जमीन पर आए तो आसमान में भेंज देंगे, ईरान ने ट्रंप की सेना को दिखा दिया ट्रेलर

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अभिनय आकाश । Mar 31 2026 11:01AM

ईरानी नेवी के हेलीकॉप्टर और सिर पर लाल हरी पट्टियां बांधे पासदाराने इस्लाम के जवान तैयार हैं अपनी जमीन की अपनी बॉर्डर की हिफाजत के लिए। ईरान का खार्ग आइलैंड जो रणनीतिक नजरिए से बेहद अहम है जिन पर दुश्मन घात लगाए बैठा है। ऐसे में ईरान ने अपनी नेवी और फोर्सेस मुस्तैद कर दी हैं।

अमेरिका के प्रेसिडेंट ट्रंप ने कहा था कि वो ईरान का तेल और उसकी जमीन कब्जा लेंगे। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि वह ईरान का तेल अपने कब्जे में लेना चाहते हैं। 29 मार्च को फाइनेंशियल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में ट्रंप बोले मुझे सबसे अच्छा यही लगता है कि हम ईरान का तेल ले लें। उन्होंने इसकी तुलना वेनेजुएला से की जहां राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उठाने के बाद से वहां के तेल इंडस्ट्री को लंबे समय तक अपने कंट्रोल में रखने की योजना बनाई गई है। ईरान का ज्यादातर तेल एक ही जगह से बाहर आता है खार्ग आइलैंड से। 

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ईरानी नेवी के हेलीकॉप्टर और सिर पर लाल हरी पट्टियां बांधे पासदाराने इस्लाम के जवान तैयार हैं अपनी जमीन की अपनी बॉर्डर की हिफाजत के लिए। ईरान का खार्ग आइलैंड जो रणनीतिक नजरिए से बेहद अहम है जिन पर दुश्मन घात लगाए बैठा है। ऐसे में ईरान ने अपनी नेवी और फोर्सेस मुस्तैद कर दी हैं। इस मंसूबे के साथ कि अगर यहां दुश्मन के कदम पड़ गए तो उनकी कब्रें वहीं बना दी जाएं। खार्ग, केशम, अबू मूसा, ग्रेटर और लेसर तनाब जैसे द्वीपों पर जजीरों पर ईरान ने अपनी फोर्स लगा दी है। ईरान के मीडिया प्रेस टीवी पर जारी वीडियो में दिखाया गया है कि द्वीपों पर ईरान अपनी फौजें उतार रहा है। कहा जा रहा है कि अमेरिका के फौजियों को पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा। यह हक और हकूक की जंग है। इमाम अली के चाहने वालों की जंग है। दरअसल जिस आक्रामक अंदाज में इन जजीरों पर ईरान ने अपनी फर्सेस लगाई है, वो ईरान के लिए महत्वपूर्ण है। 

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खर्ग आइलैंड तो ईरान के लिए अन्नदाता की भूमिका निभाता है। यहां से ईरान का 90% तेल एक्सपोर्ट होता है। लेकिन पिछले एक महीने से इसराइल और अमेरिकी हमले झेल रहे ईरान के सामने इस वक्त सबसे बड़ा चैलेंज अपने इस द्वीप को बचाने का है। बचाना इसलिए है क्योंकि अमेरिका इस जजीरे पर गिद्ध की नजर गड़ाए बैठा है। इस द्वीप को इसराइल ने टारगेट बनाने का प्रयास भी किया। था। खर्ग सिर्फ एक आइलैंड ही नहीं, समुंदर के बीच जमीन का एक टुकड़ा ही नहीं बल्कि ईरान की इकॉनमी की धड़कन है। यही वो जगह है जहां से ईरान का तेल दुनिया भर में जाता है। अगर यह रुक जाए तो ईरान की इकॉनमी करीब-करीब ठप होने का खतरा है। इसलिए खर्ग आइलैंड को बचाने के लिए ईरान ने कमर कस ली है। कुछ तस्वीरें तो सोशल मीडिया पर यह भी आई थी कि ईरान के आम नौजवान खर आइलैंड को बचाने खुद ही लड़ने के लिए निकल गए हैं। ऐसा ही है केशम द्वीप जो कि फारस की खाड़ी पर मौजूद है और यहां पर भी ईरान ने अपनी नेवी अपनी फोर्सेस मुस्तैद कर दी हैं।  7 मार्च 2026 को अमेरिकी इसराइल एयर स्ट्राइक ने द्वीप के डिसलिनेशन प्लांट को निशाना बनाया था, जिसमें 30 गांव की पानी की सप्लाई ठप हो गई थी। इसके जवाब में आईआरजीसी ने बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया था और उन्हें नाबूद करके रख दिया था। 

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