काबुल हवाईअड्डे पर अगले 24 से 36 घंटों में आतंकवादी हमला होने की आशंका: बाइडन

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अगस्त 29, 2021   10:01
काबुल हवाईअड्डे पर अगले 24 से 36 घंटों में आतंकवादी हमला होने की आशंका: बाइडन

बाइडन ने उन्हें सैनिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए हरसंभव कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने आश्वस्त किया कि उनके पास अमेरिकी पुरुषों और महिलाओं की रक्षा करने के लिए सभी प्राधिकारी, संसाधन और योजनाएं हैं।

वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने चेतावनी दी कि काबुल हवाईअड्डे पर अगले 24 से 36 घंटों में एक और आतंकवादी हमला होने की ‘‘अत्यधिक आशंका’’ है। इसके साथ ही अमेरिका ने अफगानिस्तान के काबुल हवाईअड्डा क्षेत्र में मौजूद अपने सभी नागरिकों से तत्काल इलाका छोड़ने का अनुरोध किया है। अमेरिका ने क्षेत्र में खतरे की खुफिया जानकारी मिलने पर अपने नागरिकों से यह अनुरोध किया। अमेरिका ने अफगानिस्तान से अपने सैनिकों को वापस बुलाने की 31 अगस्त की समयसीमा के मद्देनजर कुछ बचे हुए अमेरिकियों और अफगान नागरिकों को बाहर निकालने की प्रक्रिया तेज कर दी है। बाइडन ने शनिवार को कहा, ‘‘जमीनी हालात अत्यधिक खतरनाक बने हुए हैं और हवाईअड्डे पर आतंकवादी हमलों का खतरा अधिक है। हमारे कमांडरों ने मुझे सूचित किया कि अगले 26-36 घंटों में हमला होने की प्रबल आशंका है।’’

बाइडन ने उन्हें सैनिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए हरसंभव कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने आश्वस्त किया कि उनके पास अमेरिकी पुरुषों और महिलाओं की रक्षा करने के लिए सभी प्राधिकारी, संसाधन और योजनाएं हैं। उन्होंने हवाईअड्डे पर बृहस्पतिवार को हुए हमले के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई जारी रखने का भी संकल्प लिया। हवाईअड्डे पर बृहस्पतिवार को आत्मघाती बम हमले में कम से कम 169 अफगान नागरिक और अमेरिका के 13 सैनिक मारे गए थे। अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट से संबद्ध संगठन इस्लामिक स्टेट-खोरासान प्रांत ने हमले की जिम्मेदारी ली है। हमले के जवाब में अमेरिका ने शुक्रवार को पूर्वी अफगानिस्तान में एक ड्रोन हमला किया। पेंटागन ने कहा कि ड्रोन हमले में आईएसआईएस के दो ‘‘हाई प्रोफाइल’’ आतंकी मारे गए और एक अन्य घायल हो गया है। 

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अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘हमने अफगानिस्तान में आईएसआईएस-के आतंकवादी समूह के खिलाफ किए हमले पर चर्चा की। मैंने कहा कि हम काबुल में हमारे सैनिकों और निर्दोष नागरिकों पर हमले के लिए जिम्मेदार समूह का पीछा नहीं छोड़ेंगे। यह हमला आखिरी नहीं था। हम इस जघन्य हमले में शामिल लोगों को मार गिराएंगे और उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी। जब भी कोई अमेरिका को नुकसान पहुंचाने या हमारे सैनिकों पर हमला करने की कोशिश करेगा तो हम जवाब देंगे।’’ युद्धग्रस्त देश में अभियान खत्म होने की कगार पर पहुंचने के बीच बाइडन ने कहा कि अमेरिकी सैनिक ‘‘काबुल में अस्थिर स्थिति के बावजूद’’ नागरिकों को बाहर निकालना जारी रखेंगे। अफगानिस्तान में तकरीबन 350 अमेरिकी हैं जो देश छोड़ना चाहते हैं, हजारों अफगान नागरिक हैं जिन्होंने 20 साल के युद्ध के दौरान अमेरिका के साथ काम किया और वे देश से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे हैं। बाइडन ने कहा, ‘‘कल हम सैकड़ों अमेरिकियों समेत 6,800 और लोगों को लेकर आए। आज हमने सेना की वापसी के बाद लोगों को अफगानिस्तान छोड़ने में मदद करने की तैयारियों पर चर्चा की।





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