उत्तर प्रदेश की बड़ी खबरें: गो-आश्रय स्थलों में अब तक 636137 गोवंश संरक्षित किए गए

उत्तर प्रदेश की बड़ी खबरें: गो-आश्रय स्थलों में अब तक 636137 गोवंश संरक्षित किए गए

पशुधन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश के निराश्रित/बेसहारा गोवंश के निरन्तर संरक्षण, सवंर्धन के साथ-साथ ही मा0 मुख्यमंत्री सहभागिता योजनान्तर्गत 101760 गोवंश के पशुओं को इच्छुक पशुपालकों को सुपुर्दगी में देकर उन्हें लाभान्वित किया गया है जिससे 55623 पशुपालक लाभान्वित हुए हैं।

लखनऊ। प्रदेश के खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह कल 27 अक्टूबर को अपराह्न 04:00 बजे उप्र0 माटीकला बोर्ड द्वारा यहां गोमती नगर स्थित संगीत नाटक अकादमी (बड़ा लान) में आयोजित 10 दिवसीय माटीकला मेला एवं तीन दिवसीय तकनीकी सेमिनार का उद्घाटन तथा उप्र माटीकला बोर्ड की नवीन वेबसाइट का लोकार्पण करेंगे। इस अवसर पर विभाग के राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह एवं अपर मुख्य सचिव डा. नवनीत सहगल मौजूद रहेंगे। 

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मुख्यमंत्री नगरीय अल्पविकसित एवं मलिन बस्ती विकास

उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में मुख्यमंत्री नगरीय अल्पविकसित एवं मलिन बस्ती विकास योजनान्तर्गत जनपद लखनऊ की 01 परियोजना के अवशेष कार्यों को पूर्ण करने हेतु द्वितीय/अंतिम किश्त की धनराशि 14.68 लाख रूपये (चौदह लाख अड़सठ हजार रूपये मात्र) की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

इस संबंध में नगर विकास विभाग द्वारा शासनादेश जारी कर निदेशक राज्य नगरीय विकास अभिकरण को आवश्यक निर्देश दिये गये हैं। निर्गत शासनादेश के अुनसार यह धनराशि जिस कार्य/मद में स्वीकृत की जा रही है, उसका व्यय प्रत्येक दशा में उसी कार्य/मद में किया जायेगा। किसी प्रकार का व्यावर्तन अनुमन्य नहीं होगा। सामग्री/उपकरणों का क्रय वित्तीय नियमों के अनुसार किया जायेगा। प्रश्नगत परियोजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का पूर्ण उत्तरदायित्व सम्बन्धित परियोजना निदेशक एवं परियोजना अधिकारी, डूडा का होगा।

यूआईडी ईयर टैग लगाए जाने से गोवंश के संरक्षण एवं संवर्द्धन को मिल रहा प्रोत्साहन

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निराश्रित एवं बेसहारा गोवंश को संरक्षित किए जाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत निराश्रित एवं बेसहारा गोवंश को सुरक्षा प्रदान कर संरक्षित किए जाने के साथ ही गोवंश की पहचान हेतु यू0आई0डी0 ईयर टैग लगाए जाने की अनिवार्यता के निर्देश पर ईयर टैगिंग का कार्य पशुधन विभाग द्वारा किया जा रहा है। गोवंशीय एवं महिषवंशीय पशुओं में कुल 43881530 टैगिंग का कार्य किया गया है। ईयर टैग के द्वारा पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान कार्य की चरणबद्ध प्रगति आनलाइन अपडेट करने, उनकी नस्ल सुधारने, बीमारियों का पता लगाने, टीकाकरण व चिकित्सा आदि का लाभ सीधे पशुपालकों को मिल रहा है।

पशुपालन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार यू0आई0डी0 ईयर टैग पशुओं के लिए आधार कार्ड की तरह है क्योंकि जिस पशु में यह लगाया जाता है, उसका विवरण जैसे मालिक की पहचान, नस्ल तथा वर्तमान स्थिति की सारी जानकारी इनाफ पोर्टल पर आनलाइन अपलोड की जाती है। अभी तक 19244427 लाख पशुओं का पंजीकरण इनाफ पोर्टल पर अपलोड किया गया है। एक बार सूचना इनाफ पोर्टल पर अपलोड करने उपरान्त इयर टैग का नंबर फीड करने या बारकोड को स्कैन करने पर पशु एवं पशु स्वामी का विवरण स्वतः ऑनलाइन प्रदर्शित होता है। 

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इसके अतिरिक्त ईयर टैग से पशुओं की गणना भी सुनिश्चित हो रही है। जिसके फलस्वरूप सरकार द्वारा उनकी संख्या के अनुसार विभिन्न कार्यक्रमों का क्रियान्वयन सुनिश्चित कराया जाना सम्भव हो रहा है। ईयर टैग पर 12 अंकों का विशेष नंबर होता है। इस नंबर से संबंधित पशु के बारे में ऑनलाइन जानकारी मिलती रहेगी। पशुओं में ईयर टैग होने से पशुबीमा, ऑनलाइन खरीद बिक्री सहित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत आच्छादित किए जाने में सुगमता होगी। इयर टैग के साथ ही पशुओं का स्वास्थ्य कार्ड भी दिया जा रहा है जिसमें समस्त सूचनाए अंकित की जा रही हैं।

इसके अलावा समय-समय पर कृमिनाशक दवाओं तथा दुग्ध उत्पादन का डाटा संकलित करने तथा उत्तम पशुओं के चिन्हिकरण में सहायता हो रही है। ईयर टैगिंग से पशुओं के खरीद बिक्री में भी पारदर्शिता आएगी। अब पशुपालक निर्धारित मानकों के अनुसार ही खरीद बिक्री कर सकेंगे। इससे पशु तस्करी पर भी रोक लगेगी। पशुओं का ईयर/आधार टैग लगे होने से पशुपालक पशुपालन से सम्बन्धित विभिन्न लाभकारी सरकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ लेने में सुविधा हो रही है।

गो-आश्रय स्थलों में अब तक 636137 गोवंश संरक्षित किये गये

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के का निरन्तर संरक्षण, सवंर्धन व विकास किया जा रहा है। प्रदेश में गोशालाओं का पंजीकरण आन-लाईन किया जा रहा है। अभी तक 559 गोशालायें पंजीकृत हुयी हैं। प्रदेश के 18 मण्डलों में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को मिलाकर कुल 5364 अस्थायी/स्थाई गोआश्रय स्थल, कान्हा उपवन, कांजी हाउस व वृहद् गोसंरक्षण केन्द्रों में कुल 636137 गोवंश के पशुओं को संरक्षित किया गया है।

पशुधन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश के निराश्रित/बेसहारा गोवंश के निरन्तर संरक्षण, सवंर्धन के साथ-साथ ही मा0 मुख्यमंत्री सहभागिता योजनान्तर्गत 101760 गोवंश के पशुओं को इच्छुक पशुपालकों को सुपुर्दगी में देकर उन्हें लाभान्वित किया गया है जिससे 55623 पशुपालक लाभान्वित हुए हैं। इस प्रकार प्रदेश के 1184000 निराश्रित गोवंश के सापेक्ष कुल 795765 गोवंशीय पशुओं को संरक्षित किया गया है।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश की ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों, जिला पंचायतों, नगर पंचायतों, नगर पालिकाओं एवं नगर निगमों में अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल की स्थापना व संचालन नीति लागू की गई है। इस नीति के अनुपालन में समस्त जिलों में निराश्रित व बेसहारा गोवंश को गो-आश्रय स्थलों में संरक्षित कर उनकी सुरक्षा हेतु शेड का निर्माण कराया जा रहा है। साथ ही सुरक्षा, चारे की व्यवस्था, प्रकाश, पशु चिकित्सा व हरा चारा आदि उत्पादन आदि कार्य कराये जा रहे हैं। 

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प्रदेश के 24 जनपदों में मक्का खरीद शुरू

प्रदेश सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में मूल्य समर्थन योजना के तहत किसानों को उनकी उपज का उचित एवं लाभकारी मूल्य उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मक्का खरीद शुरू कर दी गयी है। इस वर्ष मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य रू-1870 प्रति कुं0 निर्धारित किया गया है। मक्का क्रय अवधि 15 अक्टूबर 2021 से 15 दिसम्बर, 2021 निर्धारित की गयी है। मक्का की खरीद 24 जनपदों यथा- बुलन्दशहर, हापुड़, बदायू, अलीगढ़, एटा, कासगंज, फिरोजाबाद, मैनपुरी, हरदोई, उन्नाव, कानपुर नगर, कानपुर देहात, कन्नौज, फर्रूखाबाद, इटावा, औरैया, गोण्डा, बहराइच, श्रावस्ती, बलिया, जौनपुर, देवरिया, सोनभद्र एवं ललितपुर में की जायेगी।





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