असम में Akhil Gogoi का विधानसभा परिसर में अनिश्चितकालीन सत्याग्रह जारी

रायजोर दल के प्रमुख और विधायक अखिल गोगोई ने चार जिलों के बाढ़ पीड़ितों को बढ़ा हुआ मुआवजा मिलने की तारीख तय होने तक विधानसभा में धरना जारी रखने का एलान किया है। इस बीच दिसपुर स्थित राज्य सचिवालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे उनकी पार्टी और कॉजपा के कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। गोगोई ने प्रभावित परिवारों के लिए 10 लाख रुपये मुआवजे और बाढ़ के कारणों की सीबीआई जांच की मांग की है।
गुवाहाटी, तीन अक्टूबर रायजोर दल के अध्यक्ष और शिवसागर के विधायक अखिल गोगोई ने शनिवार को कहा कि वह असम विधानसभा परिसर में अपना ‘‘अनिश्चितकालीन सत्याग्रह’’ तब तक जारी रखेंगे, जब तक मुख्यमंत्री बाढ़ प्रभावित चार जिलों के लोगों को बढ़ा हुआ मुआवजा देने की तारीख तय नहीं कर देते। अधिकारियों ने बताया कि गोगोई का धरना दूसरे दिन में प्रवेश करने के बीच, इसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रहे उनकी पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं तथा कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के सदस्यों को पुलिस ने दिसपुर स्थित राज्य सचिवालय के सामने हिरासत में ले लिया। रायजोर दल के कार्यकारी अध्यक्ष भास्को डे सैकिया, महासचिव रसेल हुसैन और महिला मोर्चा की अध्यक्ष ज्ञानश्री बोरा समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता बाढ़ प्रभावित लोगों को जल्द और बढ़ी हुई आर्थिक सहायता देने की मांग को लेकर सचिवालय के बाहर एकत्र हुए थे।
कॉजपा के सदस्यों की एक टीम भी विपक्षी पार्टी के प्रदर्शन में शामिल हुई थी। हालांकि, पुलिस ने उन्हें प्रदर्शन से रोक दिया और समूह को एहतियातन हिरासत में ले लिया गया। प्रदर्शन स्थल पर संवाददाताओं से बातचीत में गोगोई ने पुलिस की कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि यह लोगों के एकत्र होने और प्रदर्शन करने के संवैधानिक अधिकार के खिलाफ है।
गोगोई की प्रमुख मांगों में शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट के प्रत्येक बाढ़ प्रभावित परिवार को कम से कम 10 लाख रुपये का मुआवजा देना शामिल है। उन्होंने सरकार से चारों जिलों के बाढ़ प्रभावित लोगों को एकमुश्त अंतरिम वित्तीय सहायता के तौर पर 15,000 रुपये देने तथा शिवसागर और चराइदेव के लोगों को मुख्यमंत्री द्वारा घोषित अतिरिक्त 10,000 रुपये देने का भी आग्रह किया है। रायजोर दल के अध्यक्ष ने इस साल इन चार जिलों में आई अभूतपूर्व बाढ़ के कारणों की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की भी मांग की है।
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