RBI रेपो रेट वृद्धि से PNB Housing Finance के NIM में मामूली सुधार के आसार

भारतीय रिजर्व बैंक की नीतिगत दर में बढ़ोतरी के बाद पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस ने अपने शुद्ध ब्याज मार्जिन में 0.05 से 0.08 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की संभावना जताई है। कंपनी के एमडी एवं सीईओ अजय शुक्ला ने स्पष्ट किया कि संपूर्ण ऋण पोर्टफोलियो रेपो दर से जुड़ा नहीं होने के कारण तत्काल पूरा लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा क्रिसिल ने हाल ही में कंपनी की साख रेटिंग को सुधारते हुए एएए कर दिया है।
पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अजय शुक्ला ने कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की हालिया नीतिगत दर वृद्धि से कंपनी के शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) में मामूली सुधार होने की उम्मीद है। करीब चार साल के अंतराल के बाद रिजर्व बैंक ने अपनी प्रमुख नीतिगत दर रेपो में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि कर इसे 5.5 प्रतिशत कर दिया है। शुक्ला ने पीटीआई-से कहा, इसका कुछ लाभ कर्ज देने वाली कंपनी को मिलेगा, क्योंकि उसका पूरा कर्ज रेपो दर से जुड़ा नहीं होता।
कर्ज जुटाने के लिए कोष की सीमांत लागत आधारित ऋण दर (एमसीएलआर), वाणिज्यिक पत्र, राष्ट्रीय आवास बैंक (एनएचबी) से पुनर्वित्त और गैर-परिवर्तनीय ऋणपत्रों सहित विभिन्न स्रोतों का इस्तेमाल किया जाता है। यह पूछे जाने पर कि कंपनी के शुद्ध ब्याज मार्जिन में कितना सुधार हो सकता है, उन्होंने कहा कि कर्ज के मौजूदा पोर्टफोलियो पर तत्काल 0.25 प्रतिशत का लाभ नहीं मिलेगा, बल्कि इसमें 0.05 से 0.08 प्रतिशत तक सुधार हो सकता है। आवास वित्त की मांग के बारे में शुक्ला ने कहा कि कंपनी को अच्छी मांग देखने को मिल रही है और बाजार में तेजी का रुख पहले से बना हुआ है।
उन्होंने कहा, आमतौर पर गणेश चतुर्थी से आवास ऋण कारोबार में तेजी आने लगती है। इसलिए चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही पहली छमाही के मुकाबले काफी बेहतर रहने वाली है। इस बीच, पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस की साख रेटिंग में क्रिसिल ने सुधार करते हुए इसे एए+/स्थिर से बढ़ाकर एएए/स्थिर कर दिया है।
इस सुधार के साथ कंपनी को सभी चार प्रमुख घरेलू साख निर्धारण एजेंसियों-क्रिसिल, इंडिया रेटिंग्स, केयर रेटिंग्स और इक्रा से संबंधित दीर्घकालिक वित्तीय साधनों और सुविधाओं के लिए एएए रेटिंग मिल गई है।
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