बॉडी को टोन करने में मदद करता है उत्कटासन, अवश्य करें अभ्यास

utkatasana
मिताली जैन । May 11 2020 4:13PM

उत्कटासन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर सीधे खड़े हो जाएं। इसके बाद दोनों पैरों को थोड़ा−थोड़ा फैलाएं और दोनों हाथों को आगे की तरफ फैलाएं। इस दौरान आपकी हथेली नीचे की तरफ रहेगी। अपने हाथों को सीधे रखें। आपकी कुहनियां भी मुड़ी हुई नहीं होनी चाहिए।

वेटलॉस करना तो आसान है लेकिन शरीर का वजन कम होने के बाद शरीर में एक ढीलापन आ जाता है। ऐसे में बॉडी को टोन करने की जरूरत पड़ती है। अगर आप वजन कम करने के साथ−साथ बॉडी को टोन करना चाहते हैं तो आपको उत्कटासन का अभ्यास करना चाहिए। उत्कटासन को चेयर पोज भी कहा जाता है, क्योंकि इसमें आपकी बॉडी एक कुर्सी की भांति नजर आती है। वैसे उत्कटासन का अभ्यास करने से ना सिर्फ बॉडी टोन होती है, बल्कि इससे आपको अन्य भी कई लाभ होते हैं। तो चलिए जानते हैं उत्कटासन से होने वाले लाभ और उसे करने के तरीके के बारे में−

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मिलते हैं यह लाभ

यह वजन कम करने के साथ−साथ पैरों की मसल्स को टोन करने में मदद करता है। 

उत्कटासन का नियमित अभ्यास करने से आपका स्टेमिना बढ़ता है।

यह आसन आपके पीठ के निचले हिस्से को मजबूती प्रदान करता है। इससे बैक पेन और ज्वाइंट पेन से राहत मिलती है।

उत्कटासन के नियमित अभ्यास से शरीर का संतुलन बेहतर होता है।

उत्कटासन का अभ्यास करने से पैरों, घुटने, एडि़यां व जांघ की मांसपेशियां मजबूती मिलती है।

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करने का तरीका

उत्कटासन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर सीधे खड़े हो जाएं। इसके बाद दोनों पैरों को थोड़ा−थोड़ा फैलाएं और दोनों हाथों को आगे की तरफ फैलाएं। इस दौरान आपकी हथेली नीचे की तरफ रहेगी। अपने हाथों को सीधे रखें। आपकी कुहनियां भी मुड़ी हुई नहीं होनी चाहिए। इसके बाद आप घुटनों को धीरे−धीरे मोड़ें और पेल्विस को नीचे की तरफ ले जाएं। इस दौरान झुकते हुए आप कल्पना करें कि जैसे आप किसी काल्पनिक कुर्सी पर बैठे हुए हों। इस स्थिति में आप सहज ही रहें। आपके हाथ जमीन के समानांतर और कमर को सीधा व आराम की अवस्था में रखे। याद रखें कि रीढ़ की हड्डी पूरी लंबाई में सीधी होनी चाहिए। अब गहरी सांस लें। जैसे−जैसे आप सहेज होते रहें, अपने घुटनों को थोड़ा और मोड़ते हुए नीचे की तरफ दबाव डालें। इस दौरान आपकी कमर एकदम सीधी होनी चाहिए। अब कुछ क्षण इसी अवस्था में रूकें। फिर सामान्य अवस्था में आ जाएं और कुछ क्षण रिलैक्स करें। इसके बाद दोबारा उत्कटासन का अभ्यास करें।

मिताली जैन

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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