मध्यप्रदेश के 218 विधायकों को मिला विधानसभा से अल्टीमेटम, 30 जून तक भेजना होगा वित्तीय ब्यौरा

मध्यप्रदेश के 218 विधायकों को मिला विधानसभा से अल्टीमेटम, 30 जून तक भेजना होगा वित्तीय ब्यौरा

प्रदेश में 218 विधायक ऐसे हैं जिन्होंने वर्ष 2020-21 में अपनी संपत्ति का ब्यौरा विधानसभा को नहीं दिया था। अब संपत्ति का ब्यौरा देने के लिए विधानसभा ने 9 दिनों को अल्टीमेटम दिया है। 30 जून तक हर हाल में विधानसभा को भेजने का कहा गया है।

भोपाल। मध्यप्रदेश में विधायकों द्वारा संपत्ति छुपाने के मामले में अब विधानसभा ने एक्शन ले लिया है। विधानसभा ने ऐसे विधायकों को रिमाइंडर जारी किया है जिन्होंने अभी तक अपना संपत्ति का ब्यौरा विधानसभा को नहीं दिया है। बता दें कि प्रदेश में 218 विधायक ऐसे हैं जिन्होंने  वर्ष 2020-21 में अपनी संपत्ति का ब्यौरा विधानसभा को नहीं दिया था। अब संपत्ति का ब्यौरा देने के लिए विधानसभा ने 9 दिनों को अल्टीमेटम दिया है। 30 जून तक हर हाल में विधानसभा को भेजने का कहा गया है।

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विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह ने कहा कि विधायकों को संपत्ति का ब्यौरा देने के लिए रिमाइंडर भेजा गया है। उन्होंने कहा कि 30 जून तक संपत्ति की जानकारी देने का रिमाइंडर दिया है। दरअसल प्रदेश में कमलनाथ की सरकार के दौरान  हर साल प्रापर्टी का ब्यौरा देने का विधानसभा में संकल्प पारित हुआ था। जिसके अनुसार वित्तीय वर्ष में विधायकों को डेडलाइन के भीतर विधानसभा को अपनी संपत्ति का ब्यौरा देना है। लेकिन वर्ष 2020-21 की डेडलाइन बीतने के बाद भी विधायकों ने अभी तक अपनी संपत्ति का ब्यौरा नहीं दिया है।

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जानकारी के अनुसार 227 विधायकों में विधानसभा को अपनी संपत्ति की जानकारी देने वालों में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी, पूर्व संसदीय कार्य मंत्री डाॅ. गोविंद सिंह, पूर्व मंत्री रामपाल सिंह और हाल ही में दमोह से विधायक चुने गए अजय टंडन ने विधानसभा को अपनी संपत्ति की जानकारी दी है। इनके अलावा बीजेपी विधायक चेतन्य कश्यप, शैलेंद्र जैन, कांग्रेस विधायक ग्यारसी लाल रावत, संजय यादव ने भी अपनी संपत्ति घोषित कर दी है।





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