अपनी आखिरी फिल्म 'दिल बेचारा' से जिंदगी को जिंदादिली से जीना सिखा गये सुशांत सिंह राजपूत

अपनी आखिरी फिल्म 'दिल बेचारा' से जिंदगी को जिंदादिली से जीना सिखा गये सुशांत सिंह राजपूत

बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत भले ही इस दुनिया में अब न हो लेकिन वह अपने टैलेंट के कारण हमेशा लोगों के दिलो में जिंदा रहेगें। सुशांत ने 24 जुलाई को अपने नाम किया। ये वो दिन था जब सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फिल्म दिल बेचारा को हॉटस्टार पर रिलीज किया गया।

बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत भले ही इस दुनिया में अब न हो लेकिन वह अपने टैलेंट के कारण हमेशा लोगों के दिलो में जिंदा रहेगें। सुशांत ने 24 जुलाई को अपने नाम किया। ये वो दिन था जब सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फिल्म दिल बेचारा को हॉटस्टार पर रिलीज किया गया। इस फिल्म को देखने के लिए आपके एक रुपये भी नहीं खर्च करने है इसे आप बिलकुल फ्री में हॉटस्टार पर देख सकते हो। दिल बेचारा फिल्म के निर्माताओं ने फिल्म को सभी के लिए उपलब्ध कराकर, इस तरह एक सुपरस्टार को श्रद्धांजलि दी है।

इसे भी पढ़ें: प्रियंका चोपड़ा-निक जोनस ने बढ़ाया मदद का हाथ, बाढ़ से जूझ रहे असम के लिए दिया दान

दिल बेचारा को रिलीज के दिन रिकॉर्ड तोड़ संख्या में देखा गया है। सुशांत की ये लोकप्रियता उन लोगों के मुंह पर जोरदार थप्पड़ है जो टैलेंट में नहीं बल्कि चाटने और चटवानें में विश्वास रखते हैं। सुशांत ने फिल्म में अपने एक्प्रेशन और स्माइल से लोगों की आंखें भींगो दी। 1 घंटे 40 मिनट की फिल्म में सुशांत अपनी स्माइल से आपकों बार-बार मुस्कुराने पर मजबूर करते रहेगें। फिल्म के आखिरी 15 मिनट आपको रोने के लिए मजबूर कर देंगे। फिल्म The Fault In Our Stars का अडप्टेशन हैं। जिसे कुछ बदलाव के साथ बनाया गया है।

 फिल्म की कहानी

फिल्म की कहानी किजी बासू (संजना साघी) के एक डायलॉग से शुरू होती है। जिसमें वह कहती है "एक था राजा एक थी रानी दोनों मर गये खत्म कहानी" ये कहानी कभी अच्छी नहीं लगती लेकिन सच यहीं होता है। फिल्म की भी कहानी यहीं है किसी बासू थाइरॉयड कैंसर से पीड़ित है एक ऑक्सीजन सिलेंडर के सहारे अपनी बची हुई जिंदगी को जी रही है। जिंदगी और मौत के खेल में किजी काफी उलझी हुई है वह एक नॉर्मल जिंदगी जीना चाहती है लेकिन ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ नहीं जी सकती। एक दिन किजी की जिंदगी में एक दिलखुश लड़के मैनी ( सुशांत सिंह राजपूत) की एंट्री होती है जो किजी बासू को मौत के डर के साये के बीच भी शानदार तरीके से जिंदगी जीना सिखाता है। दोनों प्यार में पड़ जाते हैं। किसी एक सिंगर अभिमन्यु (सैफ अली खान) की बहुत बड़ी फैन होती है जिसने अपना एक गाना अधूरा छोड़ दिया और गायब हो गया। किजी जानना चाहती है कि आखिर ये गाना उन्होंने पूरा क्यों नहीं किया। किजी एक बार सिंगर अभिमन्यु से मिलना भी चाहती है एक दिन सिंगर किजी के मेल का रिप्लाई करता है और कहता है कि अगर कभी पेरिस आओ तो मिलना जरुर। बस फिर क्या मैनी और किजी परिस के लिए तैयार हो जाते है। किजी को इस हालत में डॉक्टर मना करते है लेकिन वह नहीं मानती और मैनी , किजी और किजी की मां पेरिस पहुंच जाते हैं। किजी, मैनी के साथ सिंगर अभिमन्यु से मिलती है जो कि अपने प्यार के खो जाने के कारण पागल हो चुका होता है। इसी कारण उसने अपना गाना पूरा नहीं किया। पेरिस में ही किजी अपने प्यार का इजहार मैनी (सुशांत सिंह राजपूत) से करती है लेकिन सुशांत को एक बेहद खतरनाक बीमारी होती है.... इसके बाद क्या होगा वो आप सोचना भी नहीं सकोगे। जिंदगी को जिंदादिली से जीना चाहते हो तो एक बार दिल बेचारा जरुर देखों। आपको मदद करेगी।

कलाकार

सुशांत की फिल्म दिल बेचारा को रेटिंग दूं ये मेरे बस की बात नहीं है। फिल्म में कोई कमी नहीं है शानदार कलाकार, कहानी, डायरेक्शन , स्क्रिनप्ले और सबसे ज्यादा सुशांत से जुड़े इमोशन मुझे उस स्तर पर नहीं ले जाते है जहां में इस फिल्म को स्टार के तराजू में तौल सकूं।

पहली बार सुशांत ने बड़े-बड़े डायलॉग से नहीं बल्कि अपने एक्सप्रेशन से फिल्म में जान डाली है। सुशांत की हंसी आपकों उनके चेहरा कभी भूलने नहीं देगी। सुशांत ने बिना टेक के फिल्म का टाइटल ट्रेक रिकॉर्ड किया है। कोई भी खान या कपूर अभी तक ऐसा नहीं कर पाया है। दिग्गज अभिनेता सुशांत का जाना सिनेमा के लिए एक बड़ी हानि हैं। 

संजना संघी सिनेमा की पापा कि परियों के लिए एक बड़े खतरे की तरह है। उनको संभल कर रहना होगा क्योंकि संजना संघी आने वाले समय की सुपरस्टार है। फिल्म में उन्होंने बहुत ही शानदार काम किया है और सुशांत के साथ कदम से कदम मिलाती नजर आयी हैं। 

 सुशांत और संजना के अलावा फिल्म में बांग्ला फिल्मों के कलाकार जैसे स्वास्तिक मुखर्जी, शाश्वता, साहिल वेद ने भी अपने किरदारों को खूबसूरती से निभाया है। सैफ अली खान का रोल फिल्म में खास है। फिल्मों के कास्टिंग डायरेक्टर के रूप में मशहूर मुकेश छाबड़ा ने फिल्म में पूरी कोशिश की है किरदारों के इमोशंस को पेश करने की।






Prabhasakshi logoखबरें और भी हैं...

मनोरंजन जगत

झरोखे से...