साधारण बीमा कंपनियों के एकीकरण के कई विकल्पों पर विचार कर रही है सरकार

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Jun 23 2019 4:50PM
साधारण बीमा कंपनियों के एकीकरण के कई विकल्पों पर विचार कर रही है सरकार
Image Source: Google

सूत्रों ने बताया कि वित्त मंत्रालय के तहत काम करने वाला निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहा है। इसमें नेशनल इंश्योरेंस कंपनी, ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी में हिस्सेदारी बेचने का विकल्प भी शामिल है।

नयी दिल्ली। सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों के एकीकरण के लिए विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रही है। सरकार की योजना सभी सरकारी साधारण बीमा कंपनियों का न्यू इंडिया एश्योरेंस में विलय करने की है। इसका मकसद एक अधिक मूल्य की परिसंपत्ति वाली कंपनी बनाना है। सूत्रों ने बताया कि वित्त मंत्रालय के तहत काम करने वाला निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहा है। इसमें नेशनल इंश्योरेंस कंपनी, ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी में हिस्सेदारी बेचने का विकल्प भी शामिल है।

इसे भी पढ़ें: भारती एक्सा जनरल इंश्योरेंस को 2018-19 में पहली बार हुआ करोड़ो का शुद्ध लाभ

सूत्रों के अनुसार, सरकार विचार यह है कि सरकारी साधारण बीमा कंपनियों में सार्वजनिक हिस्सेदारी को तेजी से बेचा जाए। यह पिछले दो साल से लंबित है। इसके अलावा अन्य विकल्पों पर भी विचार विमर्श चल रहा है। इसमें ऐसे नए शेयर जारी करना जिन्हें न्यू इंडिया एश्योरेंस खरीदे या उसे सीधे शेयरों की बिक्री करने के विकल्प भी शामिल हैं। एक अन्य विकल्प चारों कंपनियों का विलय कर भारतीय जीवन बीमा निगम की तरह एक बड़ी कंपनी बनाने का भी है। एक बार विलय हो जाने के बाद सरकार इसमें हिस्सेदारी की बिक्री करे।

इसे भी पढ़ें: भारती एक्सा के नए प्रीमियम में 25 प्रतिशत वृद्धि, संग्रह 911 करोड़ रुपये रहा



सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए ईएंडवाई को सलाहकार नियुक्त किया है। सरकारी साधारण बीमा कंपनियों का एकीकरण करना सरकार की विनिवेश रणनीति का हिस्सा है। वर्ष 2017 में सरकार ने न्यू इंडिया एश्योरेंस और जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन आफ इंडिया को शेयर बाजारों में सूचीबद्ध कराया था और इस बिक्री से सरकारी खजाने में धन आया था। वित्त वर्ष 2019-20 के लिए सरकार ने 90,000 करोड़ रुपये के विनिवेश का लक्ष्य तय किया है। इससे पिछले वित्त वर्ष में यह 85,045 करोड़ रुपये था।

रहना है हर खबर से अपडेट तो तुरंत डाउनलोड करें प्रभासाक्षी एंड्रॉयड ऐप