Tata Power और IIT Bombay ने उन्नत स्वच्छ ऊर्जा पर मास्टर रिसर्च समझौता किया

Tata Power
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बिजली कंपनी टाटा पावर ने सोमवार को नई दिल्ली में अगली पीढ़ी की ऊर्जा प्रौद्योगिकी और स्वच्छ ऊर्जा समाधानों के विकास के लिए आईआईटी बंबई के साथ साझेदारी की घोषणा की। इस समझौते के तहत स्मार्ट ग्रिड, ऊर्जा भंडारण, एआई, साइबर सुरक्षा और कार्बन कैप्चर जैसे प्रमुख क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य शोध को उद्योग के उपयोग योग्य तकनीकों में बदलकर देश के टिकाऊ विकास को मजबूती देना है।

बिजली कंपनी टाटा पावर ने सोमवार को कहा कि उसने अगली पीढ़ी की ऊर्जा प्रौद्योगिकी और उन्नत स्वच्छ ऊर्जा समाधानों में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बंबई के साथ एक मास्टर अनुसंधान समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। कंपनी ने बयान में कहा कि इस समझौते पर टाटा पावर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक प्रवीर सिन्हा और आईआईटी बंबई के डीन (शोध एवं विकास) श्रीकृष्ण वी. कुलकर्णी ने हस्ताक्षर किए। इस सहयोग के तहत स्मार्ट ग्रिड, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, ऊर्जा भंडारण, विद्युत परिवहन, साइबर सुरक्षा, बिजली प्रणालियों के लिए कृत्रिम मेधा (एआई), डिजिटल ग्रिड प्रौद्योगिकी, कार्बन कैप्चर और चक्रीय अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में शोध एवं समाधान विकसित किए जाएंगे।

बयान के मुताबिक, इस साझेदारी का उद्देश्य अत्याधुनिक शोध को बड़े पैमाने पर इस्तेमाल की जा सकने वाली और उद्योग के लिए तैयार प्रौद्योगिकियों में बदलने की प्रक्रिया को तेज करना है। इससे भारत के स्वच्छ ऊर्जा बदलाव, ऊर्जा सुरक्षा और टिकाऊ विकास में योगदान मिलने की उम्मीद है। सिन्हा ने कहा कि आईआईटी बंबई की शोध विशेषज्ञता और टाटा पावर के बड़े पैमाने पर समाधान लागू करने के अनुभव को मिलाकर भविष्य के लिए तैयार ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के विकास को गति दी जा सकती है।

इस अवसर पर आईआईटी बंबई के निदेशक शिरीष केदारे ने कहा कि टाटा पावर के साथ यह सहयोग संस्थान के उन्नत प्रयोगशाला शोध को उद्योग में इस्तेमाल किए जा सकने वाले समाधानों में बदलने के मिशन के अनुरूप है।

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