ई-स्कूटर की बैटरी जल्दी खत्म क्यों होती है? जानें सही देखभाल के 5 तरीके

E Scooter Battery
Image Source: Pexels

आजकल समय की कमी के कारण लोग फास्ट चार्जिंग का ज्यादा इस्तेमाल करने लगे हैं। हालांकि यह सुविधा सुविधाजनक जरूर है, लेकिन बार-बार इसका उपयोग बैटरी के लिए हानिकारक हो सकता है। फास्ट चार्जिंग के दौरान बैटरी ज्यादा गर्म होती है, जिससे अंदर के केमिकल सेल्स पर असर पड़ता है। यह धीरे-धीरे बैटरी की क्षमता को कम कर देता है।

आज के समय में पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर तेजी से आकर्षित किया है। खासकर इलेक्ट्रिक स्कूटर शहरों में एक किफायती और पर्यावरण-friendly विकल्प बनकर उभरे हैं। लेकिन कई यूजर्स की एक आम समस्या सामने आती है—शुरुआत में अच्छा माइलेज देने वाली बैटरी समय के साथ जल्दी खत्म होने लगती है। ऐसे में सही देखभाल बेहद जरूरी हो जाती है, जिससे न केवल स्कूटर की रेंज बढ़ती है बल्कि बैटरी की उम्र भी लंबी होती है।

20-80 चार्जिंग नियम अपनाएं

इलेक्ट्रिक स्कूटर में आमतौर पर लिथियम-आयन बैटरी का उपयोग होता है, जिसे सही तरीके से चार्ज करना बहुत महत्वपूर्ण होता है। विशेषज्ञों के अनुसार बैटरी को कभी भी 0% तक डिस्चार्ज नहीं होने देना चाहिए। बेहतर होगा कि जब बैटरी 20% पर पहुंचे तभी उसे चार्ज किया जाए। इसके अलावा रोजाना 100% तक चार्ज करने से भी बचना चाहिए। बैटरी को 20% से 80% के बीच रखना सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका माना जाता है। इससे बैटरी के सेल्स पर कम दबाव पड़ता है और उसकी लाइफ कई गुना बढ़ जाती है।

इसे भी पढ़ें: Tata Motors का बड़ा धमाका: अब 10 लाख से कम में Panoramic Sunroof वाली Nexon हुई लॉन्च

फास्ट चार्जिंग का सीमित उपयोग करें

आजकल समय की कमी के कारण लोग फास्ट चार्जिंग का ज्यादा इस्तेमाल करने लगे हैं। हालांकि यह सुविधा सुविधाजनक जरूर है, लेकिन बार-बार इसका उपयोग बैटरी के लिए हानिकारक हो सकता है। फास्ट चार्जिंग के दौरान बैटरी ज्यादा गर्म होती है, जिससे अंदर के केमिकल सेल्स पर असर पड़ता है। यह धीरे-धीरे बैटरी की क्षमता को कम कर देता है। इसलिए कोशिश करें कि जब तक जरूरी न हो, कंपनी द्वारा दिए गए रेगुलर चार्जर का ही उपयोग करें।

टायर प्रेशर की नियमित जांच जरूरी

अक्सर लोग इस बात को नजरअंदाज कर देते हैं कि टायर प्रेशर का सीधा असर स्कूटर की रेंज पर पड़ता है। अगर टायर में हवा कम होगी तो स्कूटर को चलने के लिए ज्यादा ऊर्जा (बैटरी) खर्च करनी पड़ती है। इससे बैटरी जल्दी खत्म होती है और रेंज भी कम हो जाती है। इसलिए हफ्ते में कम से कम एक बार टायर प्रेशर जरूर चेक करें। सही प्रेशर न सिर्फ बैटरी बचाता है बल्कि राइड को भी स्मूथ बनाता है।

धूप और गर्मी से बचाकर रखें स्कूटर

इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी का सबसे बड़ा दुश्मन है अत्यधिक गर्मी। अगर स्कूटर को लंबे समय तक सीधे धूप में पार्क किया जाए तो बैटरी का तापमान बढ़ जाता है। ज्यादा गर्मी बैटरी सेल्स को नुकसान पहुंचाती है और उसकी क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है। इसलिए हमेशा कोशिश करें कि स्कूटर को छायादार या ठंडी जगह पर ही पार्क करें। इससे बैटरी सुरक्षित रहती है और उसकी परफॉर्मेंस भी बेहतर बनी रहती है।

सही देखभाल से बचाएं भारी खर्च

इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी बदलवाना काफी महंगा खर्च हो सकता है, जो कई बार जेब पर भारी पड़ता है। लेकिन अगर ऊपर बताए गए छोटे-छोटे नियमों का पालन किया जाए तो बैटरी सालों तक बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। सही चार्जिंग आदतें, नियमित जांच और सही पार्किंग की आदतें अपनाकर आप न सिर्फ स्कूटर की रेंज बढ़ा सकते हैं बल्कि लंबे समय तक बड़े खर्च से भी बच सकते हैं।

इलेक्ट्रिक स्कूटर भविष्य की जरूरत हैं, लेकिन इनकी असली ताकत उनकी बैटरी में छिपी होती है। अगर आप थोड़ी सी सावधानी और सही आदतें अपनाते हैं तो आपका EV स्कूटर लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। याद रखें—EV की असली बचत सही देखभाल में ही है।

- डॉ. अनिमेष शर्मा

All the updates here:

अन्य न्यूज़