USCIS ने Green Card नियम कड़े किए, अमेरिका में 18 सितंबर से नए पब्लिक चार्ज नियम लागू

अमेरिका में नागरिकता और आव्रजन सेवा ने 18 सितंबर से प्रभावी होने वाले नए पब्लिक चार्ज प्रावधानों की घोषणा की है। इस व्यवस्था के तहत सरकारी स्वास्थ्य सेवा, आवास या वित्तीय सहायता लेने वाले प्रवासियों के ग्रीन कार्ड आवेदन निरस्त किए जा सकेंगे। नए दिशानिर्देश लागू होने से स्थायी निवास के इच्छुक भारतीय आवेदकों की राह भी कठिन होगी।
(सागर कुलकर्णी) वाशिंगटन, 19 अगस्त अमेरिका में ग्रीन कार्ड या स्थायी निवास की इच्छा रखने वाले प्रवासियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं क्योंकि ट्रंप प्रशासन ने ‘पब्लिक चार्ज’ (सरकार पर निर्भरता) की परिको व्यापक बना दिया है, जिससे सरकार से स्वास्थ्य सेवा, ‘फूड स्टैम्प’ (मुफ्त राशन) या किसी भी प्रकार की वित्तीय सहायता लेने वाले आवेदकों के आवेदन खारिज किए जा सकेंगे। अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) द्वारा अंतिम रूप दिया गया यह नया नियम 18 सितंबर से प्रभावी होगा। इस फैसले का असर ग्रीन कार्ड पाने की उम्मीद लगाए भारतीय प्रवासियों पर भी पड़ेगा।
इससे पहले लागू नियम के तहत केवल दो तरह के सरकारी लाभों को ग्रीन कार्ड आवेदन खारिज करने का आधार माना जाता था, जिनमें गुजारा भत्ते के लिए नकद सरकारी सहायता और सरकारी खर्चे पर लंबे समय तक किसी सरकारी संस्थान या आश्रम में रहना शामिल है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘‘पब्लिक चार्ज के आधार पर अयोग्यता तय करने के लिए यूएससीआईएस अधिकारी आवेदक की स्थिति का आकलन करेंगे। इसमें आवेदक द्वारा नकद सहायता, आवास सहायता, मुफ्त राशन, कॉलेज के लिए वित्तीय मदद या ऐसी ही अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाने की संभावना पर विचार किया जाएगा।’’ यह दिशानिर्देश गृह सुरक्षा विभाग द्वारा बाइडन प्रशासन के 2022 के ‘पब्लिक चार्ज’ नियमों को रद्द करने के फैसले के बाद आए हैं।
इस नियम को 16 जुलाई को घोषित किया गया था और 20 जुलाई को ‘फेडरल रजिस्टर’ में प्रकाशित किया गया था। यह नया नियम 18 सितंबर को या उसके बाद डाक द्वारा भेजे जाने वाले या ऑनलाइन जमा किए जाने वाले ‘फॉर्म आई-485’ (स्थायी निवास या स्थिति के समायोजन के आवेदन) पर लागू होगा। नए नियमों के तहत अधिकारियों को आवेदक की उम्र, स्वास्थ्य, पारिवारिक स्थिति, वित्तीय स्थिति, शैक्षणिक योग्यता और यहां तक कि आवेदक के आश्रितों द्वारा ली जाने वाली सरकारी सुविधाओं को भी आवेदन खारिज करने का आधार बनाने का अधिकार होगा।
यदि कोई अधिकारी यह पाता है कि आवेदक के भविष्य में सरकार सहायता पर निर्भर बनने की संभावना है, तो वह आवेदक को ‘पब्लिक चार्ज बॉन्ड’ जमा करने के लिए कह सकता है। आव्रजन वकीलों साइरस मेहता और दमीरा जानातोवा के विश्लेषण के अनुसार, ‘‘यह नया नियम अधिकारियों को ग्रीन कार्ड आवेदनों को खारिज करने के लिए और अधिक अधिकार प्रदान करेगा।
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