रिलायंस के शेयरों में आई गिरावट, लाल निशान पर बंद हुआ आज का शेयर बाजार

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जुलाई 29, 2020   18:48
रिलायंस के शेयरों में आई गिरावट, लाल निशान पर बंद हुआ आज का शेयर बाजार

सेंसेक्स की कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर सबसे अधिक 3.75 प्रतिशत टूट गया। नेस्ले इंडिया, एचसीएल टेक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, मारुति और टेक महिंद्रा के शेयर भी नुकसान में रहे। देश की सबसे बड़ी कार कंपनी 17 साल पहले शेयर बाजारों में सूचीबद्ध होने के बाद पहली बार तिमाही घाटा दर्ज किया है।

मुंबई। रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में हालिया तेजी के बाद बुधवार को निवेशकों ने जमकर मुनाफा काटा, जिससे सेंसेक्स 422 अंक टूट गए। वैश्विक बाजारों में सतर्कता के रुख की वजह से यहां भी धारणा प्रभावित हुई। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 421.82 अंक या 1.10 प्रतिशत के नुकसान से 38,071.13 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 97.70 अंक या 0.86 प्रतिशत के नुकसान से 11,202.85 अंक पर आ गया। सेंसेक्स की कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर सबसे अधिक 3.75 प्रतिशत टूट गया। नेस्ले इंडिया, एचसीएल टेक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, मारुति और टेक महिंद्रा के शेयर भी नुकसान में रहे। देश की सबसे बड़ी कार कंपनी 17 साल पहले शेयर बाजारों में सूचीबद्ध होने के बाद पहली बार तिमाही घाटा दर्ज किया है। कोरोना वायरस महामारी के बीच कंपनी को जून में समाप्त तिमाही में 268.3 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध घाटा हुआ है। वहीं दूसरी ओर इंडसइंड बैंक, टाटा स्टील, सनफार्मा, बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट और एलएंडटी के शेयर 4.54 प्रतिशत तक के लाभ में रहे।

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कारोबारियों ने कहा कि निवेशकों ने कुछ शेयरों में मुनाफा काटा, जिससे बाजार प्रभावित हुआ। इसके अलावा बाजार भागीदारों ने अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की नीतिगत बैठक के नतीजों से पहले सतर्कता बरती। देश में कोविड-19 के बढ़ते मामलों की वजह से भी निवेशक चिंतित हैं। बुधवार को देश में कोविड-19 संक्रमण के मामले 15 लाख को पार कर गए। दो दिन पहले ही संक्रमण के मामले 14 लाख हुए थे। एक दिन में संक्रमण के 48,513 नए मामले आए हैं। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘हालिया लाभ वाले शेयरों में मुनाफावसूली का सिलसिला चलने से स्थानीय बाजारों ने लाभ गंवा दिया और नुकसान के साथ बंद हुए।

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अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले वैश्विक बाजार में अनिश्चितता की स्थिति थी। कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों की वजह से विभिन्न अर्थव्यवस्थाओं में फिर से अंकुश लगाने की चर्चा शुरू हो गई है।’’ उन्होंने कहा कि तिमाही नतीजों के बीच शेयर आधारित गतिविधियां देखने को मिल रही हैं और यह रुख अभी जारी रहने की संभावना है। व्यापक बाजार रुख के उलट बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप 0.68 प्रतिशत तक के लाभ में रहे। वैश्विक स्तर पर निवेशकों को फेडरल रिजर्व की बैठक के नतीजों का इंतजार है। इस बीच, अन्य एशियाई बाजारों में चीन का शंघाई कम्पोजिट, हांगकांग का हैंगसेंग तथा दक्षिण कोरिया का कॉस्पी लाभ में रहे। वहीं जापान के निक्की में गिरावट आई। शुरुआती कारोबार में यूरोपीय बाजारों में मिलाजुला रुख था। वैश्विक मानक ब्रेंट कच्चा तेल वायदा 1.28 प्रतिशत की बढ़त के साथ 44.17 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया चार पैसे की बढ़त के साथ 74.80 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।





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