Project 18 Destroyer आखिर है क्या? जिसने चीन-पाकिस्तान दोनों की उड़ा दी नींद

 Project 18
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अभिनय आकाश । Jun 10 2026 1:26PM

ग्रीक सिटी टाइम्स की रिपोर्ट बताती है कि इस जहाज का वजन करीब 11,000 से 13,000 टन के बीच होगा और इसकी लंबाई लगभग 180 मीटर तक हो सकती है। यानी यह समंदर में तैरते हुए एक किले की तरह दिखाई देगा। इस महाविशाल जहाज को चलाने के लिए इंटीग्रेटेड इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन यानी आईईपी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।

प्रोजेक्ट 18 एक ऐसा प्रोजेक्ट जो भारतीय नौसेना की तस्वीर बदल देगी। समंदर में इंडियन नेवी को सिकंदर बना देगा। चीन पाकिस्तान जैसे देश समंदर में भारत की ताकत का मुकाबला भी नहीं कर पाएंगे। इस प्रोजेक्ट के तहत भारत अब सिर्फ सामान्य युद्धपोत यानी डिस्ट्रयर नहीं बल्कि उससे कहीं बड़ा और दुनिया का सबसे शक्तिशाली क्रूजर क्लास युद्धपोत बनाने की तैयारी में है। यह नया जहाज भारतीय नौसेना का अब तक का सबसे बड़ा और घातक सरफेस वॉरशिप होगा जो समंदर में दुश्मनों के होश उड़ा देगा। ग्रीक सिटी टाइम्स की रिपोर्ट बताती है कि इस जहाज का वजन करीब 11,000 से 13,000 टन के बीच होगा और इसकी लंबाई लगभग 180 मीटर तक हो सकती है। यानी यह समंदर में तैरते हुए एक किले की तरह दिखाई देगा। इस महाविशाल जहाज को चलाने के लिए इंटीग्रेटेड इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन यानी आईईपी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। 

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यह एक ऐसी एडवांस तकनीक है जो जहाज को बहुत ज्यादा बिजली देगी। सबसे बड़ी बात यह समंदर के अंदर बिल्कुल भी आवाज नहीं करेगा। इससे दुश्मन की पनडुब्बियां इसे ढूंढ नहीं पाएंगी और यह चुपके से अपना काम कर सकेगा। इस जहाज को मिलने वाली भारी भरकम बिजली का इस्तेमाल भविष्य के खतरनाक हथियारों को चलाने में होगा। इसमें बेहद एडवांस रडार सिस्टम और डायरेक्टेड एनर्जी पर लगाए जाएंगे। जो पलक झपकते ही दुश्मन के मिसाइलों और विमानों को हवा में ही भस्म कर देंगे। यह जहाज पूरी तरह से डिजिटल और ऑटोमेटिक होगा। हाईटेक मशीनों के कारण इस जहाज को चलाने के लिए मौजूदा जहाजों के मुकाबले 25 से 30% कम क्रूड की जरूरत पड़ेगी। इससे नौसेना का खत भी बचेगा और काम भी तेजी से होगा। यह युद्धपोत सिर्फ खुद लड़ाई नहीं लड़ेगा बल्कि समंदर का बॉस बनकर काम करेगा। 

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यह एक मल्टीडोमेन कमांड हब होगा जो आसमान में उड़ने वाले ड्रोन समंदर की सतह पर तैरने वाले बिना इंसानों की नाभव और पानी के नीचे चलने वाले ड्रोन को एक साथ कंट्रोल और गाइड कर सकेगा। इस युप्पोध की सबसे हैरान करने वाली बात इसका घातक वेपन सिस्टम है। प्रोजेक्ट 18 के तहत इस जहाज में 144 वर्टिकल लॉन्च सिस्टम सेल्स होने की उम्मीद है। इसके अलावा इस जहाज के बीच के हिस्से में स्लंट लांचर भी लगाए जा सकते हैं। हथियारों का यह महाविनाशक कॉम्बिनेशन इसे पूरे एशिया का सबसे भारी और खतरनाक हथियारों वाला युद्धपोत बना देगा। दुश्मनों के लिए इस जहाज को छू पाना भी नामुमकिन होगा। यह युद्धपोत एक मजबूत और कई परतों वाले एयर और मिसाइल डिफेंस सिस्टम से पूरी तरह से लैस होगा। इतना ही नहीं इस जहाज में खास एंटीबलेस्टिक मिसाइल सिस्टम भी होगा जो 250 से 350 किलोमीटर की दूरी से ही दुश्मन की बैलेस्टिक मिसाइलों को पहचान कर उन्हें हवा में ही मलबे में तब्दील कर देगा। 

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