5 साल में भारतीय वाहन बाजार में यामाहा की 10% बाजार हिस्सेदारी का लक्ष्य

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Mar 17 2019 3:13PM
5 साल में भारतीय  वाहन बाजार में यामाहा की 10% बाजार हिस्सेदारी का लक्ष्य
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यामाहा मोटर इंडिया समूह की कंपनियों के चेयरमैन मोतोफुमी शितारा ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘हमारा लक्ष्य भारतीय दोपहिया वाहन बाजार में अगले पांच साल में 10 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल करना है।

नयी दिल्ली। जापान की दोपहिया वाहन कंपनी यामाहा ने भारत के दोपहिया वाहन बाजार में अगले पांच साल में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इसे देखते हुए यामाहा ने अतिरिक्त क्षमताओं को जोड़ने के लिए योजनाओं का अध्ययन शुरू किया है। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी। यामाहा की सालाना उत्पादन क्षमता फिलहाल 17 लाख इकाई है, जिसे 2023 तक बढ़ाकरकरीब 25 लाख इकाई करने की योजना है। यामाहा मोटर इंडिया समूह की कंपनियों के चेयरमैन मोतोफुमी शितारा ने बताया, ‘‘हमारा लक्ष्य भारतीय दोपहिया वाहन बाजार में अगले पांच साल में 10 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल करना है। मौजूदा समय में दोपहिया वाहन बाजार में यामाहा की हिस्सेदारी 4 प्रतिशत है।’’

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उन्होंने कहा कि प्रीमियम स्पोर्टस मोटरसाइकिल श्रेणी में कंपनी की हिस्सेदारी भारत में पहले से ही 10 प्रतिशत है। चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-फरवरी के दौरान यामाहा ने 7,32,006 मोटरसाइकिलें बेची। यह एक साल पहले की इसी अवधि की बिक्री से 0.7 प्रतिशत अधिक है।इस अवधि के दौरान, भारतीय दोपहिया वाहन बाजार 1,97,40,727 इकाइयों का रहा।उत्पादन पर कंपनी की भविष्य के योजना पर शितारा ने कहा कि यामाहा को अपने मध्यावधि लक्ष्य को पूरा करने के लिए अतिरिक्त क्षमताओं की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि अगले दो साल में हमारे पास काफी क्षमता होगी लेकिन हमें और क्षमता की जरूरत पड़ेगी। 

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नया काराखाना लगाने या मौजूदा संयंत्र के विस्तार पर उन्होंने कहा कि हमनें अभी इस पर फैसला नहीं किया है। हमने अध्ययन शुरू किया है कि क्या किया जा सकता है। यामाहा के फिलहाल दो कारखाने हैं, एक ग्रेटर नोएडा और दूसरा चेन्नई में है। उन्होंने कहा कि देश के आर्थिक विकास के साथ बढ़ती आय भारत को भविष्य के लिए एक आकर्षक बाजार बनाती है। भारत में इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में कदम रखने की योजना पर उन्होंने कहा कि यह इस बात पर निर्भर करेगा कि भारत में ई-वाहनों के लिए किस तरह की आधारभूत संरचना विकसित होती है।

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