क्या BRICS से जाते ही कोमा में पहुंचे जिनपिंग? भारत में अस्पताल वाली मिस्ट्री!

Jinping
AI
अभिनय आकाश । Sep 17 2026 1:08PM

दावा है कि भारत में ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद जब शी जिनपिंग बीजिंग लौटे तो एयरपोर्ट पर उनकी हालत अचानक बिगड़ गई। कहा जा रहा है कि उन्हें विमान से बाहर निकाला गया और सामान्य कार या काफिले की बजाए सैन्य हेलीकॉप्टर से सीधे बीजिंग के 301 अस्पताल ले जाया गया। इतना ही नहीं इस दावे में ये भी कहा गया कि शी जिनपिंंग को अस्पताल में आपातकालीन उपचार दिया गया और उनकी हालत गंभीर थी। इस दावे की चीन डेमोक्रेसी पार्टी के चेयरमैन ने सोशल मीडिया पर ये दावा साझा किया है।

क्या चीन के राष्ट्रपति बीमार हैं? क्या ब्रिक्स सम्मेलन से लौटने के बाद जिनपिंग फौरन अस्पातल पहुंच गए। उनकी तबीयत को लेकर तरह तरह की खबरें और विभिन्न किस्म के दावे सोशल मीडिया पर किए जा रहे  हैं। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के स्वाथ्य को लेकर सोशल मीडिया पर एक बेहद ही गंभीर दावा वायरल हो रहा है। दावा है कि भारत में ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद जब शी जिनपिंग बीजिंग लौटे तो एयरपोर्ट पर उनकी हालत अचानक बिगड़ गई। कहा जा रहा है कि उन्हें विमान से बाहर निकाला गया और सामान्य कार या काफिले की बजाए सैन्य हेलीकॉप्टर से सीधे बीजिंग के 301 अस्पताल ले जाया गया। इतना ही नहीं इस दावे में ये भी कहा गया कि शी जिनपिंंग को अस्पताल में आपातकालीन उपचार दिया गया और उनकी हालत गंभीर थी। इस दावे की चीन डेमोक्रेसी पार्टी के चेयरमैन ने सोशल मीडिया पर ये दावा साझा किया है। 

इसे भी पढ़ें: China से भिड़ा यूरोप, रोज 1-बिलियन-यूरो के भारी नुक़सान से हड़कंप!

वानजुन शिए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबे चौड़े पोस्ट में बताया कि नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अचानक बेहोश हो गए थे, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए विशेष विमान से आनन-फानन में चीन वापस ले जाया गया। शिए ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि साथ मौजूद मेडिकल टीम द्वारा प्राथमिक आपातकालीन उपचार दिए जाने के बाद, शी जिनपिंग ने अपना भारत दौरा बीच में ही समाप्त कर दिया और विशेष विमान से बीजिंग लौट गए। पोस्ट के अनुसार, बीजिंग हवाई अड्डे पर विमान के उतरने के बाद चीनी अधिकारियों ने जिनपिंग के स्वागत के लिए कोई औपचारिक समारोह या वरिष्ठ अधिकारियों का जमावड़ा नहीं रखा। इसके बजाय, "शी जिनपिंग को आपातकालीन चिकित्सा के लिए बीजिंग के '301 अस्पताल' ले जाने हेतु सीधे एक सैन्य हेलीकॉप्टर का उपयोग किया गया।" शिए ने आगे दावा किया कि 301 अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने जिनपिंग को गंभीर इस्केमिक स्ट्रोक (ट्रांसिएंट सेरेब्रल इन्फ्रक्शन) होने की पुष्टि की है।

इसे भी पढ़ें: BRICS समिट में ये 5 काम कर गए जिनपिंग, भारत भी हैरान!

पोस्ट में यह भी कहा गया है कि शी जिनपिंग को आशंका थी कि भारतीय पक्ष को उनकी सेहत से जुड़ी गोपनीय जानकारी मिल सकती है, जिसके चलते उन्होंने बीजिंग लौटने से पहले भारतीय अस्पताल में आपातकालीन इलाज कराने से इनकार कर दिया था। वानजुन शिए के मुताबिक,उड़ान के दौरान सर्जरी के अनुकूल परिस्थितियां न होने के कारण, मेडिकल टीम को शी जिनपिंग की जान बचाने के लिए केवल कंजर्वेटिव (सीमित व तात्कालिक) उपचार का ही सहारा लेना पड़ा। पोस्ट में यह भी कहा गया कि अगर शी की सर्जरी बीजिंग के 301 हॉस्पिटल में होती भी है, तो भी गंभीर जटिलताओं की बहुत ज़्यादा संभावना है। शी ने यह भी दावा किया कि बीजिंग के अधिकारी अभी तक यह पक्का नहीं कर पाए हैं कि क्या शी जिनपिंग अमेरिका की यात्रा से पहले ठीक हो पाएंगे या नहीं। उन्होंने कहा कि अधिकारी यह तय करने का इंतज़ार कर रहे हैं कि क्या सितंबर के आखिर में शी की तय अमेरिका यात्रा को रद्द करना ज़रूरी होगा या नहीं।

इसे भी पढ़ें: चीन पर भारत की चढ़ाई, बंपर एक्सपोर्ट कर दिखाया दम!

रिपोर्ट में जिन कथित गवाहों का हवाला दिया गया है उनकी पहचान अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। रिपोर्ट में जिन कथित गवाहों का हवाला दिया गया है उनकी पहचान अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सदस्य देशों के नेताओं के लिए आधिकारिक रात्रि भोजन का आयोजन किया था और रिपोर्ट के मुताबिक शी जिनपिंग इस डिनर में शामिल नहीं हुए। अब भारतीय मीडिया में जो कुछ भी खबरें आई उसमें यही सब बातें आई कि वो अपने होटल लौट गए थे और सूत्रों के हवाले से यह भी कहा गया कि वो आराम करने के लिए होटल गए थे। लेकिन यहां भी सवाल वही है कि भाई शी ने डिनर में हिस्सा क्यों नहीं लिया? इसका कोई स्पष्ट या विस्तृत आधिकारिक ब्यरा मतलब मेडिकल लिहाज से नहीं है। स्पष्टीकरण नहीं है कि भाई वाकई में तबीयत खराब होने की वजह से ऐसा उन्होंने किया और यहीं से सोशल मीडिया पर उनके स्वास्थ्य संबंधी खबरों को लेकर अटकलें लगाई जाने लगी। लेकिन एक बात बहुत ध्यान देने वाली है। डिनर में शामिल नहीं होना अपने आप में किसी गंभीर बीमारी का सबूत तो है नहीं। आपातकालीन स्थिति का कोई सबूत नहीं है क्योंकि अगले दिन शी जिनपिंग ने ब्रिक्स के कार्यक्रम में हिस्सा लिया और यह पूरी कहानी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

All the updates here:

अन्य न्यूज़