दिल्ली के पहाड़गंज में शर्मनाक वारदात: पिता ने किया बेटी का कई बार बलात्कार, बच्ची ने की शिकायत, पुलिस ने किया गिरफ्तार

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रेनू तिवारी । Feb 3 2026 8:47AM

रविवार को इस घटना की शिकायत करने वाली आठवीं कक्षा की छात्रा ने पुलिस को बताया कि वह मुख्य रूप से अपने छोटे भाई-बहन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सामने आई। लड़की अपने मकान मालिक के साथ पहाड़गंज थाने पहुंची।

देश की राजधानी के मध्य दिल्ली इलाके से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है। पहाड़गंज इलाके में एक कलयुगी पिता ने अपनी ही 14 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ कई बार बलात्कार किया। हालांकि, बच्ची की बहादुरी और सूझबूझ के कारण आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। रविवार को इस घटना की शिकायत करने वाली आठवीं कक्षा की छात्रा ने पुलिस को बताया कि वह मुख्य रूप से अपने छोटे भाई-बहन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सामने आई। लड़की अपने मकान मालिक के साथ पहाड़गंज थाने पहुंची।

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पुलिस ने बताया कि शिकायत में लड़की ने कहा कि उसकी मां लगभग 15 दिन पहले बिहार में उनके पैतृक गांव चली गई थी, जिसके बाद उसका उत्पीड़न शुरू हुआ। पुलिस के अनुसार लड़की ने आरोप लगाया कि 31 जनवरी और एक फरवरी की रात के दौरान उसके पिता ने घर पर उसका बलात्कार किया।

लड़की ने पुलिस को बताया कि उसने विरोध किया, लेकिन पिता ने धमकाकर चुप रहने के लिए कहा। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, “लड़की ने बताया कि पिछले 10-15 दिन में चार-पांच बार इसी तरह की घटनाएं हुईं।

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कानूनी कार्रवाई और वर्तमान स्थिति

शिकायत मिलते ही दिल्ली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है।

POCSO एक्ट: चूंकि पीड़िता नाबालिग है, इसलिए पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की संबंधित धाराओं के साथ-साथ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।

काउंसलिंग और मेडिकल: बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और उसे आवश्यक मनोवैज्ञानिक सहायता (काउंसलिंग) प्रदान की जा रही है। 

सामाजिक परिप्रेक्ष्य: जागरूकता की आवश्यकता

यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है। ऐसे मामलों में अक्सर पीड़ित डर या सामाजिक लोक-लाज के कारण चुप रह जाते हैं। लेकिन इस 14 वर्षीय बच्ची ने जो साहस दिखाया है, वह काबिले तारीफ है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों को 'गुड टच' और 'बैड टच' के बारे में शिक्षित करना और उन्हें यह विश्वास दिलाना कि वे किसी भी गलत व्यवहार के खिलाफ आवाज उठा सकते हैं, अत्यंत आवश्यक है।

चाइल्ड हेल्पलाइन: यदि आपके आस-पास किसी बच्चे के साथ उत्पीड़न हो रहा है, तो तुरंत 1098 (चाइल्डलाइन इंडिया) पर कॉल करें। 

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