यूनिलीवर की नई योजना, 2025 तक आधा करेगी ‘वर्जिन’ प्लास्टिक का उपयोग

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अक्टूबर 7, 2019   17:22
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यूनिलीवर की नई योजना, 2025 तक आधा करेगी ‘वर्जिन’ प्लास्टिक का उपयोग

वर्जिन प्लास्टिक का विनिर्माण प्राकृतिक गैस या कच्चे तेल जैसे पेट्रोरसायन से सीधे होता है। इस प्लास्टिक का ना तो पहले कभी इस्तेमाल किया गया होता है और ना ही प्रसंस्करण।

नयी दिल्ली। रोजमर्रा के उपभोक्ता उत्पाद बनाने वाली वैश्विक कंपनी यूनिलीवर ने सोमवार को अपने उत्पादों की पैकिंग में प्लास्टिक का उपयोग कम करके कचरे में कमी लाने की प्रतिबद्धता जताई। कंपनी 2025 तक अपनी पैकेजिंग में एक लाख टन प्लास्टिक को कम करेगी। साथ ही खुद के द्वारा बेचे जाने वाली प्लास्टिक से अधिक का संग्रहण और प्रसंस्करण करेगी। कंपनी ने बयान में कहा कि 2025 तक वह अपने ‘वर्जिन प्लास्टिक’ के उपयोग को आधा करेगी। इसके स्थान पर वह पुनर्चक्रित प्लास्टिक को बढ़ावा देगी। वहीं कुल प्लास्टिक पैकेजिंग में कंपनी एक लाख टन की कमी लाएगी। वर्तमान में कंपनी पैकेजिंग में सालाना सात लाख टन प्लास्टिक का इस्तेमाल करती है।

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वर्जिन प्लास्टिक का विनिर्माण प्राकृतिक गैस या कच्चे तेल जैसे पेट्रोरसायन से सीधे होता है। इस प्लास्टिक का ना तो पहले कभी इस्तेमाल किया गया होता है और ना ही प्रसंस्करण। कंपनी ने कहा कि वह जितना प्लास्टिक बेचती है, उससे ज्यादा के संग्रहण और प्रसंस्करण में भी मदद करेगी। बयान के मुताबिक, ‘‘इसके बाद यूनिलीवर दुनिया की पहली ऐसी उपभोक्ता उत्पाद कंपनी है जिसने अपने सभी पोर्टफोलियो में प्लास्टिक उपयोग कम करने की प्रतिबद्धता जतायी है।’’

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कंपनी 2025 तक अपनी कुल पैकेजिंग में 25 प्रतिशत पुनर्चक्रित प्लास्टिक का उपयोग करेगी। वहीं वह 2025 तक अपनी सभी प्लास्टिक पैकेजिंग को पुन:उपयोग, पुनर्चक्रण या कंपोस्ट में काम आने लायक बनाने की दिशा में बढ़ रही है। यूनिलीवर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलन जोप ने कहा कि हम प्लास्टिक के कचरे को तभी कम कर सकते हैं जब हम तेजी से और प्लास्टिक के चक्र के हर बिंदु पर काम करें। हमारा पहला चरण डिजाइन और खुद के प्लास्टिक उपयोग को कम करना है। साथ ही हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हम पुनर्चक्रित स्रोत से आने वाली प्लास्टिक का उपयोग बढ़ाएं। यूनिलीवर की घरेलू इकाई हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड देश में लैक्मे, डव, लाइफबॉय, लिप्टन, सर्फ एक्सेल और फेयर एंड लवली जैसे ब्रांड बेचती है।





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लाल निशान पर खुला शेयर बाजार, 200 अंक से ज्यादा टूटा सेंसेक्स

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 18, 2021   10:39
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लाल निशान पर खुला शेयर बाजार, 200 अंक से ज्यादा टूटा सेंसेक्स

सेंसेक्स सें सबसे अधिक तीन प्रतिशत की गिरावट इंडसइंड बैंक में हुई। इसके अलावा पावरग्रिड, मारुति, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व और ओएनजीसी भी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। दूसरी ओर एचडीएफसी बैंक, एचसीएल टेक, एसबीआई, टेक महिंद्रा और आईसीआईसीआई बैंक में बढ़त देखने को मिली।

मुंबई। मिलेजुले वैश्विक संकेतों के बीच इंफोसिस, एचडीएफसी और टीसीएस जैसे बड़े शेयरों के टूटने से प्रमुख शेयर सूचकांक सेंसेक्स में सोमवार को शुरुआती कारोबार के दौरान 200 अंकों से अधिक की गिरावट हुई। उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में 30 शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 203.52 या 0.42 प्रतिशत गिरकर 48,831.15 पर कारोबार कर रहा था। इसी तरह व्यापक एनएसई निफ्टी 70.60 अंक या 0.49 प्रतिशत गिरकर 14,363.10 था। सेंसेक्स सें सबसे अधिक तीन प्रतिशत की गिरावट इंडसइंड बैंक में हुई। इसके अलावा पावरग्रिड, मारुति, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व और ओएनजीसी भी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। दूसरी ओर एचडीएफसी बैंक, एचसीएल टेक, एसबीआई, टेक महिंद्रा और आईसीआईसीआई बैंक में बढ़त देखने को मिली।

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पिछले सत्र में सेंसेक्स 549.49 अंक या 1.11 प्रतिशत लुढ़ककर 49,034.67 अंक पर बंद हुआ था, जबकि एनएसई निफ्टी 161.90 अंक या 1.11 प्रतिशत की गिरावट के साथ 14,433.70 पर बंद हुआ। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने शुक्रवार को सकल आधार पर 971.06 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। एशियाई बाजारों में शंघाई और हांगकांग में तेजी थी, जबकि सियोल और टोक्यो लाल रंग में थे। इस बीच वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.93 प्रतिशत की गिरावट के साथ 54.59 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।





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एक सप्ताह में रिकार्ड 534 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग का हुआ निर्माण

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 18, 2021   10:10
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एक सप्ताह में रिकार्ड 534 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग का हुआ निर्माण

सड़क परिवहन मंत्रालय ने कहा कि अप्रैल 2020 से 15 जनवरी 2021 की अवधि में उसने 7,597 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का ठेका दिया जबकि 2019- 20 में इसी अवधि में 3,474 किलोमीटर सड़क परियोजनाओं का ठेका दिया गया था। इस प्रकार परियोजनाओं के निर्माण का ठेका देने की गति भी इस साल दोगुने से अधिक हो गई।

नयी दिल्ली। सड़क परिवहन मंत्रालय ने रविवार को कहा कि गत आठ जनवरी से शुरू हुये सप्ताह में रिकार्ड 534 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण किया गया। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उसने पिछले आठ जनवरी से शुरू हुये सप्ताह में 534 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कर एक रिकार्ड कायम किया है। बयान में कहा गया है कि मंत्रालय ने अप्रैल 2020 से लेकर 15 जनवरी 2021 की अवधि में 8,169 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण किया।इस लिहाज से प्रतिदिन 28.16 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया गया। वहीं पिछले साल इसी अवधि में 7,573 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया।तब प्रतिदिन 26.11 किलोमीटर सड़क निर्माण हुआ। मंत्रालय को उम्मीद है कि निर्माण की इस गति के साथ वह 31 मार्च 2021 तक 11 हजार किलोमीटर सड़क निर्माण के लक्ष्य को पार कर लेगा। 

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सड़क परिवहन मंत्रालय ने कहा कि अप्रैल 2020 से 15 जनवरी 2021 की अवधि में उसने 7,597 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का ठेका दिया जबकि 2019- 20 में इसी अवधि में 3,474 किलोमीटर सड़क परियोजनाओं का ठेका दिया गया था। इस प्रकार परियोजनाओं के निर्माण का ठेका देने की गति भी इस साल दोगुने से अधिक हो गई। मंत्रालय के मुताबिक वित्त वर्ष 2019- 20 में कुल मिलाकर 8,948 किलोमीटर सड़क परियोजनाओं के निर्माण का ठेका दिया गया जबकि 10,237 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया। बयान में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष के शुरुआती दो माह में कोरोना वायरस महामारी के कारण राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लागू होने के बावजूद सड़क निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय गति हासिल की गई है।





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सीआईसी का CBI से सवाल, विजय माल्या के खिलाफ किन नियमों के तहत जारी किए गए लुक आउट सर्कुलर?

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 17, 2021   17:31
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सीआईसी का CBI से सवाल, विजय माल्या के खिलाफ किन नियमों के तहत जारी किए गए लुक आउट सर्कुलर?

सीआईसी ने सीबीआई से कहा कि, माल्या के खिलाफ किन नियमों के तहत लुक आउट सर्कुलर जारी किए गए है।सीबीआई ने धुर्वे को सूचना देने से इंकार कर दिया था। सीबीआई ने आरटीआई कानून की धारा 8(1) (एच) के तहत धुर्वे को सूचना देने से इंकार किया था।

नयी दिल्ली। केंद्रीय सूचना आयोग ने सीबीआई को निर्देश दिया है कि उन नियमों के बारे में बताएं जिनके तहत विजय माल्या के खिलाफ अक्टूबर और नवंबर 2015 में दो अलग-अलग लुक आउट सर्कुलर जारी किए गए। माल्या नौ हजार करोड़ रुपये के ऋण धोखाधड़ी मामले का आरोपी है। सूत्रों ने बताया था कि सीबीआई ने नवंबर 2015 के अंतिम हफ्ते में माल्या के खिलाफ नया एलओसी जारी किया था जिसमें देश भर के हवाई हड्डा अधिकारियों से कहा गया कि माल्या की आवाजाही के बारे में उसे ‘‘सूचित’’ किया जाए। यह पहले के नोटिस के स्थान पर जारी किया गया जिसमें उद्यमी के देश छोड़ने का प्रयास करने पर हिरासत में लेने की बात कही गई थी।

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माल्या मार्च 2016 में ब्रिटेन चला गया जहां वह ब्रिटेन की सरकार द्वारा प्रत्यर्पण के आदेश के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। पुणे के आरटीआई कार्यकर्ता विहार धुर्वे की याचिका पर आयोग ने सीबीआई को निर्देश दिया कि उन नियमों के बारे में बताएं जिसके तहत अक्टूबर और नवंबर 2015 में लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किए गए। सीबीआई ने धुर्वे को सूचना देने से इंकार कर दिया था। सीबीआई ने आरटीआई कानून की धारा 8(1) (एच) के तहत धुर्वे को सूचना देने से इंकार किया था।





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