Zhu Hai Yun: China का ये जासूसी जहाज भारत के लिए बड़ा खतरा! एक बार में लॉन्‍च कर सकता है कई ड्रोन

china india
prabhasakshi
अभिनय आकाश । Jan 23, 2023 7:01PM
चीन ने कुछ ऐसा ही जहाज बनाने का दावा किया है जो पानी पर बिना किसी चालक दल के सफर कर सकता है। इसे कहीं से भी कंट्रोल किया जा सकता है। ये जहाज सेल्फ ऑटोमेटेड है। यानी की खुद ही ऑपरेट होता है।

आपने अनमैन्ड एरियल व्हीकल यानी यूएवी का नाम सुना होगा। दरअसल, हम ड्रोन्स की बात कर रहे हैं जिनका इस्तेमाल इन दिनों शादी-विवाह से लेकर फिल्मों की शूटिंग तक में हो रहा है। ये अब आपके घरों तक पास्ता-पिज्जा भी डिलीवर करने लग गए हैं। यानी इसे किसी एक जगह से बैठे-बैठे ऑपरेट किया जा सकता है, भले ही आप उस जगह पर मौजूद न हो। लेकिन क्या आपने किसी ऐसे जहाज के बारे में सुना है जो बिना चालक दल के समुंद्र में तैरता हो। दरअसल, चीन ने कुछ ऐसा ही जहाज बनाने का दावा किया है जो पानी पर  बिना किसी चालक दल के सफर कर सकता है।

इसे भी पढ़ें: Chinese New Year 2023: तीन साल बाद चीन के लोगों ने मनाया नववर्ष, जानें क्या है इसका इतिहास और महत्व

इसे कहीं से भी कंट्रोल किया जा सकता है। ये जहाज सेल्फ ऑटोमेटेड है। यानी की खुद ही ऑपरेट होता है। चीन के इस एडवांस शिप का नाम झू हे यू है। ये अपने आप में दुनिया का पहला ऐसा जहाज है। झू है युन आखिरकार दक्षिण चीन के ग्वांगडोंग प्रांत में अपने घरेलू बंदरगाह झुहाई गाओलान बंदरगाह पर पहुंच गया। झू है युन स्वायत्त नेविगेशन और रिमोट-कंट्रोल कार्यों के साथ पहला मानव रहित प्रणाली वैज्ञानिक अनुसंधान जहाज है। दक्षिणी समुद्री विज्ञान और इंजीनियरिंग ग्वांगडोंग प्रयोगशाला के निदेशक चेन डेक ने कहा कि झू हे यू का पहला पेशेवर समुद्री परीक्षण किया गया। चीनी मीडिया में आई खबरों के मुताबिक ड्रोन वाहक पोत ने 12 घंटे की सेल्फ नेविगेशन को पूरा किया। 

इसे भी पढ़ें: Taliban पर मेहरबान हुआ लाल सुल्तान, मुहैया करा रहा मॉर्डन हथियार, जानें क्या है ड्रैगन का नया प्लान

चेन ने कहा कि इसने इच्छित परिणाम को पूरा किया। इससे पहले, पिछले साल मई में पोत का पहली बार बीजिंग द्वारा अनावरण किया गया था। हालाँकि, झू हे यूं का निर्माण जुलाई 2021 में चीन की सबसे बड़ी जहाज निर्माण कंपनी हुआंगपु वेनचोंग शिपयार्ड द्वारा शुरू किया गया था, जो चाइना स्टेट शिपबिल्डिंग कॉर्पोरेशन की सहायक कंपनी है। इसकी लॉन्चिंग के समय, ऐसी खबरें थीं कि जहाज को 2022 के अंत तक डिलीवर कर दिया जाएगा। खबर है कि इस ड्रोन जहाज का इस्तेमाल चीन जासूसी के लिए करने जा रहा है। अगर ऐसा है तो ये भारत के लिए चिंता की  बात हो सकती है। ये जहाज इतना एडवांस है कि आसानी से रडार की पकड़ में नहीं आने वाला। 

अन्य न्यूज़