भारत में मारुति सुजुकी इंडिया के 40 साल हुए पूरे, 28 अगस्त को आयोजित कार्यक्रम में PM मोदी होंगे शामिल

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साल 2011 में मारुति सुजुकी कंपनी ने गुजरात में कार मैन्युफैक्चरिंग के लिए अपने कदम आगे बढ़ाए थे। मारुति सुजुकी कंपनी गुजरात में अच्छे से स्थापित हो सके और अपनी मैन्युफैक्चरिंग गतिविधि को कुशलता से आगे बढ़ा सके इसके लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कई प्रोत्साहन दिए थे।

नई दिल्ली। भारत की सबसे बड़ी कार मैन्युफैक्चरिंग कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड को इस वर्ष भारत में 40 साल पूरे हो रहे हैं। इस उपलक्ष्य पर यह कंपनी गुजरात के गाँधीनगर के महात्मा मंदिर में एक कार्यक्रम का आयोजन करने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान 28 अगस्त को इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, मारुति कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ राज्य के अन्य कई बड़े उद्योगपति भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।

गुजरात के नज़रिए से महत्वपूर्ण है मारुति सुजुकी कंपनी की यह उपलब्धि

साल 2011 में मारुति सुजुकी कंपनी ने गुजरात में कार मैन्युफैक्चरिंग के लिए अपने कदम आगे बढ़ाए थे। मारुति सुजुकी कंपनी गुजरात में अच्छे से स्थापित हो सके और अपनी मैन्युफैक्चरिंग गतिविधि को कुशलता से आगे बढ़ा सके इसके लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कई प्रोत्साहन दिए थे। उनके नेतृत्व में ही 2012 में इस कंपनी ने गुजरात में अपना पहला प्लान्ट हंसलपुर में स्थापित किया था। नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व काल से लेकर गुजरात के वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के नेतृत्व काल तक मारुति कंपनी ने गुजरात में अपने कारोबार में लगातार बढ़ोतरी की है।

गुजरात में सालाना होता है मारुति सुजुकी की 7.5 लाख कारों का उत्पादन 

गुजरात के हंसलपुर में मारुति सुजुकी कंपनी की 3 मैन्युफैक्चरिंग युनिट्स मौजूद हैं जो साल में 7.5 लाख कारों का उत्पादन करती हैं। गुजरात सरकार की विभिन्न प्रोत्साहन नीतियों का लाभ लेते हुए मारुति सुजुकी कंपनी ने बीते 10 सालों में गुजरात में 16 हजार करोड़ रुपए का निवेश किया है। मारुति सुजुकी के कार पार्ट्स उपलब्ध कराने के लिए 100 से अधिक कंपोनेन्ट सप्लायर्स भी गुजरात में अपना कारोबार कर रहे हैं। गुजरात सरकार की ओर से दिए गए आँकड़े के अनुसार इन कंपोनेंट सप्लायर्स के द्वारा राज्य में किया निवेश लगभग 7,300 करोड़ रुपए है। 

EVs और लीथियम आयन बैटरी के निर्माण के लिए मारुति सुजुकी गुजरात में करेगी 10 हजार करोड़ का निवेश

गुजरात सरकार ने कुछ महीनों पहले नई ईवी पॉलिसी की घोषणा की थी, जिसमें कई ऐसे प्रावधान और प्रोत्साहन शामिल किए गए हैं जिनसे राज्य में इलेक्ट्रिकल व्हीकल्स और इससे संबंधित संपूर्ण मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम का विकास गुजरात में हो। राज्य सरकार की इसी नीति का लाभ लेते हुए मारुति सुज़ुकी कंपनी गुजरात में भारत का पहला लिथियम-आयन बैटरी प्लान्ट को स्थापित कर रही है। मारुति सुज़ुकी इंडिया के चेयरमैन श्री आर सी भार्गव ने बताया कि उनकी कंपनी जल्द ही गुजरात में इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग प्लान्ट, बैटरी मैन्युफैक्चरिंग प्लान्ट और मांडल तालुका में ऑटोमोटिव रिसाइक्लिंग फैसिलिटी के लिए 10 हजार करोड़ रुपए का निवेश करेगी। 

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डबल इंजन की सरकार का गुजरात को मिला लाभ, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर देश में सबसे आगे

केन्द्र में नरेन्द्र मोदी और गुजरात में भूपेन्द्र पटेल दोनों ही स्थानों में भाजपा की सरकार का सीधा लाभ गुजरात के औद्योगिक विकास विशेष रूप से गुजरात के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर हुआ है। नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के 8 साल बाद आज गुजरात देश का मोस्ट इंडस्ट्रिलाइज़्ड स्टेट बन गया है। पिछले 8 सालों में देश में आए कुल निवेश 31.3 लाख करोड़ रुपए में से 57 प्रतिशत यानी 17.7 लाख करोड़ रुपए का निवेश अकेले गुजरात में आया है। इतना ही नहीं, पिछले 8 सालों में केन्द्र व गुजरात के साथ आगे बढ़ने के कारण गुजरात आज मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 18 प्रतिशत का योगदान दे रहा है जो कि देश में सबसे अधिक है।   

गुजरात में है भारत का पहला अंतरराष्ट्रीय ऑटोमोबाइल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

बीते कुछ सालों में गुजरात सरकार ने पीपीपी मोड पर रोज़गार और कौशल विकास के लिए मारुति सुजुकी कंपनी के साथ मिलकर कई उत्कृष्ट संस्थानों को गुजरात में स्थापित किया है। भारत का पहला अंतरराष्ट्रीय ऑटोमोबाइल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस गाँधीनगर में स्थापित किया गया है जहाँ सालाना 5000 इंजीनियर्स को प्रशिक्षित किया जाता है। इसके अलावा, जापान-इंडिया इन्स्टीट्यूट ऑफ मैन्युफैक्चरिंग, खोराज और मांडल बेचाराजी में मौजूद इंडस्ट्रियल टाउनशिप्स स्थापित हैं जो राज्य में औद्योगिक विकास और कौशल विकास दोनों को सुनिश्चित कर रहे हैं।

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