अनिल देशमुख ने जमानत के लिए उच्च न्यायालय का किया रुख, ईडी के आरोपों को बताया ‘झूठा’

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 24, 2022   19:30
अनिल देशमुख ने जमानत के लिए उच्च न्यायालय का किया रुख, ईडी के आरोपों को बताया ‘झूठा’

धनशोधन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख ने जमानत के लिए बंबई उच्च न्यायालय का रुख किया है। देशमुख को दो नवंबर 2021 को गिरफ्तार किया गया था और वह इस समय न्यायिक हिरासत में हैं।

मुंबई। धनशोधन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख ने जमानत के लिए बंबई उच्च न्यायालय का रुख किया है। देशमुख को दो नवंबर 2021 को गिरफ्तार किया गया था और वह इस समय न्यायिक हिरासत में हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के 71 वर्षीय नेता ने इस महीने की शुरुआत में विशेष अदालत से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद उच्च न्यायालय में मंगलवार को अधिवक्ता अनिकेत निकम और इंदरपाल सिंह के जरिये जमानत अर्जी दाखिल की।

इसे भी पढ़ें: केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय की योजनाओं को संघीय ढांचे की रक्षा करनी चाहिए: संसदीय समिति

उन्होंने अर्जी में दावा किया गया कि उन्हें ईडी ने ‘‘ फर्जी और हल्के’’ मामले में फंसाया है और केंद्रीय एजेंसी अपने अधिकार का दुरुपयोग कर रही है। महाराष्ट्र सरकार के मंत्रिमंडल से पिछले साल अप्रैल में इस्तीफा देने वाले देशमुख ने धनशोधन के लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ईडी द्वारा जिन कथित लेनदेन का हवाला दिया गया है वे दस्तावेज में दर्ज हैं।

इसे भी पढ़ें: मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग को सड़कों के रख-रखाव की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए

देशमुख की जमानत अर्जी पर शुक्रवार को उच्च न्यायालय की एकल पीठ में सुनवाई होने की उम्मीद है। वहीं धनशोधन रोधी अधिनियम (पीएमएलए) के मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष अदालत ने देशमुख की जमानत अर्जी खारिज करते हुए रेखांकित किया था कि ऐसे सबूत हैं जो संकेत करते हैं कि राकांपा नेता सक्रिय रूप से धनशोधन में शामिल थे।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।