Sanae Takaichi ने PM Modi को कहा बड़ा भाई, Defence, Energy और समुद्री सुरक्षा पर हुई Mega Deal Final

Sanae Takaichi
ANI
एकता । Jul 2 2026 4:08PM

भारत और जापान ने 2 ट्रिलियन येन के महत्वपूर्ण निवेश समझौते के साथ अपने रणनीतिक संबंधों को मजबूत किया है, जिसमें ऊर्जा सुरक्षा और 'मेक इन इंडिया' के तहत सैन्य सहयोग पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। दोनों देशों ने साझा नौसैनिक अभ्यास बढ़ाने और आगामी '2+2' बैठक के माध्यम से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी साझेदारी को और गहरा करने पर सहमति व्यक्त की।

दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संयुक्त प्रेस बयान के दौरान जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने दोनों देशों के रिश्तों को एक नए मुकाम पर ले जाने की बात कही। पीएम मोदी द्वारा उन्हें 'छोटी बहन' कहे जाने का जिक्र करते हुए ताकाइची ने बेहद भावुक अंदाज में कहा, "प्रधानमंत्री मोदी, आपने मुझे अपनी सुंदर छोटी बहन कहा, लेकिन बड़ी बैठक से पहले हुई हमारी छोटी मुलाकात में ही हमने यह तय कर लिया था कि हम दोनों एक ही पन्ने पर हैं और इस रिश्ते को भाई-बहन के रूप में आगे बढ़ाएंगे।" उन्होंने कहा कि दुनिया के मौजूदा हालात को देखते हुए भारत और जापान का साथ आना पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है।

समुद्री सुरक्षा और रणनीति को मजबूत करने पर सहमति

जापानी प्रधानमंत्री ने अपने बयान में सहयोग के तीन मुख्य बिंदुओं को सामने रखा, जिसमें पहला और सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक सहयोग को मजबूत करना है।

नौसेना का साझा अभ्यास: जापान की समुद्री आत्म-रक्षा बल का एक युद्धपोत और भारतीय नौसेना का जहाज जल्द ही एक साझा अभ्यास करने वाले हैं।

मेक इन इंडिया के तहत सहयोग: दोनों देश हिंद महासागर में अपना अभ्यास बढ़ाएंगे और 'मेक इन इंडिया' के तहत सैन्य उपकरणों और जहाजों की मरम्मत के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे।

2+2 बैठक का ऐलान: ताकाइची ने बताया कि इस सहयोग को और गहरा करने के लिए उन्होंने संबंधित विभागों को इसी साल के अंत से पहले अगली 'जापान-भारत 2+2' बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।

इसे भी पढ़ें: UN में भारत की खरी-खरी, कहा- आतंकवाद पर दोहरा रवैया नहीं चलेगा, अच्छा या बुरा नहीं होता कोई आतंकी

आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा पर बड़ा कदम

सहयोग के दूसरे बिंदु के तहत दोनों देशों ने आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा पर जोर दिया है। ताकाइची ने कहा कि 'पावर एशिया पहल' के तहत दोनों देश मिलकर काम करेंगे।

पेट्रोलियम भंडार प्रणाली: भारत की पेट्रोलियम भंडारण प्रणाली को मजबूत करने के लिए एक द्विपक्षीय बातचीत शुरू की जाएगी। साथ ही, जापान अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी में भारत की सदस्यता का पूरा समर्थन करता है।

गोबर से बायोगैस बनाने की योजना: पीएम मोदी द्वारा शुरू की गई योजना की तारीफ करते हुए ताकाइची ने बताया कि भारत के 1,000 बायोगैस प्लांट बनाने के लक्ष्य को सहारा देने के लिए 'जापान-भारत कोऑपरेटिव बायोगैस फॉर ग्रोथ' पहल की शुरुआत की जा रही है, जो गाय के गोबर से ऊर्जा बनाने में मदद करेगी।

इसे भी पढ़ें: India-Japan Partnership: AI और Defence में ऐतिहासिक डील, भारत आएगा 10 अरब डॉलर का निवेश

75वीं वर्षगांठ का संकल्प

तीसरे मुख्य बिंदु के रूप में दोनों देशों ने निवेश और नए आविष्कारों के जरिए आर्थिक विकास को रफ्तार देने का संकल्प लिया। पीएम मोदी के 'विकसित भारत 2047' के सपने की तारीफ करते हुए जापानी पीएम ने बताया कि इस यात्रा के दौरान दोनों देशों की कंपनियों के बीच करीब 120 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं, जिसमें 2 ट्रिलियन येन का बड़ा निवेश शामिल है।

अंत में उन्होंने याद दिलाया कि अगला साल दोनों देशों के राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ का है। उन्होंने कहा, "अपने बड़े भाई प्रधानमंत्री मोदी के साथ मिलकर मुझे पूरा भरोसा है कि भारत-जापान के रिश्ते एक नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं। अब मैं जापान में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने के लिए उत्सुक हूं।"

All the updates here:

अन्य न्यूज़