शनिवारी अमावस्या के दिन हनुमान जी की उपासना से होंगे दोष दूर

शनिवारी अमावस्या के दिन हनुमान जी की उपासना से होंगे दोष दूर
Prabhasakshi

शनैश्चरी अमावस्या के दिन शनि देव के साथ बजरंगबली की पूजा का भी विधान है। शनिदेव हनुमान जी के भक्तों पर हमेशा कृपा करते हैं। इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ करें। शास्त्रों के अनुसार हनुमान जी के दर्शन करने मात्र से ही सभी दोष समाप्त हो जाते हैं और बाधाएं दूर होती हैं।

आज शनिवारी अमावस्या है, अमावस्या के साथ सूर्य ग्रहण होने के कारण इस दिन का विशेष महत्व है, तो आइए हम आपको शनिवारी अमावस्या का महत्व बताते हैं। 

जानें शनिवारी अमावस्या के बारे में 

शनिवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या को शनि अमावस्या या शनिश्चरी अमावस्या के नाम से जाना जाता है। इस बार शनि अमावस्या 30 अप्रैल की पड़ रही है। साथ ही इस दिन आंशिक सूर्य ग्रहण लगने के कारण इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है। इस दिन शनि देव की पूजा अर्चना करने से शनि देव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। जिन जातकों पर साढ़े साती या फिर ढैय्या चल रही होती है, वे शनि देव के उपाय कर उन्हें प्रसन्न कर सकते हैं।

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शनि अमावस्या के दिन इन कामों से होगा लाभ

शनि अमावस्या के दिन शाम के समय शनि देव की प्रतिमा के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं और उन्हें सरसों का तेल अर्पित करें। इसके साथ ही उन्हें काले रंग का कपड़ा अर्पित करें। फिर शनि चालीसा का पाठ करें। पंडितों का मानना है कि इस दिन पीपल के पेड़ की जड़ में दीपक अवश्य जलाएं। इससे पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।

हनुमान जी की पूजा से होगा लाभ

इस दिन शनि देव के साथ बजरंगबली की पूजा का भी विधान है। शनिदेव हनुमान जी के भक्तों पर हमेशा कृपा करते हैं। इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ करें। शास्त्रों के अनुसार हनुमान जी के दर्शन करने मात्र से ही सभी दोष समाप्त हो जाते हैं और बाधाएं दूर होती हैं। 

रुद्राक्ष करें धारण भी होगा लाभकारी

पंडितों के अनुसार शनि अमावस्या के दिन सातमुखी रुद्राक्ष को गंगाजल में धोकर धारण करने से सारी समस्याओं दूर होती हैं. इस दिन ‘ऊं प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः’ और ऊं शं शनिश्चरायै नमः’ मंत्रों का जाप अवश्य करें. इस दिन अवश्य ही जरूरमंदों को दान करें।

पितृ दोष दूर करने के लिए करें ये उपाय

इस दिन पीपल के पेड़ के नीचे चौमुखा दीपक जलाने से धन, वैभव और यश में वृद्धि होती है. साथ ही पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। मान्यता है कि इस दिन पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। ऐसा करने से आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं और पैसों की कमी से छुटकारा मिलता है।

दान का है विशेष महत्व 

शनि अमावस्या के दिन काली चीजों का दान करने से लाभ होता है। इस दिन उड़द की दाल, काला कपड़ा, काले तिल और काले चने किसी गरीब को दाव में देने से शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है। लेकिन इस दिन खुद काले रंग के कपड़े पहनने से परहेज करें। ऐसा करने से घर में खुशहाली आती है। 

शनि अमावस्या का महत्व

शनि अमावस्या के दिन शनि देव की पूजा करनी चाहिए। आप किसी भी शनि मंदिर में जाकर शनि देव की पूजा करें। साथ ही उनको काला या नीला वस्त्र, नीले फूल, काला तिल, सरसों का तेल आदि चढ़ाएं। इस दिन आपको जरूरतमंद लोगों को छाता, जूते-चप्पल, उड़द की दाल, काला तिल, सरसों का तेल, शनि चालीसा आदि का दान करना चाहिए। इसके साथ भोजन कराने और असहाय लोगों की मदद करने से भी कर्मफलदाता शनि देव प्रसन्न होते हैं। इस दिन आप शनि देव के मंत्रों का जाप जरूर करें। ऐसा करने से शनि देव की कृपा आप पर बनी रहेगी।

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सरसों के तेल का दीपक जलाएं

शनि अमावस्या के दिन शाम के समय शनि देव की प्रतिमा के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं और उन्हें सरसों का तेल अर्पित करें। इसके साथ ही उन्हें काले रंग का कपड़ा अर्पित करें। फिर शनि चालीसा पाठ करें। इस दिन पीपल के पेड़ की जड़ में दीपक अवश्य जलाएं। इससे पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।

- प्रज्ञा पाण्डेय