घुसपैठ पर Amit Shah का 'Zero Tolerance': BSF को मिला आदेश, एक-एक घुसपैठिए की होगी पहचान

Amit Shah
ANI
अंकित सिंह । May 22 2026 1:10PM

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बीएसएफ के एक समारोह में घुसपैठ के खिलाफ शून्य-सहिष्णुता की घोषणा करते हुए एक व्यापक 'स्मार्ट बॉर्डर' योजना का अनावरण किया। इस योजना के तहत, सीमाओं को ड्रोन रडार और उन्नत कैमरों जैसी आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा ताकि अवैध प्रवासन को रोका जा सके और हर अवैध घुसपैठिए को निर्वासित किया जा सके।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीमा पार घुसपैठ के प्रति शून्य-सहिष्णुता नीति की घोषणा की और बताया कि सरकार भारत की सीमाओं को सुरक्षित करने और सभी अवैध प्रवासियों को निर्वासित करने के लिए एक व्यापक स्मार्ट बॉर्डर परियोजना इसी वर्ष शुरू करेगी। दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के शपथ ग्रहण समारोह 2026 में बोलते हुए शाह ने कहा कि अवैध प्रवासन कृत्रिम जनसांख्यिकीय परिवर्तन लाने के उद्देश्य से रची गई एक सुनियोजित साजिश है।

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शाह ने इस बात पर जोर दिया कि देश की जनसांख्यिकी की रक्षा के लिए सरकार हर अवैध घुसपैठिए की पहचान करके उसे निर्वासित करने का इरादा रखती है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए गृह मंत्रालय भारत की 6,000 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर अभेद्य सुरक्षा घेरा स्थापित करेगा। शाह ने कहा कि अगले वर्ष के भीतर, स्मार्ट बॉर्डर अवधारणा के तहत, हम बीएसएफ को ड्रोन रडार और उन्नत कैमरों सहित आधुनिक तकनीक से लैस करेंगे।

गृह मंत्री ने बीएसएफ से आग्रह किया कि वह राज्य पुलिस, जिला कलेक्टरों और ग्राम पटवारियों के साथ समन्वय स्थापित करके घुसपैठ और पशु तस्करी को रोकने के लिए अपने खुफिया नेटवर्क को भौतिक सीमाओं से परे विस्तारित करे। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा की सरकारों के साथ नीतिगत तालमेल से इस सुरक्षा तंत्र को मजबूती मिलेगी और गृह मंत्रालय जल्द ही इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेगा।

वामपंथी उग्रवाद के उन्मूलन के प्रयासों से तुलना करते हुए शाह ने कहा कि किसी समस्या को नियंत्रित करना सुरक्षा नहीं है; उसे जड़ से उखाड़ फेंकना ही सच्चा तरीका है। बीएसएफ को अब घुसपैठ के खिलाफ उसी दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने अग्रिम पंक्ति के कर्मियों के समर्थन के लिए आगामी उच्च-स्तरीय जनसांख्यिकी मिशन के शुभारंभ की भी घोषणा की। बीएसएफ के समर्पण को सलाम करते हुए शाह ने कहा कि अपनी स्थापना के बाद से ही बीएसएफ ने पूरे देश को पूर्ण सुरक्षा का आश्वासन दिया है, जिससे देश चिंतामुक्त रहा है। 

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उन्होंने कहा कि यह अत्यंत गौरव की बात है कि 1965 में मात्र 25 बटालियनों से शुरू हुआ यह बल आज 270,000 कर्मियों से युक्त बल बन गया है, जो इसे विश्व का सबसे बड़ा सीमा सुरक्षा बल बनाता है। देश की दो सबसे कठिन और संवेदनशील सीमाओं का प्रबंधन करते हुए बीएसएफ ने कभी पीछे नहीं हटी। चाहे कितनी भी चुनौतियाँ आईं हों, शत्रु को परास्त होना पड़ा; आपने कभी भारत का सिर नहीं झुकने दिया। राष्ट्रीय सुरक्षा की भव्य संरचना आपके अदम्य साहस, वीरता और सर्वोच्च बलिदानों पर दृढ़ता से टिकी है।

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