US-Iran की महाबैठक के लिए Switzerland पहुंचे उपराष्ट्रपति JD Vance

JD Vance
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एकता । Jun 21 2026 2:00PM

अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में ऐतिहासिक वार्ता शुरू हो गई है, जिसका मुख्य एजेंडा ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बदले उसके फ्रीज किए गए फंड को जारी करना है। इस हाई-प्रोफाइल बैठक में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शामिल हैं और पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।

अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के पहले दौर के लिए स्विट्जरलैंड पहुंच चुके हैं। रविवार को होने वाली इस हाई प्रोफाइल मीटिंग में ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम और अमेरिका द्वारा फ्रीज की गई ईरान की संपत्ति को लेकर चर्चा होने की उम्मीद है। अगर दोनों देशों के बीच बात बन जाती है, तो अमेरिका ईरान के फंड से प्रतिबंध हटा सकता है। एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, वॉशिंगटन चाहता है कि ईरान संयुक्त राष्ट्र के निरीक्षकों को अपने उन परमाणु ठिकानों का दौरा करने की इजाजत दे, जिन पर पहले अमेरिका और इजरायल ने बमबारी की थी।

6 अरब डॉलर का फंड और 60 दिनों की डेडलाइन

इसके बदले में खबर है कि अमेरिका ईरान के फ्रीज किए गए फंड का कुछ हिस्सा जारी करने के मूड में है। इसकी शुरुआत कतर के बैंक अकाउंट में मौजूद 6 अरब डॉलर से होगी, जिसका इस्तेमाल सिर्फ मानवीय जरूरतों जैसे खाना और दवाई खरीदने के लिए किया जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के बीच हुई एक अंतरिम शांति डील के तहत इस बातचीत के लिए 60 दिनों का समय तय किया गया है। यह सालों पुराने टकराव को खत्म करने की एक बड़ी शुरुआत है, हालांकि इसमें इजरायल की तरफ से रुकावट आने का खतरा बना हुआ है।

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पाकिस्तान बना मध्यस्थ, बैठक में शामिल होंगे शहबाज शरीफ और असीम मुनीर

इस बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभाने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर भी स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक पहुंच चुके हैं। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि वे इस डील को लागू कराने में अपना पूरा सपोर्ट देंगे। दूसरी तरफ, वॉशिंगटन से रवाना होने से पहले जेडी वेंस ने मीडिया से कहा कि उनका यह दौरा काफी छोटा होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि परमाणु मुद्दे के साथ साथ लेबनान में सीजफायर के मुद्दे पर भी कुछ पॉजिटिव प्रोग्रेस होगी।

बातचीत के लिए बर्गेनस्टॉक स्की रिजॉर्ट में जुटे दिग्गज

ईरान की सरकारी मीडिया IRIB के अनुसार, ईरान की तरफ से इस मीटिंग में संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाक़र ग़ालिबाफ, विदेश मंत्री अब्बास अरागची और सेंट्रल बैंक के गवर्नर अब्दोलनासेर हेम्मती शामिल हैं। जेडी वेंस ने कहा कि इस पहली बैठक का मकसद बातचीत के लिए एक रियल और प्रैक्टिकल ढांचा तैयार करना है।

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क्या यूएन अधिकारियों को एंट्री देगा ईरान?

अमेरिका को पूरी उम्मीद है कि ईरान संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों को अपनी उन न्यूक्लियर साइट्स पर जाने देगा, जहां जून 2025 के बाद से कोई चेकिंग नहीं हुई है। इसके बदले ईरान को उसके फ्रीज एसेट्स वापस मिल सकते हैं। इस बीच, अमेरिकी इंटेलिजेंस असेसमेंट ने एक बड़ी चेतावनी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, लेबनान की स्थिति और घरेलू राजनीतिक दबाव के चलते इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इस अमेरिका-ईरान बातचीत को फ्लॉप करने या इसमें अड़ंगा लगाने की पूरी कोशिश कर सकते हैं।

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