केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, लक्ष्मी विलास बैंक और DBS Bank के मर्जर को दी मंजूरी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 25, 2020   16:33
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केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, लक्ष्मी विलास बैंक और DBS Bank के मर्जर को दी मंजूरी

सरकार ने लक्ष्मी विलास बैंक के डीबीएस बैंक में विलय को मंजूरी दे दी है।एक आधिकारिक प्रवक्ता ने ट्वीट किया, ‘‘मंत्रिमंडल ने लक्ष्मी विलास बैंक के डीबीएस बैंक इंडिया में विलय की योजना को मंजूरी दे दी है। इसके साथ अब जमाकर्ताओं पर बैंक से निकासी को लेकर अब कोई अंकुश नहीं रहेगा।’’

नयी दिल्ली। सरकार ने संकट में फंसे लक्ष्मी विलास बैंक (एलवीबी) बैंक के डीबीएस बैंक इंडिया लि. (डीबीआईएल) में विलय को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा सरकार ने जमाकर्ताओं के लिए बैंक से निकासी की सीमा को भी हटा लिया है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि मंत्रिमंडल ने एलवीबी के डीबीएस बैंक इंडिया लि. में विलय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से जहां बैंक के 20 लाख जमाकर्ताओं को राहत मिलेगी, वहीं 4,000 कर्मचारियों की सेवाएं भी सुरक्षित रहेंगी।

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एक आधिकारिक प्रवक्ता ने ट्वीट किया, ‘‘मंत्रिमंडल ने लक्ष्मी विलास बैंक के डीबीएस बैंक इंडिया में विलय की योजना को मंजूरी दे दी है। इसके साथ अब जमाकर्ताओं पर बैंक से निकासी को लेकर अब कोई अंकुश नहीं रहेगा।’’ मंत्री ने कहा कि एलवीबी की वित्तीय सेहत को खराब करने वाले लोगों को दंडित किया जाएगा। इससे पहले सरकार ने 17 नवंबर को रिजर्व बैंक को संकट में फंसे लक्ष्मी विलास बैंक पर 30 दिन की ‘रोक’ की सलाह दी थी। साथ ही प्रत्येक जमाकर्ता 25,000 रुपये की निकासी की सीमा तय की गई थी। इसके साथ ही रिजर्व बैंक ने कंपनी कानून, 2013 के तहत एलवीबी के डीबीआईएल में विलय की योजना का मसौदा भी सार्वजनिक किया था। केंद्रीय बैंक ने एलवीबी के बोर्ड को भंग कर दिया था और केनरा बैंक के पूर्व गैर-कार्यकारी चेयरमैन टी एन मनोहरन को 30 दिन के लिए बैंक का प्रशासक नियुक्त किया था।





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सेंसेक्स ने लगाई एतिहासिक उछाल, पहली बार पार किया 50,000 का स्तर

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 21, 2021   11:32
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सेंसेक्स ने लगाई एतिहासिक उछाल, पहली बार पार किया 50,000 का स्तर

सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 300 अंक की बढ़त के सथ पहली बार 50,000 अंक के पार हुआ है।सेंसेक्स की कंपनियों में बजाज फिनसर्व का शेयर सबसे अधिक करीब चार प्रतिशत चढ़ गया। बजाज फाइनेंस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंडसइंड बैंक और एक्सिस बैंक के शेयर भी लाभ में थे।

मुंबई। रिलायंस इंडस्ट्रीज, बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में तेजी से बृहस्पतिवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 300 अंक की बढ़त के साथ पहली बार 50,000 अंक के पार निकल गया। सकारात्मक वैश्विक रुख से भी बाजार धारणा मजबूत हुई। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 50,126.73 अंक के अपने सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंचा। बाद में यह 300.09 अंक या 0.60 प्रतिशत की बढ़त के साथ 50,092.21 अंक पर कारोबार कर रहा था। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 85.40 अंक या 0.58 प्रतिशत की बढ़त के साथ 14,730.10 अंक पर पहुंच गया।

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इससे पहले निफ्टी भी 14,738.30 अंक के अपने सर्वकालिक उच्चस्तर तक गया। सेंसेक्स की कंपनियों में बजाज फिनसर्व का शेयर सबसे अधिक करीब चार प्रतिशत चढ़ गया। बजाज फाइनेंस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंडसइंड बैंक और एक्सिस बैंक के शेयर भी लाभ में थे। वहीं दूसरी ओर टीसीएस, एचडीएफसी बैंक और एचडीएफसी के शेयर नुकसान में कारोबार कर रहे थे।





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HDFC ने गुड होस्ट से किया करार, 232.81 करोड़ में बेचेगी अपनी हिस्सेदारी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 21, 2021   11:27
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HDFC ने गुड होस्ट से किया करार, 232.81 करोड़ में बेचेगी अपनी हिस्सेदारी

आवास ऋण कंपनी एचडीएफसी ने गुड होस्ट में 24.48 प्रतिशत हिस्सेदारी 232.81 करोड़ रुपये में बेचने का करार किया है।यह गुड होस्ट की जारी और चुकता शेयर पूंजी का 24.48 प्रतिशत है। एचडीएफसी ने कहा कि उसकी कुल शेयर बिक्री 232.81 करोड़ रुपये रहेगी।

नयी दिल्ली।आवास ऋण कंपनी एचडीएफसी लि. ने गुड होस्ट में अपनी 24.48 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के लिए करार किया है। गुड होस्ट छात्र-छात्राओं के लिए आवास सुविधाओं का प्रबंधन करती है। इस हिस्सेदारी बिक्री से एचडीएफसी को 232.81 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। एचडीएफसी लि. ने बुधवार को शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कहा कि उसने एक रुपये के 47,75,241 शेयरों की बिक्री का करार किया है।

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यह गुड होस्ट की जारी और चुकता शेयर पूंजी का 24.48 प्रतिशत है। एचडीएफसी ने कहा कि उसकी कुल शेयर बिक्री 232.81 करोड़ रुपये रहेगी। गुड होस्ट होस्टल सेवाएं, गेस्ट हाउस सेवाएं, सर्विस अपार्टमेंट और होस्टल सेवाओं के लिए पट्टे पर संपत्ति उपलब्ध कराती है। वित्त वर्ष 2019-20 में गुड होस्ट का कारोबार 112.60 करोड़ रुपये रहा था।





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कृपया ध्यान दीजिए ! ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर बढ़ सकता है इंश्योरेंस प्रीमियम

  •  अनुराग गुप्ता
  •  जनवरी 20, 2021   16:03
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कृपया ध्यान दीजिए ! ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर बढ़ सकता है इंश्योरेंस प्रीमियम

कमेटी ने सुझाया है कि मोटर इंश्योरेंस प्रीमियम में पांचवी धारा को भी जोड़ा जाए। जिसमें ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की बात कही गई है। आपको जानकारी दे दें कि नया वाहन खरीदने पर ट्रैफिक नियमों के उल्लघंन वाला प्रीमियम नहीं भरना पड़ेगा।

नयी दिल्ली। वाहन चालको को अब सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि बार-बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने उन्हें भारी पड़ सकता है। क्योंकि इंश्योरेंस रेगुलेटर बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) ने कुछ सुझाव दिए हैं। ऐसे में ट्रैफिक नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वालों को ज्यादा मोटर इंश्योरेंस प्रीमियम भरना पड़ सकता है। दरअसल, इरडा की एक वर्किंग कमेटी ने ज्यादा प्रीमियम वसूलने की सिफारिश की है।  

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कमेटी ने सुझाया है कि मोटर इंश्योरेंस प्रीमियम में पांचवी धारा को भी जोड़ा जाए। जिसमें ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की बात कही गई है। आपको जानकारी दे दें कि नया वाहन खरीदने पर ट्रैफिक नियमों के उल्लघंन वाला प्रीमियम नहीं भरना पड़ेगा। दरअसल, शराब पीकर गाड़ी चलाने, गलत जगह पर पार्किंग करने इत्यादि जैसे उल्लंघनों के आधार पर प्रीमियम तय होगा। अभी सिर्फ इसकी सिफारिश की गई है। हालांकि, अंतिम निर्णय इरडा को ही लेना है।

बीमा कंपनियों को कैसे मिलेगी जानकारी ?

अब आप लोग सोच रहे होंगे कि किस वाहन ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया और किसने नहीं। इसके बारे में बीमा कंपनियों को कैसे पता चलेगा। ज्यादा मत सोचिए, इसकी भी पूरी व्यवस्था है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीमा कंपनियों को ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन से जुड़े चालान के बारे में नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) से जानकारी मिल सकेगी। 

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ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों को नंबर दिए जाएंगे। जैसे शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों को 100 प्वाइंट तो गलत जगह पर गाड़ी को पार्क करने पर 10 प्वाइंट दिए जाएंगे। इन्हीं नंबरों के आधार पर आप पर पेनाल्टी लगेगी और प्रीमियम की राशि तय की जाएगी। जिसका मतलब साफ है कि ज्यादा पेनाल्टी नंबर होने पर ज्यादा भुगतान करना पड़ सकता है।







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