चाबहार पर अटैक करने आया अमेरिका का F-18 फाइटर जेट, तभी बीच हवा में ठोक कर इस देश ने मचाया कोहराम

चाबहार भारत के नजरिए से यह नाम सुनते ही हमारे कान खड़े हो जाते हैं। चाबहार पोर्ट भारत के लिए रणनीतिक रूप से ऑक्सीजन की तरह है। यह अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुंचने का हमारा सीधा रास्ता है जो पाकिस्तान को बाईपास करता है। देखिए ईरान का दावा है कि अमेरिका का यह विमान F18 सुपर हॉर्नेट उसकी संप्रभुता का उल्लंघन कर रहा था और ईरान ने मौका देखकर इसे मार गिराया। ऐसा ईरान ने दावा किया है।
एक ऐसी खबर की जिसने अमेरिका से लेकर ईरान तक सनसनी मचा दी है। क्योंकि ईरान की स्टेट मीडिया प्रेस टीवी ने एक वीडियो जारी किया। दावा किया गया कि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्स आईआरजीसी ने चाबहार के ऊपर एक अमेरिकी F18 सुपर हॉर्नेट को सफलतापूर्वक निशाना बनाया और उसे मार गिराया। और जैसे ही यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुई, दुनिया भर के डिफेंस एक्सपर्ट्स के कान खड़े हो गए। क्या वाकई ईरान ने वो कर दिखाया जो कोई देश अब तक ना कर सका था। चाबहार भारत के नजरिए से यह नाम सुनते ही हमारे कान खड़े हो जाते हैं। चाबहार पोर्ट भारत के लिए रणनीतिक रूप से ऑक्सीजन की तरह है। यह अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुंचने का हमारा सीधा रास्ता है जो पाकिस्तान को बाईपास करता है। देखिए ईरान का दावा है कि अमेरिका का यह विमान F18 सुपर हॉर्नेट उसकी संप्रभुता का उल्लंघन कर रहा था और ईरान ने मौका देखकर इसे मार गिराया। ऐसा ईरान ने दावा किया है। अब ये खबर कितनी सच्ची है यह कोई नहीं जानता दूसरी ओर अमेरिका ने ईरानी दावे को खारिज कर दिया है और इसे गलत खबर बताई है।
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जैसे ही ईरान ने ढोल पीटना शुरू किया। अमेरिका की सेंट्रल कमांड सेंट कॉम ने इसे फॉल्स यानी झूठ करार दिया। सॉम ने एक्स पर पोस्ट किया। किसी भी अमेरिकी फाइटर जेट को ईरान ने नहीं गिराया। अमेरिका का तर्क सीधा है कि ईरान सिर्फ अपनी जनता का हौसला बढ़ाने और साइकोलॉजिकल वॉरफेयर जीतने के लिए पुराने वीडियो या ड्रोंस के मलबे को एफ 18 बताकर पेश कर रहा है। अमेरिका का कहना है कि उनके सभी विमान सुरक्षित हैं और मिशन पर तैनात हैं। अब पोस्ट में लिखा है कि ईरान ने कहा कि उसने चाबहार के ऊपर एक अमेरिकी एफ 18 लड़ाकू विमान को मारा था। यह गलत दावा है। सही क्या है? ईरान ने कोई भी अमेरिकी फाइटर विमान को नहीं गिराया है। हालांकि दोनों देशों के अपने तर्क हैं। लेकिन यहां एक पेच ये है कि कुछ दिन पहले जब ईरान ने दुनिया के सबसे महंगे और एडवांस विमान F35 को निशाना बनाने का दावा किया था। उस वक्त भी अमेरिका ने इसे स्वीकार नहीं किया था। हालांकि अमेरिका ने उस वक्त उसे तकनीकी खराबी बताई थी। लेकिन ईरान ने दावा किया था कि उसने अपने 373 एयर डिफेंस सिस्टम से F35 को गिराया था। उस वक्त भी दोनों देशों के अलग-अलग दावे थे और कोई नहीं जानता कि ईरान ने उस वक्त F35 गिराया था या नहीं। और अब एक बार फिर ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के F18 को मार गिराया है और अमेरिका ने इस दावे को भी गलत बता दिया है।
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ब एक सवाल यह उठता है कि जिस F18 सुपर हॉर्नेट की हम बात कर रहे हैं वो आखिर कितना ताकतवर है? अमेरिकी नौसेना का सबसे भरोसेमंद कैरियर बेस्ड फाइटर जेट है। यानी इसे समुद्र के बीचों-बीच खड़े एयरक्राफ्ट कैरियर से उड़ाया जाता है। यह एक ही समय में हवा से हवा में लड़ाई यानी कि डॉग फाइट कर सकता है और जमीन पर सटीक बमबारी भी कर सकता है। यह अमेरिका के सबसे घातक फाइटर जेट्स में एक है। इसमें ऐसे जैमल्स लगे होते हैं जो दुश्मन के रडार को अंधा कर देते हैं। ईरान का दावा है कि उनके पास पैसिव सेंसर टेक्नोलॉजी है। यह तकनीक विमान से निकलने वाली हीट आईआर और उसके रेडियो सिग्नल्स को बिना अपना रडार ऑन किए पकड़ लेती है। इसी तकनीक के दम पर ईरान ने पहले F35 को निशाना बनाने का दावा किया था और अब F18 को मारने का भी ईरान दावा कर रहा है। हालांकि हम इस दावे की पुष्टि नहीं करते हैं।
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