NPS Vatsalya के दो साल: खुले 4.9 लाख खाते, AUM 403 करोड़ रुपये पहुंचा

पेंशन नियामक PFRDA ने जानकारी दी है कि नाबालिगों के लिए शुरू की गई एनपीएस वात्सल्य योजना के तहत दो वर्षों में 4.9 लाख खाते खोले जा चुके हैं। इस योजना के तहत कुल प्रबंधन अधीन परिसंपत्ति 403 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई है। सरकार ने इसमें न्यूनतम अंशदान 250 रुपये तय करने के साथ आंशिक निकासी और निवेश के नियमों को और सुगम बनाया है।
पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने शुक्रवार को कहा कि 18 साल से कम उम्र के बच्चों लिए शुरू की गयी एनपीएस वात्सल्य के तहत पिछले दो वर्षों में 4.9 लाख पेंशन खाते खुले हैं। इसके तहत प्रबंधन अधीन परिसंपत्ति 403 करोड़ रुपये पहुंच गयी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 18 सितंबर, 2024 को एनपीएस वात्सल्य योजना की शुरुआत की थी।
यह नाबालिगों के लिए अंशदान आधारित बचत और दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा योजना है। पीएफआरडीए ने पिछले दो वर्षों में पंजीकरण बढ़ाने और कम उम्र में वित्तीय योजना शुरू करने के महत्व को लेकर जागरूकता फैलाने पर ध्यान केंद्रित किया है। पेंशन विनियामक ने बयान में कहा कि सात जनवरी, 2026 को जारी और 23 फरवरी, 2026 से प्रभावी एनपीएस वात्सल्य योजना दिशानिर्देशों ने अंशदान, निवेश, निकासी और वयस्क होने के बाद योजना में बदलाव की प्रक्रिया को मजबूत किया है।
बयान के अनुसार, योजना में न्यूनतम अंशदान राशि को घटाकर 250 रुपये कर दिया गया है और अधिकतम अंशदान की कोई सीमा नहीं है। साथ ही आंशिक निकासी की सुविधा को दो बार से बढ़ाकर चार बार किया गया है और निवेश विकल्पों को सुगम करते हुए इक्विटी में 100 प्रतिशत तक निवेश की अनुमति दी गई है। पीएफआरडीए ने कहा कि उपहार अंशदान सुविधा के तहत रिश्तेदार और मित्र भी बच्चे के दीर्घकालिक वित्तीय भविष्य के लिए योगदान कर सकते हैं।
नियामक ने कहा कि एनपीएस वात्सल्य के तीसरे वर्ष में प्रवेश के साथ इसका लक्ष्य देशभर में अधिक बच्चों, परिवारों और समुदायों तक इस योजना को पहुंचाना है।
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