सुधांशु त्रिवेदी बोले, एक राष्ट्र, एक चुनाव के लिए सभी दलों को एकजुट होकर निकालना चाहिए समाधान

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 31, 2020   20:13
सुधांशु त्रिवेदी बोले, एक राष्ट्र, एक चुनाव के लिए सभी दलों को एकजुट होकर निकालना चाहिए समाधान

‘‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’’ के विषय पर आयोजित एक वेबिनार में भाजपा नेता ने इस मुद्दे को सामाजिक सरोकार का विषय बताया और कहा कि बार-बार चुनाव होने से विकास तो अवरूद्ध होता ही है कई बार महत्वपूर्ण निर्णयों को टालना भी पड़ता है।

नयी दिल्ली। भाजपा प्रवक्ता व राज्यसभा सदस्य सुधांशु त्रिवेदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि व्यापक राष्ट्रीय हित में ‘‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’’ जैसे ‘‘बड़े परिवर्तन’’ के लिए सभी राजनीतिक दलों को एकजुट होकर युक्तिसंगत समाधान निकालना चाहिए। ‘‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’’ के विषय पर आयोजित एक वेबिनार में भाजपा नेता ने इस मुद्दे को सामाजिक सरोकार का विषय बताया और कहा कि बार-बार चुनाव होने से विकास तो अवरूद्ध होता ही है कई बार महत्वपूर्ण निर्णयों को टालना भी पड़ता है। उन्होंने दावा किया कि जम्मू एवं कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निरस्त करने का फैसला 2019 में इसलिए संभव हो सका क्योंकि उस वक्त साल-डेढ़ साल चुनाव नहीं थे और तत्कालीन राज्य में तैनाती के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की उपलब्धता थी। इस वेबिनार का संचालन कर रहे भाजपा सांसद व पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख अनिल बलूनी ने कहा कि देश के प्रबुद्ध वर्ग के साथ ही कोशिश होगी कि आमजन भी इस विषय पर चर्चा और विचार करे। उन्होंने कहा, ‘‘इस विचार को आगे बढ़ाने के लिए आने वाले दिनों में और कार्यक्रम होंगे।’’ 

इसे भी पढ़ें: भाजपा नेता मनसुख वसावा ने आर सी पाटिल को पत्र लिखकर छोड़ी पार्टी, बोले- मुझे माफ कर दीजिए

वेबिनार को संबोधित करते वरिष्ठ पत्रकार ने ‘‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’’ के विचार का समर्थन किया और कहा कि कुछ मुद्दे राष्ट्रीय हित के होते हैं जिनपर सभी राजनीतिक दलों को एक मत होना चाहिए। उन्होंने कहा कि 1987 में एक साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव कराने के मुद्दे पर विपक्षी दलों की एक बैठक हुई थी जिसमें शामिल सभी दलों ने इसके समर्थन में प्रस्ताव पारित किया था। उन्होंने कहा, ‘‘प्रस्ताव पारित करने वाले दल आज इसी विचार का विरोध कर रहे हैं।’’ त्रिवेदी ने कहा कि लगातार चुनाव से सामाजिक तानेबाने पर भी असर पड़ता है और देश की अंतरराष्ट्रीय छवि भी प्रभावित होती है। इसके लिए उन्होंने दिल्ली विधानसभा के पिछले चुनावों के दौरान चर्च पर कथित हमले को लेकर हुई राजनीति का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, ‘‘बड़े राजनीतक परिवर्तन के लिए सभी राजनीतिक दलों और प्रबुद्ध लोगों को एक साथ आकर एक अच्छा युक्तिसंगत समाधान निकालना चाहिए।’’ ज्ञात हो कि ‘‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’’ के विचार को आगे बढ़ाने के लिएभाजपा पिछले कुछ दिनों लगातार वेबिनार का आयोजन कर रही है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।