Flipkart की फूड डिलीवरी में एंट्री से Zomato और Swiggy को मिलेगी कड़ी टक्कर

फ्लिपकार्ट खाने की घर तक डिलीवरी के कारोबार में उतरने की तैयारी कर रही है। इसके लिए कंपनी बेंगलुरु में अपने कर्मचारियों के बीच इस नई सेवा का परीक्षण कर रही है। एकार्ट की अलग डिलीवरी टीम तैयार की गई है, जिससे जोमैटो और स्विगी को बाजार में नई चुनौती मिल सकती है।
ऑनलाइन खरीदारी के क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुकी फ्लिपकार्ट अब खाने की घर तक डिलीवरी करने वाले कारोबार में भी उतरने की तैयारी कर रही है। वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली यह कंपनी जोमैटो और स्विगी को चुनौती देने के लिए अपनी नई सेवा का परीक्षण कर रही है। अगर कंपनी इसे बड़े स्तर पर शुरू करती है, तो भारत के तेजी से बढ़ते भोजन डिलीवरी बाजार में मुकाबला और तेज हो सकता है।
टेकक्रंच की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बेंगलुरु स्थित फ्लिपकार्ट फिलहाल अपने कर्मचारियों के बीच इस सेवा को आजमा रही है। बताया गया है कि इस काम से जुड़ी टीम में कर्मचारियों की संख्या कुछ सौ से बढ़ाकर 8,000 से ज्यादा कर दिया गया है। हालांकि, कंपनी की ओर से सेवा की व्यावसायिक शुरुआत की तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
इस सेवा के लिए फ्लिपकार्ट ने अपने वितरण कारोबार एकार्ट की मदद से डिलीवरी करने वाले कर्मचारियों का अलग समूह तैयार किया है। यह समूह कंपनी की त्वरित सामान डिलीवरी सेवा से अलग काम करेगा। रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु की सड़कों पर ‘ईट-इन बाय मिनट्स’ नाम लिखी वर्दी पहने डिलीवरी कर्मचारी परीक्षण के दौरान खाने के ऑर्डर पहुंचाते दिखाई दिए हैं।
नई सेवा को फ्लिपकार्ट के मुख्य मोबाइल ऐप में ही शामिल किया गया है। कर्मचारियों के लिए उपलब्ध इस शुरुआती व्यवस्था में खाने की डिलीवरी का अलग विकल्प दिया गया है। यह कंपनी की ‘मिनट्स’ सेवा और यात्रा बुकिंग वाले हिस्से के साथ दिखाई देता है। इससे ग्राहकों को अलग ऐप डाउनलोड किए बिना खरीदारी, खाने के ऑर्डर और दूसरी सेवाओं का इस्तेमाल करने की सुविधा मिल सकती है।
खाने की सूची तैयार करने के लिए फ्लिपकार्ट दो रास्तों पर काम कर रही है। पहला, सरकार समर्थित ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स यानी ओएनडीसी से जुड़े रेस्तरां और दुकानों की सूची का इस्तेमाल करना। यह ऐसा नेटवर्क है, जो अलग-अलग डिजिटल मंचों पर खरीदारों और विक्रेताओं को जोड़ने के लिए बनाया गया है। दूसरा तरीका स्थानीय रेस्तरां और खाने-पीने की दुकानों को सीधे अपने मंच से जोड़ना है। इस व्यवस्था से कंपनी अलग-अलग इलाकों में ग्राहकों को अधिक विकल्प देने की कोशिश कर सकती है।
खाने की डिलीवरी का कारोबार भारत में तेजी से बढ़ रहा है। ब्रोकरेज कंपनी बर्नस्टीन के अनुमान के अनुसार, यह बाजार हर साल 18 से 20 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। इसके बावजूद देश में कुल खाद्य सेवा कारोबार का केवल 15 प्रतिशत से कुछ अधिक हिस्सा ही डिजिटल ऑर्डर के जरिए आता है। इसका मतलब है कि इस क्षेत्र में आगे बढ़ने की काफी गुंजाइश है।
बर्नस्टीन के आंकड़ों के मुताबिक, जोमैटो की मालिक कंपनी एटर्नल और स्विगी के पास हर साल कुल मिलाकर 85 से 95 मिलियन भुगतान करने वाले ग्राहक हैं। देश में एक अरब से ज्यादा इंटरनेट सदस्यताओं के बीच यह बाजार नए खिलाड़ियों के लिए भी अवसर पैदा करता है।
गौरतलब है कि इस क्षेत्र में कम कीमत और कम शुल्क के आधार पर मुकाबला करने की कोशिशें पहले से जारी हैं। बाइक टैक्सी और सवारी सेवा देने वाली कंपनी रैपिडो अपने ‘ओनली’ मंच को बढ़ा रही है, जहां रेस्तरां से कमीशन नहीं लेने का मॉडल अपनाया गया है। वहीं, स्विगी ने कम कीमत वाले रोजमर्रा के भोजन पर केंद्रित ‘टोइंग’ नाम का अलग ऐप शुरू किया है। ऐसे में फ्लिपकार्ट को ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कीमत, डिलीवरी की गति और रेस्तरां के विकल्पों पर खास ध्यान देना होगा।
अन्य न्यूज़













