Manipur में KCP के 46 militants ने किया surrender, CM वाई खेमचंद सिंह ने दिया पुनर्वास का भरोसा

इंफाल स्थित फर्स्ट मणिपुर राइफल्स के परेड मैदान में आयोजित घर वापसी समारोह के दौरान प्रतिबंधित संगठन कांगलेईपाक कम्युनिस्ट पार्टी (ताइबांगनबा) के 46 सदस्यों ने अपने हथियार डाल दिए। मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने संशोधित आत्मसमर्पण-सह-पुनर्वास नीति 2018 के तहत उग्रवादियों का स्वागत करते हुए उन्हें कौशल विकास और आजीविका सहायता देने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर राज्य के पुलिस महानिदेशक मुकेश सिंह ने कहा कि पुलिस हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वाले लोगों की कानूनी प्रक्रिया में पूरी मदद करेगी।
मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने मंगलवार को कहा कि प्रतिबंधित संगठन केसीपी (ताइबांगनबा) के 46 उग्रवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। उन्होंने आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों को मदद देने का आश्वासन दिया ताकि वे अपनी आजीविका चला सकें। इंफाल में फर्स्ट मणिपुर राइफल्स के परेड मैदान में राज्य सरकार की ओर से आयोजित ‘घर वापसी समारोह’ में प्रतिबंधित कांगलेईपाक कम्युनिस्ट पार्टी (ताइबांगनबा) के सदस्यों ने अपने हथियार डाले।
वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि तीन साल पहले शुरू हुए संघर्ष के कारण कई लोगों ने हथियार उठा लिए थे। मैं केसीपी (ताइबांगनबा) और उन सदस्यों का दिल से स्वागत करता हूं जिन्होंने हथियार डाल दिए हैं। उन्हें यह समझ आ गया है कि हथियारों से प्रगतिशील विकास नहीं हो सकता।’’ मुख्यमंत्री 3 मई, 2023 को राज्य में मेइती और कुकी-ज़ो समुदायों के बीच भड़की जातीय हिंसा का उल्लेख कर रहे थे।
इन झड़पों में कम से कम 260 लोगों की मौत हो गई और हजारों लोग बेघर हो गए, जिससे उन्हें पूरे इलाके में बने राहत शिविरों में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिबंधित संगठन के 46 सदस्यों ने संशोधित आत्मसमर्पण-सह-पुनर्वास नीति, 2018 के तहत आत्मसमर्पण किया। सरकार उन्हें आजीविका के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिए भी सहायता करेगी।
सिंह ने कहा, ‘‘कोई राज्य तभी प्रगति कर सकता है जब वहां शांति और सुरक्षा हो और पुलिस प्रशासन मजबूत हो। शांतिपूर्ण माहौल तभी बन सकता है जब लोग हथियार उठाने की इच्छा छोड़ दें।’’ पिछले महीने मणिपुर में सुरक्षा बलों के सामने प्रतिबंधित कांगलेईपाक कम्युनिस्ट पार्टी (पीपल्स वॉर ग्रुप) के 46 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया था। मणिपुर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी)मुकेश सिंह ने आत्मसमर्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि उग्रवादियों ने हथियारबंद गतिविधियों को छोड़कर अपने परिवारों, और समुदायों में लौटने और एक नागरिकों के तौर पर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का रास्ता चुना है।
उन्होंने कहा कि मणिपुर पुलिस मजबूती के साथ अपने संवैधानिक कर्तव्यों का अनुपालन करती रहेगी। डीजीपी ने कहा कि साथ ही, जो लोग वास्तव में हिंसा छोड़कर समाज में वापस लौटना चाहते हैं, उन्हें पुलिस आत्मसमर्पण, सत्यापन और पुनर्वास की कानूनी प्रक्रिया में मदद करेगी। उन्होंने आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों से अपने फैसले पर पूरी तरह अडिग रहने की अपील करते हुए कहा कि ‘‘उनकी घर वापसी की सफलता का आकलन आज के कार्यक्रम से नहीं, बल्कि भविष्य में उनके व्यवहार से किया जाएगा’’।
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