• फैशन डिजाइनिंग क्षेत्र में है कॅरियर की अपार संभावनाएं

बता दें कि सबसे पहले कोई फैशन डिजाइनर कागज पर अपने डिजाइन को स्केच करता है, और वर्तमान में तमाम सॉफ्टवेयर इसमें उसकी मदद करते हैं। इसी क्रम में फैशन डिजाइनिंग इलस्ट्रेशन के कोर्स भी किए जा सकते हैं।

बीते कई दशकों से फैशन इंडस्ट्री बहुत तेजी से छलांग भर रहा है। कपड़ों से लेकर जूतों तक, चश्मे से लेकर घड़ी तक और दूसरी तमाम एक्सेसरीज में अनेकानेक फैशन ब्रांड्स की भरमार, आपको अवश्य ही ललचाती होगी। शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा, जो फैशन से प्रत्यक्ष तौर पर प्रभावित नहीं होगा।

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कपड़ों का बाजार, एक्सपोर्ट हाउस की प्रोग्रेस ने इस क्षेत्र में कैरियर की तमाम संभावनाओं को जन्म दिया है। निश्चित तौर पर फैशन उद्योग को आगे बढ़ाने में फैशन डिजाइनिंग ने बड़ी भूमिका निभाई है। कुछ दशक पहले तक फैशन डिजाइनिंग, जहां कपड़ों की सिलाई तक ही सीमित रहती थी, तो अब इसमें क्रिएटिविटी कई स्तर पर कार्य कर रही है। ऐसे में अगर आप भी फैशन डिजाइनिंग का कोर्स करना चाहते हैं, तो आपका क्रिएटिव होना बेहद जरूरी है।

बता दें कि सबसे पहले कोई फैशन डिजाइनर कागज पर अपने डिजाइन को स्केच करता है, और वर्तमान में तमाम सॉफ्टवेयर इसमें उसकी मदद करते हैं। इसी क्रम में फैशन डिजाइनिंग इलस्ट्रेशन के कोर्स भी किए जा सकते हैं।

अगर ऑनलाइन आप बेसिक फैशन इलस्ट्रेशन का कोर्स कर लेते हैं, तो यह आपकी ना केवल प्रोफेशनल हेल्प करेगा, बल्कि किसी बढ़िया इंस्टिट्यूट में दाखिला लेने में मदद भी कर सकता है।

इलस्ट्रेशन के अलावा जो कंप्यूटर स्किल आपको फैशन डिजाइनिंग में चाहिए, वह है ग्राफिक एडिटिंग सॉफ्टवेयर, फोटोशॉप, इलस्ट्रेटर, कोरल ड्रा जैसे सॉफ्टवेयर की जानकारी। मुख्यतः यही यूज़ होते हैं इस इंडस्ट्री में। इन सॉफ्टवेयर पर आप कंप्यूटर ऐडेड डिजाइन बनाने में जितने परफेक्ट होंगे, उतनी ही आपकी फैशन डिजाइनिंग कॅरियर की संभावना आगे जायेगी।

तीसरा पॉइंट क्रिएटिविटी का है। जी हां! आप कितना नया सोच सकते हैं। कितने प्रयोग कर सकते हैं, इनोवेशन कर सकते हैं, और डिजाइंस को कितना सिंपल रखते हुए आकर्षक बना सकते हैं, या फिर कलर्स का कितना बेहतरीन प्रयोग कर सकते हैं। ऐसी चीजें आपको फैशन डिजाइनिंग की दुनिया में आगे ले जाने में काफी सहायता करती हैं।

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ध्यान रखिए! दुनिया की कोई भी इंडस्ट्री हो, कस्टमर के माइंडसेट को समझना कहीं ज्यादा इंपोर्टेंट है, और इसके लिए आपकी बेहतरीन कम्युनिकेशन स्किल आपकी काफी मदद करेगी। ना केवल कस्टमर इंटरेक्शन में, बल्कि अगर आप टीम के साथ काम करते हैं, तो भी यह आपकी काफी सहायता करने वाली है। इंटरेक्शन के दौरान ही आप महत्वपूर्ण निर्णय ले सकते हैं, और जब आप महत्वपूर्ण निर्णय लेने लगेंगे,  तब आप समझ पाएंगे कि फैशन डिजाइनिंग का डायरेक्शन किधर जा रहा है।

इसके अलावा फैशन ट्रेंड्स को समझने के लिए तमाम फैशन वेबसाइट्स को अवश्य फॉलो कीजिए, और उसमें अपनी पसंद के डिजाइन का नोट तैयार कीजिए।

इसके अलावा कई सारे ट्रेड शो होते हैं, जहां पर आपको जाना चाहिए। वहां उपलब्ध फैब्रिक के सैंपल को देखना चाहिए। अगर आप किसी कंपनी के लिए काम कर रहे हैं तो अपनी डिजाइनिंग आइडियाज को क्रम में बताएं, और उसे किसी फैशन शो में मॉडल के माध्यम से प्रदर्शित करने का प्रयत्न करें। ध्यान रखें, कंपनी जब आप के डिजाइन पर दांव लगाती है, तो उसमें परफेक्शन होना चाहिए, और ऊपर जो पॉइंट्स बताए गए हैं, वह आपकी इसी कड़ी में हेल्प कर सकते हैं। फैशन इंडस्ट्री में मौका बड़ी चीज है, और आपको अगर मौका मिलता है, उसके पहले आपकी तैयारी बेहतरीन स्तर की होनी चाहिए। ऐसा न हो कि आपको मौका मिले और आप उसे अधूरी तैयारी के कारण जाया कर दें।

एक और बहुत इंपॉर्टेंट बात है कि किसी भी फैशन डिजाइनिंग के लिए एक योग्य टीम का चुनाव बेहद जरूरी है। वास्तव में फैशन डिजाइनिंग एक आईडिया ही तो है, और ऐसे में टीम का सहयोग सही आईडिया इम्प्लीमेंट करने में बड़ी भूमिका निभाता है।

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सामान्य तौर पर कॅरियर को लेकर, टेंथ- ट्वेल्थ (10वीं / 12वीं) के बाद ही स्टूडेंट्स की रूचि स्टार्ट होती है। ऐसे में निफ्ट जैसे बेहद रेपुटेड संस्थान में एंट्रेंस एग्जाम के जरिए आप फैशन डिजाइनिंग का कोर्स कर सकते हैं। इसके सिलेबस में मैथ, इंग्लिश, ड्राइंग इत्यादि शामिल हैं। फैशन डिजाइनिंग के कोर्सेज की बात करें, तो अपैरल मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी, अपैरल मर्चेंडाइजिंग कोर्स, स्विंग मशीन ऑपरेटर, पैटर्न कटिंग मास्टर कोर्स, डिप्लोमा इन फैशन सैंपल, इन कोऑर्डिनेशन प्रोडक्शन, सुपरविजन क्वालिटी कंट्रोल जैसे कई कोर्स शामिल हैं, जिसे आप अपनी सुविधा / रुचि के अनुसार कर सकते हैं।

फैशन डिजाइनिंग तकरीबन 3 साल का सिलेबस होता है, और अगर 12वीं में आपके 50 परसेंट तक मार्क्स हैं, तब आप यह कोर्स कर सकते हैं, और कोर्स पूरा करने के बाद एक्सपोर्ट हाउस में फैशन डिजाइनर, फैशन कोऑर्डिनेटर इत्यादि की पोस्ट पा सकते हैं।

कमाई की बात करें तो अगर आप कहीं जॉब करते हैं तो 15 से 20 हज़ार की शुरुआत आपको आसानी से मिल जाएगी, और अगर आपकी रुचि बरकरार रहती है, तो फिर आप फैशन इंडस्ट्री के रास्ते फिल्म इंडस्ट्री और कॉर्पोरेट क्लायंट्स को अपनी सर्विसेज दे सकते हैं, और ऐसे में कमाई की कोई लिमिट नहीं होती।

बस ज़रुरत है तो आपको अपने पंखों को फैलाने की!

- मिथिलेश कुमार सिंह