ICRA ने जताया अनुमान: पहली तिमाही में भारत की GDP growth घटकर 7 प्रतिशत रहेगी

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रेटिंग एजेंसी इक्रा ने चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में भारत की सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी वृद्धि दर सात प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। यह आंकड़ा बीते चार तिमाहियों का सबसे निचला स्तर है, जबकि जनवरी-मार्च तिमाही में जीडीपी वृद्धि 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई थी। एजेंसी ने समूचे वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान देश की वास्तविक जीडीपी वृद्धि 6.7 प्रतिशत रहने की संभावना व्यक्त की है।

रेटिंग एजेंसी इक्रा ने सोमवार को चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में भारत की आर्थिक वृद्धि दर सात प्रतिशत रहने का अनुमान जताया, जो चार तिमाहियों का निचला स्तर होगा। जनवरी-मार्च तिमाही में जीडीपी वृद्धि 7.8 प्रतिशत रही थी। इक्रा रेटिंग्स ने जून तिमाही में औद्योगिक क्षेत्र की वृद्धि 7.7 प्रतिशत, कृषि क्षेत्र की चार प्रतिशत और सेवा क्षेत्र की 7.9 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है।

रेटिंग एजेंसी ने वित्त वर्ष 2026-27 की समूची अवधि के लिए देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 में यह 7.7 प्रतिशत थी। इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्रों के विभिन्न आंकड़ों से जून तिमाही में घरेलू गतिविधियों की अच्छी तस्वीर सामने आई है। इससे पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण तिमाही के दौरान जिंस कीमतों में वृद्धि के प्रभाव को लेकर जताई गई चिंताएं कम हुई हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘उम्मीद है कि वास्तविक जीडीपी वृद्धि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में घटकर सात प्रतिशत रह जाएगी, जो वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में 7.8 प्रतिशत थी। यह तिमाही के लिए मौद्रिक नीति समिति के वृद्धि अनुमान के अनुरूप है।’’ इक्रा ने कहा कि जून तिमाही में सेवा क्षेत्र की कंपनियों की कारोबारी धारणा में उल्लेखनीय कमजोरी आई। पश्चिम एशिया संकट और लगातार बढ़ती मजदूरी लागत के दबाव के बीच आशावाद की गति पांच साल के निचले स्तर पर आ गई।

नायर ने कहा कि 2026-27 में कच्चे तेल की औसत कीमत 80-85 डॉलर प्रति बैरल रहने की धारणा के आधार पर समूचे वित्त वर्ष में वास्तविक जीडीपी वृद्धि 6.7 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और मानसून से जुड़ी अनिश्चितता के कारण वृद्धि के जोखिम नकारात्मक बने हुए हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि महंगाई बढ़ने की आशंका के बीच 2026-27 में मौजूदा कीमतों पर जीडीपी की वृद्धि चार साल के उच्च स्तर 13 प्रतिशत पर पहुंच सकती है, जबकि 2025-26 में यह 8.9 प्रतिशत रही थी।

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