मुश्किल से जूझ रहा था अफगानिस्तान, अचानक भारत ने उतार दिया अपना प्लेन

Afghanistan
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अभिनय आकाश । Nov 29 2025 7:40PM

उत्तरी अफगानिस्तान के इलाकों में 6.3 की तीव्रता का भूकंप आया। कई लोगों की मौत की खबर और कई लोगों की घायल होने की खबर सामने आई। कई ऐतिहासिक इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई और सबसे दर्दनाक मजार ए शरीफ का मशहूर ब्लू मस्जिद भी क्षतिग्रस्त हुआ।

अफगानिस्तान में आए भीषण भूकंप के बाद हालात बेहद गंभीर हो गए। सैकड़ों लोग घायल हैं। कई घर तबाह हैं और अस्पतालों में दवाइयों की कमी है। लेकिन इसी कठिन समय में एक देश सबसे पहले मदद लेकर सामने आया वो देश है भारत। भारत का विमान काबुल एयरपोर्ट पर उतर चुका है। लेकर 73 टन जीवन रक्षक दवाइयां, वैक्सीन और जरूरी मेडिकल सप्लाई। साथ ही भूकंप से प्रभावित परिवारों के लिए फूड सप्लाई भी भेजी गई है। दरअसल उत्तरी अफगानिस्तान के इलाकों में 6.3 की तीव्रता का भूकंप आया। कई लोगों की मौत की खबर और कई लोगों की घायल होने की खबर सामने आई। कई ऐतिहासिक इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई और सबसे दर्दनाक मजार ए शरीफ का मशहूर ब्लू मस्जिद भी क्षतिग्रस्त हुआ।

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अस्पतालों में दवाइयों की भारी कमी हो गई। लोग खुले में रहने को मजबूर थे और सहायता की तत्काल जरूरत थी। भारत ने एक बार फिर दिखाया कि वह सिर्फ एक पड़ोसी नहीं बल्कि दोस्त और संकट में साथी है। मिनिस्ट्री ऑफ एक्सटर्नल अफेयर के स्पोक्सपर्सन रणधीर जायसवाल ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि भारत ने अफगानिस्तान की हेल्थ केयर जरूरतों को तुरंत समझकर बड़े पैमाने पर सहायता भेजी। उन्होंने आगे बताया कि कंटेनरों में शामिल थे जीवन रक्षक दवाइयां, एंटीबायोटिक्स, वैक्सीन, प्रोटीन सप्लीमेंट और मेडिकल इमरजेंसी किट। 3 नवंबर को भारत ने एक और बड़ी मदद भेजी थी भूकंप में प्रभावित परिवारों के लिए फूड आइटम्स की।

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इंडो-पैसिफिक इंस्टीट्यूट के सीनियर सलाहकार डेरेक जे ग्रॉसमैन ने कहा है कि तालिबान मंत्री मुत्तकी के बाद अजीजी का पांच दिन का भारत दौरा खास है। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली की स्ट्रैटेजी फायदेमंद साबित हो रही है। भारत को इससे अफगानिस्तान में एक बार फिर से पैर जमाने में मदद मिल रही है। वह इस पर काफी संयम और रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है।

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रणधीर जैसवाल ने इस तस्वीर को भी शेयर किया और उन्होंने लिखा कि इंडिया डिलीवरर्स फूड आइटम फॉर फैमिलीज़ अफेक्टेड बाय द अर्थक्वेक। इंडिया द फर्स्ट स्पोंडर यानी सबसे पहले मदद पहुंचाने वाला देश बना भारत। इंडिया सिर्फ राहत सामग्री भेजकर चुप नहीं बैठा। भारत के विदेश मंत्री अजय शंकर ने सीधे फोन करके अफगानिस्तान के फॉरेन मिनिस्टर से बात की। उन्होंने मृतकों के लिए शोक व्यक्त किया। 

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