Joint Pain: घुटनों के दर्द को न करें नजरअंदाज, बढ़ सकता है Surgery का खतरा, पढ़ें ये Health Alert

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घुटनों में होने वाली किसी भी समस्या का असर आपके पूरे शरीर पर पड़ सकता है। समय रहते इसके कारणों को समझना और सही इलाज बेहद जरूरी होता है। यदि इसको नजरअंदाज किया जाता है, तो सर्जरी तक की नौबत आ सकती है।

आज के समय में घुटनों और जोड़ों के दर्द की समस्या आम होती जा रही है। पहले यह समस्या बुजुर्गों में देखी जाती थी। लेकिन आजकल जिस तरह की लोगों की लाइफस्टाइल हो गई है। युवाओं में भी जोड़ों की समस्याएं काफी बढ़ गई हैं। अधिक वेट, ऑफिस में लंबे समय तक बैठकर काम करना, फिजिकल एक्टिविटी में कमी की कारण बड़ी संख्या में लोग दर्द से परेशान हैं। घुटना हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण जोड़ होता है। जोकि उठने-बैठने, चलने, रोजमर्रा के कामों और सीढ़ियां चढ़ने जैसे कामों में मदद करता है।

यही वजह है कि घुटनों में होने वाली किसी भी समस्या का असर आपके पूरे शरीर पर पड़ सकता है। समय रहते इसके कारणों को समझना और सही इलाज बेहद जरूरी होता है। यदि इसको नजरअंदाज किया जाता है, तो सर्जरी तक की नौबत आ सकती है। जोड़ों और घुटनों के दर्द की सबसे बड़ी वजह ऑस्टियोआर्थराइटिस है। इसमें समय के साथ जोड़ों की कार्टिलेज घिसने लगती है। इसलिए इस तरह की समस्याओं से बचने के लिए कम उम्र से ही सतर्क हो जाना चाहिए।

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पूरे शरीर पर होता है असर

घुटनों का दर्द आपके पूरे शरीर को प्रभावित कर सकता है। दर्द की वजह से चलना-फिरना कम हो जाता है, जिस कारण मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं। फिजिकल एक्टिविटी कम होने से वेट बढ़ता है और शुगर, हृदय और ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। वहीं घुटनों में होने वाला दर्द गंभीर नहीं होता, लेकिन ऑस्टियो आर्थराइटिस, चोट और जोड़ों में तनाव आदि का यदि समय रहते इलाज नहीं किया जाता है, तो यह गंभीर रूप ले सकता है।

व्यायाम है जरूरी

नियमित रूप से व्यायाम की आदत घुटनों की समस्या को कम करने में कारगर साबित हो सकती है। क्वाड्रिसेप्स, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग व्यायाम और हैमस्ट्रिंग की मांसपेशियों को केंद्रित करती है। जिससे दर्द को कम करने में मदद मिलती है। बॉडी के सक्रिय रहने से वेट को कंट्रोल करने और मांसपेशियों को स्वस्थ रखने में सहायता मिलती है। इससे आप अपने घुटनों को स्वस्थ रख सकते हैं। गठिया जैसी दिक्कतों से बचने के लिए व्यायाम की भूमिका अहम है।

ऐसी डाइट लें

आपको ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर डाइट जैसे अलसी, अखरोट और मछली सूजन को कम करने में सहायता करते हैं। वहीं विटामिन डी और कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। इससे भरपूर चीजों को नियमित रूप से अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं। यह पोषक तत्व शरीर को हेल्दी रखने के साथ घुटनों की समस्या को भी कम करते हैं। वहीं प्रोसेस्ड फूड और अधिक नमक-शुगर सूजन को बढ़ा सकते हैं। इसलिए इनके सेवन से बचना चाहिए।

कंट्रोल में रखें वजन

शरीर का अधिक वजन घुटने के दर्द को बढ़ाने वाला हो सकता है। यह गठिया के एक कारणों में से एक है। वेट ज्यादा होने से जोड़ों पर दबाव बढ़ता है और वहां की मांसपेशियां प्रभावित हो सकती हैं। शोधकर्ताओं के मुताबिक अगर नियमित रूप से व्यायाम किया जाए, तो वेट कंट्रोल में रखने और आर्थराइटिस के खतरो को काफी हद तक कम करने में मदद मिल सकती है।

सही जूतों का चयन

आमतौर पर हम सभी ध्यान नहीं देते हैं, लेकिन खराब क्वालिटी वाले जूते, ऊंची एड़ियों वाली सैंडिल भी घुटनों और जोड़ों की समस्याओं की वजह बन सकती है। इसलिए आरामदायक और अच्छे जूते पहनें। जिन लोगों को गठिया की समस्या है, उनको इस पर विशेष रूप से ध्यान देने की जरूरत है। सही जूते एड़ी और घुटनों की कई समस्याओं से बचाने में आपके लिए मददगार हो सकते हैं। 

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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