Prabhasakshi Exclusive: Russia-Ukraine War में अब तक दोनों देशों को कितना नुकसान हो चुका है?

russia ukraine war
Prabhasakshi

ब्रिगेडियर श्री डीएस त्रिपाठी जी (सेवानिवृत्त) ने कहा कि “नुकसान ने रूस को अपनी लड़ने की क्षमता को बनाए रखने के लिए असाधारण उपाय करने के लिए मजबूर किया है।'' उन्होंने कहा कि रूस ने दोषियों और वृद्ध नागरिकों की सेना में भर्ती की अनुमति देने के लिए मानकों में ढील दी है।

प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क के खास कार्यक्रम शौर्य पथ में इस सप्ताह हमने ब्रिगेडियर श्री डीएस त्रिपाठी जी (सेवानिवृत्त) से जानना चाहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध में अब तक दोनों देशों को कितना नुकसान हो चुका है? हमने यह भी जानना चाहा कि यह युद्ध अब किस दिशा में बढ़ता नजर आ रहा है। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि हाल में अमेरिका की एक खुफिया रिपोर्ट सामने आई थी कि युद्ध में रूस को सैन्य स्तर पर इतना ज्यादा नुकसान हुआ है कि उसके पास मौजूदा कर्मियों में से 90 प्रतिशत या तो मारे गये या घायल हो गये। उन्होंने कहा कि समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि नुकसान ने रूस के सैन्य आधुनिकीकरण को 18 साल पीछे धकेल दिया है।

ब्रिगेडियर श्री डीएस त्रिपाठी जी (सेवानिवृत्त) ने कहा कि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है, “नुकसान ने रूस को अपनी लड़ने की क्षमता को बनाए रखने के लिए असाधारण उपाय करने के लिए मजबूर किया है।'' उन्होंने कहा कि रूस ने दोषियों और वृद्ध नागरिकों की सेना में भर्ती की अनुमति देने के लिए मानकों में ढील दी है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में कहा गया है कि रूसी सेना ने 3,100 टैंकों के साथ युद्ध शुरू किया था जिसमें से उसने 2,200 खो दिए और उसे 1970 के दशक में निर्मित T62 टैंकों को हटाना पड़ गया। उन्होंने कहा कि वहीं दूसरी ओर न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से यूक्रेन में मरने वालों की संख्या 70,000 के करीब बताई गई थी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा यूक्रेन की एक तिहाई से ज्यादा आबादी बेघर हो चुकी है जिसमें से अधिकांश देश छोड़ कर दूसरे देशों में शरणार्थी का जीवन जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक चीज साफ है कि यूक्रेन को भले जानमाल का ज्यादा नुकसान हुआ हो लेकिन प्रतिष्ठा रूस की भी घटी है। उन्होंने कहा कि आज रूस और यू्क्रेन दोनों ही दूसरे देशों से हथियार मांग कर युद्ध लड़ रहे हैं। फर्क यह है कि यूक्रेन मदद के तौर पर हथियार ले रहा है तो रूस पैसे देकर दूसरे देशों से हथियार ले रहा है।

इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi Exclusive: भारत ने Maldives को अब तक क्या-क्या मदद दी है? क्या Anti India रुख अपना कर Mohamed Muizzu ने अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली है?

ब्रिगेडियर श्री डीएस त्रिपाठी जी (सेवानिवृत्त) ने कहा कि जहां तक ताजा हालात की बात है तो मेयर इहोर तेरेखोव ने बताया है कि दो रूसी एस-300 मिसाइलों ने पूर्वोत्तर खार्किव के केंद्र में एक होटल पर हमला किया, जिसमें पत्रकारों सहित 11 लोग घायल हो गए। इसके अलावा दो अपार्टमेंट ब्लॉक सहित कई अन्य इमारतें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा खार्किव क्षेत्र के कुपियांस्क जिले के ओल्खोवत्का गांव पर रूसी निर्देशित बम हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि कम से कम 10 निजी घर, एक दुकान और एक स्कूल क्षतिग्रस्त हो गए। 

ब्रिगेडियर श्री डीएस त्रिपाठी जी (सेवानिवृत्त) ने कहा कि इसके अलावा रूस और यूक्रेन ने दक्षिण और पूर्व में अवदीवका, मरिंस्की, कुपियांस्क और खेरसॉन के आसपास अग्रिम पंक्ति में तीव्र लड़ाई की सूचना दी है। उन्होंने कहा कि रूस ने दावा किया कि यूक्रेन ने टकराव में कम से कम 450 सैनिकों को खो दिया है, जबकि यूक्रेन ने दावा किया कि उसने 800 रूसी सैनिकों को मार डाला है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा इस युद्ध में एक नया अपडेट यह है कि यूक्रेन ने एक नई ऑनलाइन सेवा की घोषणा की है जो रूसियों को यह पता लगाने की अनुमति देगी कि उनके जो परिजन सैनिक के रूप में यूक्रेन में लड़ रहे थे वह मारे जा चुके हैं या युद्धबंदी के रूप में यूक्रेन में मौजूद हैं।

We're now on WhatsApp. Click to join.
All the updates here:

अन्य न्यूज़