वह खिलाड़ी जिन्होंने 2020 में दुनिया को कहा अलविदा

वह खिलाड़ी जिन्होंने 2020 में दुनिया को कहा अलविदा

26 जनवरी 2020 का वो दिन जब भारत अपना गणतंत्र दिवस मना रहा था उस समय हजारों मील दूर बास्केटबॉल जगत का एक दिग्गज हमेशा के लिए दुनिया को अलविदा कह गया। इस दिन अमरीका के महान पूर्व बास्केटबॉल खिलाड़ी कोबे ब्रायंट की एक हेलीकॉप्टर हादसे में मृत्यु हो गई।

साल 2020 में कोरोना के प्रकोप ने पूरी दुनिया को अपने गिरफ्त में ले लिया। हर जगह बस इसी महामारी की तबाही थी। पूरे विश्व में हर देश इस बीमारी से परेशान थे जिसने कई खेलों को बर्बाद कर दिया और उनके फैंस को निराशा दी। लेकिन साल 2020 खेल जगत के लिए काफी खराब रहा। क्योंकि इस साल ना सिर्फ फैंस को लाइव मैच देखने का लुत्फ नहीं मिला बल्कि उनके पसंदीदा खिलाड़ी हमेशा के लिए इस दुनिया को अलविदा कह गए। इनमे से कई खिलाड़ी वो थे जिनके मौत की खबर सुनकर फैंस को बड़ा झटका लगा क्योंकि यह अभी उम्र के उस पड़ाव पर थे जहां उनकी काफी जिंदगी बाकी थी।

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कोबे ब्रायंट

26 जनवरी 2020 का वो दिन जब भारत अपना गणतंत्र दिवस मना रहा था उस समय हजारों मील दूर बास्केटबॉल जगत का एक दिग्गज हमेशा के लिए दुनिया को अलविदा कह गया। इस दिन अमरीका के महान पूर्व बास्केटबॉल खिलाड़ी कोबे ब्रायंट की एक हेलीकॉप्टर हादसे में मृत्यु हो गई। कोबे का प्राइवेट हेलिकॉप्टर कैलिफार्निया के कैलाबैसस में कैश हो गया। इस हादसे का शिकार कोबे के साथ उनकी 13 साल की बेटी गियेना भी हो गई। कोबे और उनकी बेटी के अलावा हैलिकॉप्टर में बैठे और लोग भी नहीं बच सकें। साल 2020 के शुरूआत में ही खेल जगत को एक ऐसा झटका लगा जिससे बास्केटबॉल फैंस अभी तक नहीं उभर पाएं है। 

डिएगो माराडोना

इस खिलाड़ी ने फुटबॉल जगत को कई शानदार अनुभव कराए इसमें से अर्जेंटीना के लिए वर्ल्ड कप जीतना सबसे बेहतरीन पल था। लेकिन साल 2020 के 25 नवंबर तो डिएगो माराडोना के लिए अंतिम दिन साबित हुआ। इस दिन हैंड ऑफ गॉड वाले लम्हें को दुनिया के सामने लाने वाला माराडोना का निधन हो गया। माराडोना हार्ट अटैक के कारण दुनिया को छोड़कर चले गए। हालांकि उनकी तबियत काफी समय से खराब रहती थी और इसमें उनका ड्रग्स का सेवन करना सबसे बड़ी वजह रहा। माराडोना के निधन के बाद पूरे फुटबॉल जगत में मातम छा गया और उनके फैंस के दिलों में बस इस खिलाड़ी की यादें रह गई।

डीन जोन्स 

साल 2020 में क्रिकेट जगत को भी एक बड़ा झटका लगा और ये हुआ ऑस्टेलिया के पूर्व क्रिकेटर डीन जोन्स के निधन की वजह से जहां उन्होंने 24 सितंबर को इस दुनिया से अलविदा कह दिया। जोन्स आईपीएल 2020 के लिए कमेंट्री करने वालों की टीम में शामिल थे और भारत में मौजूद थे। लेकिन अचानक से 59 साल के डीन जोन्स को हार्ट अटैक आया और उनका निधन हो गया। डीन ने ऑस्ट्रेलिया के लिए बल्लेबाजी करते हुए कई शानदार पारियां खेली वहीं मौजूदा दौर में वह अंग्रेजी के बेहतरीन कमेंटेटर्स में शुमार थे।

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बलबीर सिंह सीनियर

हॉकी की दुनिया में भारत का परचम लहराने वाले बलबीर सिंह सीनियर के किस्से कौन नहीं जानता। आजाद भारत को ओलंपिक गोल्ड दिलाने में बलबीर सिंह सीनियर की काफी बड़ी भूमिका थी। ऐसे में इस साल हॉकी के फैंस के लिए भी काफी दुख का सामना करने वाला रहा। जहां 96 वर्षीय बलबीर सिंह सीनियर काफी लंबे समय से अस्पताल में जूझने के बाद दुनिया को अलविदा कह कर चले गए। बलबीर सिंह सीनियर के निधन के बाद पूरा भारत शोक में डूब गया जहां कई बड़े सेलेब्रिटी समेत आम आदमी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

एशले कूपर

ऑस्ट्रेलियन पुरूष टेनिस में अगर स्वर्णिम युग आया था तो वह 1950 का दौर था उस समय पर एशले कूपर नाम के खिलाड़ी का काफी महत्तव था। ऑस्ट्रेलिया ने यूएस, ऑस्ट्रेलियन और विबंलडन जैसे खिताब अपने नाम किए थे जो इस साल दुनिया को हमेशा के लिए छोड़ कर चले गए। एशले के जाने के बाद टेनिस जगत को काफी बड़ा सदमा लगा और कई बड़े खिलाड़ियों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी।

टॉनी लुईस

क्रिकेट खेलने और देखने वालों को डकवर्थ लुईस नियम के बारे में जरूर पता होगा। बारिश की वजह से मैच में बाधा आने के बाद इस नियम को इस्तेमाल में लाया जाता है। ऐसे में इस नियम की खोज करने वाले टॉनी लुईस भी साल 2020 में दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कहकर चले गए।

चेतन चौहान

क्रिकेट के फैंस के लिए भी साल 2020 काफी खराब रहा क्योंकि कोरोना के प्रकोप के कारण पूर्व भारतीय क्रिकेटर चेतन चौहान को भी इस साल दुनिया से अलविदा कहना पड़ा। चेतन चौहान को किडनी फेल होने की वजह से दुनिया छोड़नी पडी। गुरूग्राम के मेदांता अस्पताल में चेतन चौहान का लंबे समय इलाज चला। जहां आखिरकार उनका देहांत हो गया। चेतन चौहान के निधन के बाद पूरा क्रिकेट जगत और राजनीति जगत शोक में डूब गया।

बापू नादकर्णी

भारतीय क्रिकेट का सबसे कंजूस गेंदबाज जिसे हमेशा से बल्लेबाजों को रनों के लिए तरसाते हुए देखा गया वह 86 साल की उम्र में इसी साल दुनिया को अलविदा कह के चला गया। 17 जनवरी 2020 के दिन बापू नादकर्णी हमेशा के लिए अलविदा कह गए। 955 में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ अपने इंटरनेशनल कैरियर की शुरुआत की थी. 13 साल लंब सफ़र में 41 टेस्ट में 88 विकेट अपने नाम किए। टेस्ट क्रिकेट में नादकर्णी के नाम लगातार 21 ओवर मेडन फेंकने का रिकार्ड दर्ज था। 

चुन्नी गोस्वामी

भारतीय फुटबॉल को इस साल सबसे बड़ा झटका देश के दिग्गज फुटबॉलर चुन्नी गोस्वामी के निधन की वजह से लगा। इस खिलाड़ी की कप्तानी में भारतीय फुटबॉल ने साल 1962 में एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया था। 82 साल के चुन्नी गोस्वामी का हार्ट अटैक की वजह से निधन हुआ। जिसके बाद भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत खेल मंत्री किरण रिजिजू ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

- दीपक कुमार मिश्रा