फ्रांस को मनाने की कोशिशों में जुटे ऑकस नेता, अगले महीने बाइडेन और मैक्रों का मिलना तय !

फ्रांस को मनाने की कोशिशों में जुटे ऑकस नेता, अगले महीने बाइडेन और मैक्रों का मिलना तय !

माना जा रहा है कि अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए ऑकस गठबंधन को लेकर फ्रांस का गुस्सा अभी भी जस का तस बना हुआ है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से गुरुवार को मुलाकात के बाद फ्रांस के विदेश मंत्री ज्यां इव लि द्रीयां ने इस स्थिति को संकट करार दिया।

वॉशिंगटन। ऑस्ट्रेलिया ने फ्रांस के साथ पनडुब्बी करार समाप्त कर अमेरिका से हाथ मिला लिया। जिसकी वजह से फ्रांस नाराज चल रहा है। वहीं, ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन अभी तक वह सफल नहीं हो पाए। 

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फ्रांस को मनाने की कोशिशें जारी

संयुक्त राष्ट्र और क्वाड नेताओं की बैठक में हिस्सा लेने अमेरिका पहुंचे ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा कि अब वह फ्रांस के साथ दोबारा संबंधों को बनाने में धैर्य से काम लेंगे। हालांकि सिर्फ ऑस्ट्रेलिया ही नहीं है जो फ्रांस को मनाने की कोशिश कर रहा है बल्कि ब्रिटेन और अमेरिका भी बातचीत के जरिए संबंधों को सामान्य करने की दिशा पर कदम बढ़ा रहे हैं।

माना जा रहा है कि अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए ऑकस गठबंधन को लेकर फ्रांस का गुस्सा अभी भी जस का तस बना हुआ है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से गुरुवार को मुलाकात के बाद फ्रांस के विदेश मंत्री ज्यां इव लि द्रीयां ने इस स्थिति को संकट करार दिया जिससे उबरने में वक्त लगेगा।

100 अरब डॉलर में हुआ था सौदा

आपको बता दें कि अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन ने फ्रांस को हिंद-प्रशांत सुरक्षा के तहत तैयार हुए ऑकस गठबंधन से दूर रखा है। जिससे वो नाराज हैं। इसके अलावा फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया के बीच डीजल पनडुब्बियों के निर्माण के लिए करीब 100 अरब डॉलर का सौदा हुआ था। 

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दोनों नेताओं के बीच हुई फोन पर बातचीत

फ्रांस के विदेश मंत्री ज्यां इव लि द्रीयां ने बताया कि दोनों राष्ट्रपतियों के बीच फोन पर बातचीत हुई। जिसमें पहला कदम बढ़ाया गया है लेकिन दोनों देशों के बीच इस संकट को खत्म होने में वक्त लगेगा और इसके लिए काम करना होगा। वहीं, बातचीत के बाद मैक्रों ने फ्रांस के राजदूत को अमेरिका वापस भेजने का फैसला किया है। जिसे पहले बुला लिया गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों नेताओं के बीच करीब आंधे घंटे तक फोन पर बातचीत हुई। इस दौरान जो बाइडेन ने अपनी गलती भी स्वीकार की। उन्होंने कहा कि ऑकस गठबंधन को लेकर और भी ज्यादा राय-मशविरा हो सकता था। व्हाइट हाउस ने एक बयान में बताया कि अगले महीने दोनों नेताओं के मिलने का कार्यक्रम है।