Snapchat को डबल झटका: 20% कर्मचारियों की छंटनी, Perplexity AI संग Mega Deal भी हुई कैंसिल।

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Ankit Jaiswal । Apr 15 2026 9:42PM

सोशल मीडिया कंपनी स्नैप एक बड़े पुनर्गठन के तहत कर्मचारियों की छंटनी कर रही है और अपना पूरा ध्यान संवर्धित वास्तविकता (एआर) तकनीक पर लगा रही है। परप्लेक्सिटी एआई के साथ सौदा रद्द होने के बाद कंपनी अब अपना भविष्य पूरी तरह से अगली पीढ़ी के एआर चश्मों की सफलता पर दांव पर लगा रही है।

लोकप्रिय सोशल मीडिया मंच स्नैप इंक कंपनी में बड़ा बदलाव करने जा रही है, जिसके तहत कंपनी अपने पुराने कारोबार में बड़े स्तर पर कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी कर रही है।

मौजूद जानकारी के अनुसार कंपनी अपने कुल कर्मचारियों में से करीब 15 से 20 प्रतिशत तक कटौती कर सकती है, जिससे कुछ विभागों में कर्मचारियों की संख्या आधी तक हो सकती है। यह छंटनी मुख्य रूप से स्नैपचैट के पारंपरिक कारोबार से जुड़ी टीमों में होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि यह फैसला 16 अप्रैल 2026 को औपचारिक रूप से घोषित किया जा सकता है।

गौरतलब है कि कंपनी यह कदम अपने नए उपक्रम स्पेक्स इंक को मजबूत करने के लिए उठा रही है, जो संवर्धित वास्तविकता आधारित चश्मों के विकास पर काम कर रहा है। कंपनी का मानना है कि भविष्य में यही क्षेत्र उसकी सबसे बड़ी ताकत बन सकता है।

इसी बीच कंपनी को एक बड़ा झटका भी लगा है। परप्लेक्सिटी एआई के साथ प्रस्तावित करीब 40 करोड़ डॉलर का समझौता रद्द हो गया है। यह समझौता स्नैपचैट में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित उत्तर प्रणाली जोड़ने के लिए किया जाना था। हालांकि शर्तों को लेकर विवाद के चलते यह सौदा अंतिम रूप नहीं ले सका। बता दें कि यह रकम कंपनी की अनुमानित आय का करीब 7 प्रतिशत होती, जिससे इसकी अहमियत समझी जा सकती है।

मौजूद जानकारी के अनुसार कंपनी अब अपने एआर प्रोजेक्ट पर तेजी से काम कर रही है और इसके लिए करीब 100 नई भर्तियां भी शुरू की गई हैं। बताया जा रहा है कि कंपनी अगली पीढ़ी के चश्मे तैयार कर रही है, जो पहले की तुलना में हल्के, छोटे और आम उपभोक्ताओं के लिए अधिक उपयोगी होंगे। कंपनी अब तक इस क्षेत्र में अरबों डॉलर का निवेश कर चुकी है।

गौरतलब है कि तकनीकी क्षेत्र में एआर उपकरणों को लेकर प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है, जहां मेटा और अल्फाबेट जैसी कंपनियां भी तेजी से निवेश कर रही हैं। ऐसे में स्नैप के लिए यह बदलाव भविष्य की रणनीति के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़े ही समय में कंपनी को कर्मचारियों की छंटनी और रद्द हुए समझौते से झटका लग सकता है, लेकिन लंबी अवधि में एआर तकनीक की सफलता पर ही उसका भविष्य निर्भर करेगा। अगर नए उत्पाद बाजार में सफल होते हैं तो कंपनी इस क्षेत्र में मजबूत खिलाड़ी बन सकती है, वहीं उपभोक्ताओं की कमजोर प्रतिक्रिया की स्थिति में चुनौतियां बढ़ सकती हैं।

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