अखिलेश का CM वाला बाटी-चोखा प्लान, ब्राह्मण विवाद को हवा देने की कोशिश?

21 दिसंबर को लखनऊ में बीजेपी के ब्राह्मण विधायक और एमएलसी सहबोज के बहाने इकट्ठा हुए थे। अब उसके बदले अखिलेश यादव ने नए साल के पहले दिन बाटी चौका पार्टी की जिसमें पार्टी के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए और बाटी चोखा खाया।
अखिलेश यादव यहां पर सियासत के धुरंधर हैं और माहौल भापने में देरी नहीं करते हैं। अभी उत्तर प्रदेश में बीजेपी के ब्राह्मण विधायकों के सहोज पर सियासत गर्म ही हुई तो इसी बीच लखनऊ में उन्होंने बाटी चोखा पार्टी की और इस दौरान बीजेपी पर जमकर निशाना साधते हुए और तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी के विधायक बैठकर पार्टी कर रहे थे। अगर वह खड़े हो जाते तो सरकार का क्या होता? हम सब लोग मिलकर के खाते पीते हैं। अभी तो वह विधायक बैठे-बैठे खा रहे थे। अगर वो कहीं सरकार के खिलाफ खड़े हो गए तो योगी सरकार का क्या होगा? दरअसल 21 दिसंबर को लखनऊ में बीजेपी के ब्राह्मण विधायक और एमएलसी सहबोज के बहाने इकट्ठा हुए थे। अब उसके बदले अखिलेश यादव ने नए साल के पहले दिन बाटी चौका पार्टी की जिसमें पार्टी के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए और बाटी चोखा खाया।
इसे भी पढ़ें: Uttar Pradesh: युवती ने धारदार हथियार से की पड़ोसी की हत्या
यह पार्टी लखनऊ में पार्टी मुख्यालय में रखी गई। जिसमें शिवपाल यादव समेत अन्य सांसद-विधायक शामिल हुए। इस दौरान अखिलेश भाजपा पर निशाना साधना नहीं भूले। उन्होंने 23 दिसंबर को हुई भाजपा के ब्राह्मण विधायकों की बैठक को लेकर कहा, बाटी चोखा और लिट्टी-चोखा में सिर्फ क्षेत्रीय शाब्दिक भेद है। बराबरी का भाव रखने वालों के लिए मूलतः सब एक ही रूप है। अखिलेश ने कहा- भाजपा विधायक बैठे-बैठे लिट्टी चोखा खा रहे थे। अगर वो सरकार के खिलाफ खड़े हो गए, तो क्या होगा? अब भाजपा बाटी-चोखा की भी जांच कर रही है। सपा प्रमुख ने SIR के बहाने वोट चोरी का मुद्दा उठाया। कहा, जिस समय मुख्यमंत्रीजी ने कहा था कि 4 करोड़ वोट कट गए हैं। उसी समय उन्होंने अधिकारियों को बेइमानी करने का मैसेज दिया। भाजपा सरकार ने लोगों को परेशानी और संकट में डाला है। जनता के हित में सपा सरकार बनाना जरूरी है।
इसे भी पढ़ें: Uttar Pradesh: देवरिया में शराब की दुकान के पास व्यक्ति पर चाकू से हमला, आरोपी गिरफ्तार
लगता है अखिलेश यादव के निशाने पर ब्राह्मण वोट बैंक है। तभी तो उनके चाचा शिवपाल यादव पहले ही ब्राह्मण विधायकों को साथ आने का न्योता दे चुके हैं। अब अखिलेश यादव संदेश दे रहे हैं कि वो उनके साथ हैं। वर्ष 2026 अगला साल 2027 लेकर आ रहा है। मंजिल सामने है। विधानसभा चुनाव में अब समय बहुत कम बचा है। कार्यकर्ता और नेता बूथ-बूथ पर पार्टी को मजबूत करने में जुट जाएं। सभी नेता और कार्यकर्ता अपना व्यवहार और भाषा ठीक रखें। जनता के बीच रहकर उनके सुख-दुख के साथी बने। लगता है अखिलेश यादव के निशाने पर ब्राह्मण वोट बैंक है। तभी तो उनके चाचा शिवपाल यादव पहले ही ब्राह्मण विधायकों को साथ आने का न्योता दे चुके हैं। अब अखिलेश यादव संदेश दे रहे हैं कि वो उनके साथ हैं।
अन्य न्यूज़












