SEBI ने Kalahridhaan Trendz और उसके प्रवर्तकों पर 1 करोड़ का जुर्माना लगाया

SEBI ने Kalahridhaan Trendz और उसके प्रवर्तकों पर 1 करोड़ का जुर्माना लगाया
प्रतिरूप फोटो

पूंजी बाजार नियामक सेबी ने ऋण चूक छिपाने और भ्रामक खुलासों के मामले में एसएमई कंपनी कलाहरिधान ट्रेंड्ज और उसके प्रवर्तकों पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही सेबी ने कंपनी और उसके प्रबंध निदेशक निरंजन डी अग्रवाल को प्रतिभूति बाजार से दो साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। आदेश में कंपनी के अन्य दो निदेशकों पर भी एक साल का प्रतिबंध लगाया गया है।

पूंजी बाजार नियामक सेबी ने एसएमई कंपनी कलाहरिधान ट्रेंड्ज लि. और उसके प्रवर्तकों पर कुल एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। ऋण चूक की जानकारी छिपाने और झूठी कॉरपोरेट घोषणाओं के माध्यम से निवेशकों को गुमराह करने को लेकर यह जुर्माना लगाया गया है। कलाहरिधान ट्रेंड्ज लिमिटेड (केटीएल) विभिन्न प्रकार के कपड़ों के निर्माण और व्यापार के व्यवसाय में है और एनएसई के एसएमई मंच इमर्ज पर सूचीबद्ध थी।

सेबी ने केटीएल और उसके प्रवर्तक एवं प्रबंध निदेशक निरंजन डी अग्रवाल को प्रतिभूति बाजारों से दो साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। निदेशक आदित्य एन अग्रवाल और सुनितादेवी निरंजन अग्रवाल को एक वर्ष के लिए प्रतिबंधित किया गया है। सेबी ने बृहस्पतिवार को जारी 57 पन्नों के अंतिम आदेश में पाया कि केटीएल सूचीबद्धता दायित्वों और खुलासा आवश्यकताओं (एलओडीआर) नियमों के तहत निर्धारित समय सीमा के भीतर एचडीएफसी बैंक के क्रेडिट कार्ड बकाये के भुगतान में चूक का खुलासा करने में विफल रही।

कार्रवाई के दौरान कंपनी ने स्वीकार किया कि खुलासा किया जाना चाहिए था, लेकिन इस चूक का कारण अनजाने में हुई भूल को बताया। हालांकि, सेबी ने इस स्पष्टीकरण को खारिज करते हुए कहा कि चूक का समय पर खुलासा करना एक अनिवार्य दायित्व है क्योंकि यह निवेशकों को किसी सूचीबद्ध संस्था की वित्तीय स्थिति का आकलन करने में सक्षम बनाता है। नियामक ने यह भी पाया कि 12 अगस्त, 2024 को बांग्लादेश स्थित बेक्सिमकोर्प टेक्सटाइल्स से 115.5 करोड़ रुपये का निर्यात ऑर्डर मिलने का कंपनी का दावा भी भ्रामक था।

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