एक को छोड़कर सभी पड़ोसियों का रहा है क्षेत्रीय सहयोग में बेहतरीन इतिहास: जयशंकर

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अक्टूबर 4, 2019   20:13
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एक को छोड़कर सभी पड़ोसियों का रहा है क्षेत्रीय सहयोग में बेहतरीन इतिहास: जयशंकर

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान के संदर्भ में कहा कि मैं कहना चाहूंगा कि एक को छोड़कर सभी पड़ोसियों का क्षेत्रीय सहयोग के मामले में बेहतरीन इतिहास रहा है।

नयी दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को कहा कि एक को छोड़कर सभी पड़ोसी देशों का क्षेत्रीय सहयोग के मामले में बेहतरीन इतिहास रहा है। जयशंकर ने पाकिस्तान के संदर्भ में कहा कि मैं कहना चाहूंगा कि एक को छोड़कर सभी पड़ोसियों का क्षेत्रीय सहयोग के मामले में बेहतरीन इतिहास रहा है। उन्होंने यहां भारत आर्थिक मंच के सत्र के दौरान एक सवाल के जवाब में यह भी कहा कि अमेरिका के साथ बैठक में अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किये जाने का मुद्दा सामने नहीं आया। विश्व आर्थिक मंच के अध्यक्ष बोरगे ब्रेंडे के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि स्थिति बदलने पर कई लोगों के लिए यह स्वाभाविक बात है।

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जयशंकर ने कहा कि शायद ही किसी को यह एहसास था कि यह (अनुच्छेद 370) संविधान में एक अस्थायी व्यवस्था थी और इसके कारण जम्मू कश्मीर राज्य में कई राष्ट्रीय कानून लागू नहीं होते थे। ये सब उनके लिए नई बातें थीं। अपने पड़ोसियों के साथ संबंधों को मजबूत करने के लिए भारत की कोशिशों पर चर्चा करते हुए, मंत्री ने कहा कि एक को छोड़कर सभी पड़ोसी देशों का क्षेत्रीय सहयोग के मामले में बेहतरीन इतिहास रहा है। जब उनसे पूछा गया कि उस एक के साथ क्या गतिरोध बना रहेगा तो उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि एक दिन वह क्षेत्रीय सहयोग में शामिल होगा।

विदेश मंत्री ने कहा कि आप एक पल के लिए कश्मीर को अलग रख दें...आज, हर किसी के साथ, व्यापार, व्यवसाय और संपर्क बढ़ रहे हैं। निश्चित रूप से, किसी न किसी स्तर पर, इसका प्रभाव पड़ेगा क्योंकि आप हर किसी को उस सहयोग से समृद्ध होते देखेंगे। जयशंकर ने कहा कि मैं हमेशा आशान्वित रहता हूं। मैं जानता हूं कि हमारे समक्ष बड़ी चुनौतियां है। उनके (पाकिस्तान) साथ समझ की समस्या है जिससे उन्हें बाहर निकलना होगा। दो दिवसीय भारत आर्थिक सम्मेलन का शुक्रवार को समापन हुआ। इस सम्मेलन का आयोजन विश्व आर्थिक मंच ने भारतीय उद्योग परिसंघ के सहयोग से किया था। जयशंकर ने कहा कि भारत के मामले में राष्ट्रवाद एक नकारात्मक भावना नहीं है।

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उन्होंने कहा कि भारत एक अपवाद है क्योंकि हम अधिक राष्ट्रवादी हैं, किंतु साथ ही हम राष्ट्रीयवादी और अंतरराष्ट्रीय होने के बीच इस दृष्टि से कोई तनाव नहीं देखते है कि विश्व के साथ अधिक संपर्क बढ़ाया जाये...लिहाजा राष्ट्रीयता हमारे के लिए कोई नकारात्मक भावना नहीं है। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की संभावना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह इतना आसान नहीं है क्योंकि यह ‘काफी जटिल मामला’ है। इसलिए यदि इसमें समय लग रहा है तो ठीक है। दक्षिण एशिया सहयोग के बारे में बात करते हुए जयशंकर ने कहा कि भारतीय उपमहाद्वीप में क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग सबसे कम है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चाहते है कि इस दिशा में प्रगति हो और उन्हें लगता है कि हमें इस बारे में कुछ करने की जरूरत है। भारत इसके लिए माहौल बना रहा है। आपने देखा होगा जब राजनीतिक रूप से उन्होंने 2014 में अपने शपथ ग्रहण समारोह में पड़ोसी देशों को आमंत्रित किया था।





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राॅबर्ट वाड्रा को हिरासत में लेकर पूछताछ करना चाहती है ED, राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका

  •  अभिनय आकाश
  •  जनवरी 18, 2021   13:39
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राॅबर्ट वाड्रा को हिरासत में लेकर पूछताछ करना चाहती है ED, राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका

डी ने प्रार्थना पत्र पेश कर आरोपियों से हिरासत में लेकर पूछताछ को आवश्यक बताते हुए हाईकोर्ट से अनुमति मांगी है। ईडी की अर्जी पर राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर खंडपीठ आज इस मामले पर सुनवाई करेगी।

चर्चित कोलायत जमीन घोटाला और धन शोधन मामले में प्रियंका गांधी वाड्रा के पति राॅबर्ट वाड्रा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राॅबर्ट वाड्रा और उनके सहयोगी को हिरासत में लेकर पूछताछ करने के लिए राजस्थान हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की है। ईडी ने प्रार्थना पत्र पेश कर आरोपियों से हिरासत में लेकर पूछताछ को आवश्यक बताते हुए हाईकोर्ट से अनुमति मांगी है। ईडी की अर्जी पर राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर खंडपीठ आज इस मामले पर सुनवाई करेगी। 

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क्या है मामला

आरोप है कि राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ मिलकर फर्जीवाड़ा करने वाले लोगों ने कई संदिग्ध नामों से भूमि आवंटित करा ली। साल 2010 में वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हाॅस्पिटैविटी प्राइवेच लिमिटेड ने 72 लाख रुपये में 69.55 हेक्टेयर की भूमि खरीद उसे दो साल बाद 5.15 करोड़ रुपये में दूसरी कंपनी एलीगेनी फिनलीज प्राइवेट लिमिटेड को बेच दी।  ईडी मे मामले में सूचना रिपोर्ट दाखिल कर राॅबर्ट वाड्रा को पूछताछ के लिए बुलाया था। साल 2018 में कंपनी ने हाईकोर्ट का रुख कर लिया था। 





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किसान आंदोलन पर बोले कैलाश चौधरी, यूनियन से कम्युनिस्ट निकल जाएं तो समाधान हो जाएगा

  •  अंकित सिंह
  •  जनवरी 18, 2021   13:13
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किसान आंदोलन पर बोले कैलाश चौधरी, यूनियन से कम्युनिस्ट निकल जाएं तो समाधान हो जाएगा

कैलाश चौधरी ने यह भी कहा कि शुरू में जब पहली बैठक हुई थी, तब उनके जो मुद्दे थे उन पर सरकार ने अमल करके उसमें संशोधन कर लिया है। उसके लिए लिखित में आश्वासन देने की बात भी हो चुकी है। कल इस मानसिकता के साथ बैठें कि कोई न कोई समाधान निकालना है।

सरकार और किसानों के बीच में कृषि कानूनों को लेकर गतिरोध जारी है। अब तक लगभग 9 दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन निष्कर्ष कुछ नहीं निकल पाया है। विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। इस सब के बीच केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने बड़ा बयान दिया है। न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक कैलाश चौधरी ने कहा कि किसान यूनियन के कुछ नेता चाहते हैं कि इसका समाधान हो। अगर यूनियन से कम्युनिस्ट निकल जाएं तो कल इसका समाधान हो जाएगा। कम्युनिस्ट, कांग्रेस और कुछ राजनीतिक दल कभी नहीं चाहते कि इसका समाधान हो।

इसके आगे कैलाश चौधरी ने यह भी कहा कि शुरू में जब पहली बैठक हुई थी, तब उनके जो मुद्दे थे उन पर सरकार ने अमल करके उसमें संशोधन कर लिया है। उसके लिए लिखित में आश्वासन देने की बात भी हो चुकी है। कल इस मानसिकता के साथ बैठें कि कोई न कोई समाधान निकालना है। आपको बता दें कि सरकार ने विरोध प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों से तीन कृषि कानून के बारे में अपनी आपत्तियां और सुझाव रखने एवं ठोस प्रस्ताव तैयार करने के लिये एक अनौपचारिक समूह गठित करने को कहा जिस पर 19 जनवरी को अगले दौर की वार्ता में चर्चा हो सकेगी। तीन केंद्रीय मंत्रियों के साथ शुक्रवार को हुई नौवें दौर की वार्ता में प्रदर्शनकारी किसान तीन नये विवादित कृषि कानूनों को निरस्त करने की अपनी मांग पर अड़े रहे जबकि सरकार ने किसान नेताओं से उनके रुख में लचीलापन दिखाने की अपील की एवं कानून में जरूरी संशोधन के संबंध अपनी इच्छा जतायी। 





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पाकिस्तान में अलग सिंधु देश की मांग, PM मोदी की तस्वीरों के साथ प्रदर्शन

  •  अभिनय आकाश
  •  जनवरी 18, 2021   13:03
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पाकिस्तान में अलग सिंधु देश की मांग, PM मोदी की तस्वीरों के साथ प्रदर्शन

पीएम मोदी के अलावा कई अन्य बड़े देशों के नेताओं के पोस्टर भी इस रैली में थे। प्रदर्शन करने वाले लोग अलग सिंधुदेश और पीएम मोदी के समर्थन में नारे लगा रहे थे। इसके साथ ही प्रदर्शनकारी पीएम मोदी से सिंध को अलग गेश बनाने के लिए समर्थन भी मांग रहे थे।

पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के तारे गर्दिश में हैं। पाकिस्तान में इमरान खान पर विपक्ष तो हमलावर था ही जैसा जनता का रुख है उसने भी इमरान खान की मुश्किलें बढ़ा दी है। रविवार को सिंध के सान कस्बे में सैकड़ों की संख्या में लोगों ने प्रदर्शन किया। रैली में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बैनर और पोस्टर भी देखने को मिले। पीएम मोदी के अलावा कई अन्य बड़े देशों के नेताओं के पोस्टर भी इस रैली में थे। प्रदर्शन करने वाले लोग अलग सिंधुदेश और पीएम मोदी के समर्थन में नारे लगा रहे थे। इसके साथ ही प्रदर्शनकारी पीएम मोदी से सिंध को अलग गेश बनाने के लिए समर्थन भी मांग रहे थे। 

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 गौरतलब है कि 1947 के भारत-पाक बंटवारे से लेकर अब तक पाकिस्तान के दोयम दर्जे की नीतियों और सेना की जूतों के तले रखने की आदतों का शिकार होना पड़ता है। जिस तरह बलूचिस्तान पश्चूनिस्तान की मांग पंजाबी वर्चस्व वाली पाकिस्तानी सरकार और सेना के लिए गले की हड्डी बनी हुई है, ठीक उसी तरह सिंध प्रांत की मांग भी लंबे अरसे की की जाती रही है। वहां की सड़कों पर रह-रहकर यह नारा जोर मारता है 'कल बना था बांग्लादेश, अब बनेगा सिंधुदेश'।





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