• श्रीलंका के पूर्व प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने रिकॉर्ड 9वीं बार सांसद के रूप में शपथ ली

श्रीलंका के पूर्व प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे लगातार नौवीं बार सांसद बने है।शपथग्रहण के बाद 72 वर्षीय विक्रमसिंघे ने देश की वर्तमान आर्थिक समस्याओं के लिए राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे और प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे की सरकार को जिम्मेदार ठहराया।

कोलंबो। श्रीलंका के पूर्व प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने बुधवार को देश की राजनीति में इतिहास रचते हुए लगातार नौवीं बार सांसद के तौर पर शपथ ली। वह वर्ष 1977 के बाद से लगातार संसद पहुंचने वाले देश के पहले नेता बन गए हैं। विक्रमसिंघे यूनाइटेड नेशनल पार्टी (यूएनपी) का वर्ष 1994 से नेतृत्व कर रहे हैं। हालांकि, उनकी पार्टी को वर्ष 2020 के संसदीय चुनाव में तगड़ा झटका लगा था और उसे करारी हार का सामना करना पड़ा था।

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उस समय विक्रमसिंघे की यूएनपी को मात्र दो फीसदी वोट मिले थे जबकि पार्टी से टूटकर अलग हुए धड़े समागी जन बालावेग्या ने 40 सीट जीतकर प्रमुख विपक्षी पार्टी के तौर पर जगह बनायी। चार बार श्रीलंका के प्रधानमंत्री रहे विक्रमसिंघे अगस्त 2020 के संसदीय चुनाव में हार गए थे और राष्ट्रीय स्तर पर पड़े मतों के आधार पर नियुक्त होने वाले सदस्यों की सूची में यूएनपी के खाते में आयी सीट के जरिए विक्रमसिंघे संसद पहुंचे हैं। शपथग्रहण के बाद 72 वर्षीय विक्रमसिंघे ने देश की वर्तमान आर्थिक समस्याओं के लिए राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे और प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे की सरकार को जिम्मेदार ठहराया।