आखिर किस विभाग में सुधार कर टीम इंडिया जीत पाएगी वर्ल्ड कप ?

By दीपक कुमार मिश्रा | Publish Date: Mar 12 2019 3:05PM
आखिर किस विभाग में सुधार कर टीम इंडिया जीत पाएगी वर्ल्ड कप ?
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भारतीय टीम के पिछले कुछ वनडे सीरीज पर नजर डालें तो इस टीम का प्रदर्शन काफी शानदार रहा है। वर्ष 2018 में दक्षिण अफ्रीकी में वनडे सीरीज जीतने वाली भारतीय टीम को इंग्लैंड में वनडे सीरीज में 2-1 से हार का सामना करना पड़ा।

भारतीय क्रिकेट टीम का प्रदर्शन काफी शानदार चल रहा है। इंग्लैंड में होने वाले वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया शीर्ष की 3-4 टीमों में शुमार है। खिताब जीतने के लिए भी भारतीय टीम प्रमुख दावेदारों में से एक है। इंग्लैंड और वेल्स में इस साल मई में शुरू होने से पहले अगर भारतीय टीम के ऊपर नजर डालें तो सब कुछ ठीक लगता है। इस टीम की बेंच स्ट्रैंथ काफी मजबूत है, बल्लेबाज इस टीम के लिए सबसे बड़ा हथियार है। स्पिन डिपार्टमेंट में कुलदीप और चहल की जोड़ी किसी भी दिन तहलका मचाने का दमखम रखती है। वहीं इस टीम की तेज गेंदबाजी अब इसकी नई जान बन चुकी है।
भाजपा को जिताए

भारतीय टीम के पिछले कुछ वनडे सीरीज पर नजर डालें तो इस टीम का प्रदर्शन काफी शानदार रहा है। वर्ष 2018 में दक्षिण अफ्रीकी में वनडे सीरीज जीतने वाली भारतीय टीम को इंग्लैंड में वनडे सीरीज में 2-1 से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि इसके बाद ब्लू ब्रिगेड में भारतीय फैंस को बिल्कुल भी निराश नहीं किया। टीम ने एशिया कप जीतने के बाद वेस्ट इंडीज को अपने घर में मात दी। इस टीम ने ऑस्ट्रेलिया में जाकर 2-1 से वनडे सीरीज जीती। उसके बाद कीवी सरजमीं पर भारतीय टीम ने 5 मैचों की सीरीज को 4-1 से अपने नाम किया। टीम इंडिया के लिए वैसे तो सब कुछ ठीक चल रहा है। इस टीम के पास विराट कोहली जैसा कप्तान है। जिसके बल्ले में ऐसा जादू है, जिसके ऊपर सभी गेंदबाज नाचते हैं। पूर्व कप्तान एमएस धोनी भी अब अपने पुराने अंदाज में लौट चुके हैं। अगर इस टीम के ताकत पर नजर डालें तो हर वो एरिया फिट बैठता है, जिसके बारे में बात की जाती है। हालांकि शानदार खिलाड़ियों से भरी हुई इस टीम में अभी भी कुछ खामियां हैं, जिसे अगर वक्त रहते ठीक कर लिया जाए तो भारत को वर्ल्ड कप जीतने से कोई नहीं रोक सकता है।
 
भारतीय टीम को चाहिए जादूगर फिनिशर
 
टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ज्यादातर समय टॉस जीतने के बाद रनों का पीछा करना ही पसंद करते हैं। इसका कारण टीम इंडिया का बेहतरीन और विश्व स्तरीय बल्लेबाजों से लैस होना है। टीम इंडिया की बल्लेबाजी लाइनअप शिखर धवन, रोहित शर्मा, विराट कोहली, एमएस धोनी जैसे सितारों से भरी है। जो अकेले दम पर मैच का रूख पलटने का माद्दा रखते हैं। इस टीम की जीत में ज्यादातर समय इन खिलाड़ियों ने मैच भारत की झोली में डाला है। वैसे तो टीम इंडिया के लिए पिछले कुछ समय से एमएस धोनी, युवराज सिंह और सुरेश रैना जैसे खिलाड़ी मैच फिनिश करते आए हैं। लेकिन अब इस टीम के लिए मैच फिनिश करने का दारोमदार नए खिलाड़ियों पर है। इसमें केदार जाधव, ऋषभ पंत और हार्दिक पांड्या जैसे खिलाड़ियों का नाम शामिल है। केदार जाधव पिछले कुछ समय से ज्यादातर समय मैच फिनिश करने में सफल रहे हैं। लेकिन उन्हें अभी भी काफी अनुभव और मेहनत की जरूरत है। एमएस धोनी के साथ बल्लेबाजी करते वक्त केदार जाधव ज्यादा सजग दिखते हैं। लेकिन अगर टीम लड़खड़ा जाती है तो केदार की बल्लेबाजी भी कुछ ठहराव आ जाता है। इसके अलावा ऋषभ पंत को नीचे खेलते हुए मौका मिलता है तो वो भी फिनिशर की भूमिका निभा सकते हैं। हम सभी जानते हैं कि पंत किस अंदाज से बल्लेबाजी करते हैं। अगर पंत का बल्ला वर्ल्ड कप में चल निकले तो भारत को एक बेहतरीन फिनिशर मिल सकता है। 


टॉप आर्डर के बल्लेबाजों पर ज्यादा निर्भरता हो सकती है नुकसानदेह


 
भारतीय टीम के लिए पिछले कुछ समय में ज्यादातर जीत रनों का पीछा करते हुए आई है। इस जीत में सबसे ज्यादा योगदान विराट कोहली, रोहित शर्मा और शिखर धवन जैसे बल्लेबाजों के रनों का होता है। भारत का शीर्षक्रम ही इस टीम की जीत की प्रमुख कुंजी है। अगर इस टीम के ओपनर फेल होते हैं और उसके बाद कप्तान कोहली भी कुछ कमाल नहीं कर पाते हैं तो नीचे की बल्लेबाजी का बिखरना आम बात है। ओपनर्स के जाने के बाद टीम का मध्यक्रम परेशानी में पड़ जाता है। इस टीम के नीचे बल्लेबाजी करने वाले अंबाति रायूड, एमएस धोनी, केदार जाधव, हार्दिक पांड्या, विजय शंकर और दिनेश कार्तिक बड़े लक्ष्य का पीछा नहीं कर पाते हैं। वहीं स्विंग लेती पिचों पर टीम इंडिया की बल्लेबाजी एकदम से बिखर जाती है। इसका उदाहरण हम न्यूजीलैंड के वेलिंगटन और हैमिल्टन जैसे वनडे मैच में देख चुके हैं। साफ है टीम इंडिया को अगर इंग्लैंड के वर्ल्ड कप में जीत हासिल करनी है, तो इस टीम के सभी बल्लेबाजों को चुनौती लेने की जरूरत है। मिडिल आर्डर और निचले क्रम के बल्लेबाजों को सूझ-बूझ से बल्लेबाजी करनी होगी। क्योंकि अगर इंग्लैंड में टीम इंडिया का टॉप आर्डर कभी रन नहीं बना पाता है तो इस टीम में इतनी काबिलियत होनी चाहिए कि इसका कोई भी बल्लेबाज टीम को मुश्किल से उबार सके।
 
इंग्लैंड में कौन होगा टीम इंडिया के लिए पांचवे गेंदबाज का विकल्प ?
 
भारत के लिए वनडे में तीसरे गेंदबाज का मुख्य विकल्प हार्दिक पांड्या के रूप में दिखता है। विजय शंकर और केदार जाधव भी टीम का हिस्सा बनने पर पांचवें गेंदबाज के रूप में काम आ सकते हैं। हार्दिक पांड्या मध्यम तेज गति की गेंदबाजी करते हैं और इंग्लैंड की परिस्थितियों में वो टीम के काम आ सकते हैं। वहीं उन्हें इंग्लैंड में खेलने का अनुभव भी प्राप्त है जो फायदे का सौदा हो सकता है। इसके अलावा केदार जाधव भी टीम के लिए कुछ ओवर डाल सकते हैं। पिछले कुछ समय से केदार जाधव काफी अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं। वो रनों की रफ्तार को बांधते हैं और टीम को विकेट निकाल कर देते हैं। इसके लिए उन्हें जोड़ी ब्रेकर का नाम भी दिया जाता है। इसके अलावा अगर विजय शंकर वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा होते हैं, तो टीम उनसे भी गेंदबाज के रूप में सेवा ले सकती है। हालांकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे टीम में हिस्सा रहने वाले शंकर को गेंदबाजी का ज्यादा मौका नहीं मिला है। लेकिन दूसरे वनडे में आखिरी ओवर में टीम को जीत दिलाने वाले शंकर अगर अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो उन्हें भी टीम इंडिया इंग्लैंड में पांचवें गेंदबाज के रूप में आजमा सकती है।
 
-दीपक कुमार मिश्रा

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