Top 10 Breaking News | 4 March 2026 | US- Israel- Iran War | Mojtaba Khamenei Iran New Supreme Leader | आज की मुख्य सुर्खियाँ यहां विस्तार से पढ़ें

Breaking News 4 March 2026 | आज की ताज़ा और बड़ी खबरें- देश-दुनिया की ताज़ा और बड़ी खबरें अब आपकी उंगलियों पर! प्रभासाक्षी के इस समाचार बुलेटिन में पढ़ें आज की मुख्य सुर्खियाँ। पूरी जानकारी के लिए नीचे दिए गए लिंक पर जाएँ।
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मध्य पूर्व में जारी भीषण युद्ध के बीच एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सैन्य विशेषज्ञों को हैरान कर दिया है। 'वॉल स्ट्रीट जर्नल' (WSJ) की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि कुवैत के F/A-18 हॉर्नेट विमान ने गलती से अमेरिका के तीन F-15E स्ट्राइक ईगल फाइटर जेट्स को मार गिराया। यह घटना युद्ध के तीसरे दिन तब हुई जब ईरान, कुवैत और अन्य खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोनों की बौछार कर रहा था। एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, कुवैती वायुसेना का पायलट ईरानी ड्रोनों को इंटरसेप्ट करने के मिशन पर था। इसी दौरान भारी तनाव और 'कन्फ्यूजन' के बीच पायलट ने गलती से तीन मिसाइलें दाग दीं, जो सीधे अमेरिकी विमानों को जा लगीं। राहत की बात यह रही कि तीनों F-15 विमानों के पायलट और चालक दल के सदस्य समय रहते 'इजेक्ट' करने में सफल रहे और सुरक्षित हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक F-15 जेट को आग की लपटों के साथ आसमान से नीचे गिरते देखा गया।
मध्य पूर्व में जारी भीषण युद्ध के बीच अमेरिकी प्रशासन ने एक बड़ा खुलासा किया है। व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बुधवार को दावा किया कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए ओमान और स्विट्जरलैंड में हुई तीन दौर की उच्चस्तरीय बातचीत पूरी तरह विफल रही थी। इसी विफलता के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' को हरी झंडी दी। हफ्तों तक, अमेरिकी डिप्लोमैट्स ईरान के अधिकारियों के साथ टेबल पर बैठे और डील करने की कोशिश की। वे ओमान और स्विट्जरलैंड गए। उन्होंने इंसेंटिव दिए, रेड लाइन तय कीं, और बार-बार वापस आते रहे। आखिर में, वे इस नतीजे पर पहुंचे कि यह सब समय की बर्बादी थी और उन्होंने प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप को अपनी रिपोर्ट दी।
ईरान के राजनीतिक गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिवंगत आयतुल्लाह अली खामेनेई के बेटे मोज्तबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei ) को ईरान का नया सुप्रीम लीडर (सर्वोच्च नेता) चुन लिया गया है। 'ईरान इंटरनेशनल' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, देश की 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' ने मंगलवार को इस महत्वपूर्ण पद के लिए उनके नाम पर मुहर लगा दी। ईरान इंटरनेशनल ने जानकार सूत्रों के हवाले से बताया, "एक्सपर्ट्स की असेंबली ने अली खामेनेई के बेटे मोजतबा को अगला सुप्रीम लीडर चुना है।"
ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल का सैन्य अभियान 'ऑपरेशन फ्युरी' (Operation Fury) आज चौथे दिन भी जारी रहा। मंगलवार को हमलों का मुख्य केंद्र तेहरान का मेहराबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (Mehrabad Airport) रहा, जहाँ सिलसिलेवार धमाकों से राजधानी दहल गई।
मध्य पूर्व में जारी महायुद्ध के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि वह ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में अमेरिका और इजरायल का साथ दे सकता है। 28 फरवरी को शुरू हुए 'ऑपरेशन एपिक फ्युरी' के बाद से ही ईरान लगातार खाड़ी देशों को निशाना बना रहा है, जिससे क्षेत्र में तनाव चरम पर है।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने परमाणु संचालित फ्रांसीसी जहाज को बाल्टिक सागर से भूमध्यसागर भेजने का आदेश दिया है। मैक्रों ने कहा कि चार्ल्स डी गॉल की वायुसेना विंग और सहायक फ्रिगेट इसे सुरक्षा प्रदान करेंगे। फ्रांसीसी टीवी पर प्रसारित एक पूर्व-रिकॉर्डेड भाषण में मैक्रों ने कहा कि पिछले कुछ घंटों में पश्चिम एशिया में राफेल लड़ाकू विमान, वायु रक्षा प्रणाली और हवाई रडार प्रणाली तैनात की गई हैं।
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जिसकी चाल दूर तक सोच कर चली जाए उसे युद्ध भी रास्ता नहीं रोक पाता। दुनिया के नक्शे पर इस वक्त एक ऐसा इलाका है जहां हर तरफ तनाव, मिसाइलें और युद्ध की खबरें हैं। पश्चिम एशिया में हालात इतने नाजुक हैं कि कभी भी कुछ बड़ा हो सकता है। कई सैन्य ठिकाने निशाने पर हैं। आसमान में लड़ाकू विमान गूंज रहे हैं और समुंदर में युद्धपोतों की हलचल बढ़ गई है। लेकिन इस पूरे तनाव के बीच ईरान की जमीन पर एक ऐसा स्थान है जहां सब कुछ अलग दिखाई देता है। ऐसा लगता है मानो यहां किसी ने अदृश्य सुरक्षा कवच लगा दिया हो। दरअसल जब हम पश्चिम एशिया के हालात देखते हैं तो लगता है कि कोई भी जगह पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। लेकिन चाबहार पोर्ट के मामले में स्थिति बिल्कुल अलग है। इसका सबसे बड़ा कारण है भारत का भारी निवेश और रणनीतिक भूमिका। भारत ने पिछले कई वर्षों से इस पोर्ट को विकसित करने में जमकर निवेश किया है और इसे एक बड़े व्यापारिक गलियारे में बदलने की योजना बनाई है। यही वजह है कि यह सिर्फ ईरान का बंदरगाह नहीं रहा बल्कि कई देशों के हितों से जुड़ गया। भारत के लिए यह प्रोजेक्ट अचानक नहीं आया। इसके पीछे कई सालों की रणनीति है। असल में भारत को अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुंचने में हमेशा एक बड़ी समस्या रही।
अमेरिका और इज़राइल के हमलों के चलते तेहरान खुले टकराव की ओर बढ़ रहा है और चीन की अर्थव्यवस्था को चलाने वाली तेल आपूर्ति श्रृंखलाओं को खतरा पैदा हो गया है, ऐसे में ईरान के साथ चीन के गहरे ऊर्जा संबंध अचानक वर्षों में सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं। बीजिंग ने हमलों की निंदा की है और युद्धविराम का आह्वान किया है। लेकिन उसने किसी भी आर्थिक जवाबी कार्रवाई से परहेज किया है जिससे उसकी ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को ही खतरा हो सकता है। 28 फरवरी को संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल ने तेहरान, इस्फ़हान और क़ोम में स्थित ईरानी परमाणु सुविधाओं, मिसाइल प्रतिष्ठानों और नेतृत्व परिसरों पर समन्वित हमले किए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस हमले को ऑपरेशन एपिक फ्यूरी नाम दिया और इसे महीनों से ठप पड़ी परमाणु वार्ताओं और बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बाद एक निर्णायक प्रहार बताया।
अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव तेजी से बढ़ गया है। इस टकराव का सबसे ज्यादा असर खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले भारतीयों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। अनुमान है कि खाड़ी के अलग अलग देशों में करीब 88 लाख भारतीय रहते और काम करते हैं, इसलिए वहां की अस्थिर स्थिति भारत के लिए भी चिंता का विषय बन गई है। भारत सरकार ने साफ कहा है कि खाड़ी में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा और भलाई उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और वहां की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसी के तहत भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर सहायता देने के लिए चौबीसों घंटे काम करने वाला कंट्रोल कक्ष भी स्थापित किया है, ताकि संकट की स्थिति में भारतीय नागरिकों की तुरंत मदद की जा सके।
फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने व्यापार, निवेश और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए बुधवार (4 मार्च, 2026) को भारत की चार दिवसीय यात्रा शुरू की। स्टब 5 मार्च, 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वार्ता करेंगे, जिसके बाद दोनों पक्षों द्वारा कई क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए कई समझौता ज्ञापनों (एमओयू) को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। बैठक में पश्चिम एशिया में चल रहे संकट पर प्रमुखता से चर्चा होने की संभावना है। स्टब ने नई दिल्ली रवाना होने से पहले कहा कि यह यात्रा व्यापार सहित फिनलैंड और भारत के बीच संबंधों को और मजबूत करेगी। स्टब भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे। फिर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से भी उनकी मुलाकात होगी। इसके बाद राष्ट्रपति स्टब मुंबई का दौरा करेंगे, जहां वे महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वे भारतीय व्यापारिक नेताओं के साथ बातचीत करेंगे और भारत-फिनलैंड व्यापार कार्यक्रम में भाग लेंगे। वे मुंबई विश्वविद्यालय के छात्रों को भी संबोधित करेंगे। भारत और फिनलैंड के बीच सौहार्दपूर्ण, मैत्रीपूर्ण और बहुआयामी संबंध है, जो साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित है।
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