे-पीतल की घंटियां, हरी लौकी और लकड़ी आदि चढ़ाई जाती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इन अनोखे मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं।

भारत को मंदिरों का देश भी कहा जाता है। यहां पर उत्तर से लेकर दक्षिण तक कई भव्य और प्राचीन मंदिर हैं। यह मंदिर सिर्फ पूजा-पाठ का स्थान नहीं बल्कि लोक परंपरा और अनोखी मान्यताओं के लिए भी जाने जाते हैं। भारत के हर एक मंदिर की अपनी कहानी है, जो उसको अन्य मंदिरों से अलग बनाते हैं। आमतौर पर ज्यादातर मंदिरों में मन्नत पूरी होने पर फल-फूल, मिठाई, पैसा, नारियल, सोना और चांदी चढ़ाई जाती है। लेकिन कुछ मंदिर ऐसे भी हैं, जहां पर मनोकामना पूरी होने पर बायोडाटा, तांबे-पीतल की घंटियां, हरी लौकी और लकड़ी आदि चढ़ाई जाती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इन अनोखे मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं।

चितई गोलू देवता मंदिर

चितई गोलू देवता मंदिर उत्तराखंड के अल्मोड़ा से करीब 8 किमी दूर है। यह राज्य के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। यहां पर गौर भैरव के रूप में भगवान शिव के अवतार गोलू देवता की पूजा-अर्चना की जाती है।

इसे भी पढ़ें: Famous Ganesh Temple in India: Siddhivinayak से लेकर Trinetra Ganesh तक, भारत के 11 प्रसिद्ध मंदिरों का धार्मिक महत्व

गोलू देवता को न्याय का देवता भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि यहां पर श्रद्धालु अपनी इच्छा और न्याय पाने के लिए कागज पर अर्जी या स्टांप पेपर लिखकर बांधते हैं। वहीं मन्नत पूरी होने के बाद श्रद्धालु भगवान को तांबे या पीतल की घंटियां अर्पित की जाती हैं। इस कारण इस मंदिर को घंटी वाला मंदिर भी कहा जाता है।

महामाया माता मंदिर

महामाया माता मंदिर राजस्थान के नागौर जिले में स्थित है। इस मंदिर को 'बच्चों वाली माता' के धाम के रूप में भी जाना जाता है। इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत है कि यहां पर बच्चों को होने वाली गंभीर बीमारियों का इलाज आध्यात्मिक तरीके से होता है।

जैसे अगर किसी बच्चे को देर से बोलने की समस्या, बोलने में तुतलापना, लकवा या गंभीर शारीरिक परेशानियां होती हैं, तो महामाया माता मंदिर के दरबार में ठीक होने की प्रार्थना की जाती है। इसके अलावा बच्चे के रोग खत्म होने पर मां को प्रसन्न करने के लिए लकड़ी का पालना अर्पित किया जाता है।

शाटन देवी मंदिर

शाटन देवी मंदिर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के रतनपुर में स्थित है। यह मंदिर लोगों के बीच आस्था का बड़ा केंद्र है। वैसे तो इस मंदिर में हर कोई दर्शन के लिए आ सकता है। लेकिन जो लोग संतान प्राप्ति की इच्छा रखते हैं, तो उनके लिए यह मंदिर बेहद खास है। इस मंदिर की अनोखी परंपरा के अनुसार, भक्त अपनी मनोकामना पूरी होने पर तेंदू और लौकी की लकड़ियां चढ़ाते हैं।

करणी माता मंदिर

करणी माता का मंदिर राजस्थान के सीकर जिले में हैं। यहां पर नौकरी की इच्छा रखने वालों की मनोकामना पूरी होती है। करणी माता मंदिर को लेकर धार्मिक मान्यता है कि अगर कोई जातक बार-बार नौकरी या फिर इंटरव्यू में असफल हो जाता है। तो यहां पर दर्शन करने मात्र से व्यक्ति की नौकरी लग जाती है। वहीं यहां पर कई भक्त करणी माता के चरणों में सीवी भी अर्पित करते हैं, जिससे की उनकी अच्छी सी नौकरी लग जाए।

All the updates here:

अन्य न्यूज़